
संवाद 24 डेस्क। भारतीय रेलवे में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री अनारक्षित यानी जनरल टिकट लेकर सफर करते हैं। खासकर छोटे शहरों, दैनिक यात्रियों और अचानक यात्रा करने वाले लोगों के लिए स्टेशन के टिकट काउंटर पर लगने वाली लंबी कतार अक्सर परेशानी का कारण बनती है। इसी समस्या को कम करने के लिए रेलवे ने डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा दिया है। अब यात्री RailOne App के जरिए मोबाइल से अनारक्षित टिकट बुक कर सकते हैं। रेलवे के अनुसार RailOne को यात्रियों के लिए एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। ऐप में अनारक्षित टिकट के साथ प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन की लाइव स्थिति, PNR संबंधी जानकारी और शिकायत दर्ज कराने जैसी सुविधाएं भी एकीकृत की गई हैं।
3 प्रतिशत छूट की खबर में क्या है नया अपडेट?
RailOne पर जनरल टिकट बुकिंग को लेकर 3 प्रतिशत छूट की योजना शुरुआत में 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक लागू की गई थी। उस दौरान RailOne ऐप से अनारक्षित टिकट खरीदने और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने पर यात्रियों को 3 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया था। यह सुविधा UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों के लिए लागू की गई थी। वहीं R-Wallet से भुगतान करने पर पहले से जारी 3 प्रतिशत बोनस कैशबैक की व्यवस्था अलग से जारी रखी गई थी।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण अपडेट है। 14 जुलाई 2026 को यह प्रारंभिक अवधि समाप्त हो गई, लेकिन रेलवे ने बाद में 3 प्रतिशत छूट की योजना को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने की घोषणा की है। दक्षिण रेलवे की ओर से जुलाई 2026 में साझा जानकारी के अनुसार RailOne पर अनारक्षित टिकटों के लिए सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों पर 3 प्रतिशत छूट की सुविधा 31 मार्च 2027 तक जारी रहेगी। R-Wallet से जुड़े 3 प्रतिशत कैशबैक की व्यवस्था भी अलग से जारी रहने की जानकारी दी गई है।
RailOne App आखिर है क्या?
RailOne भारतीय रेलवे का ऑल-इन-वन यात्री सेवा ऐप है, जिसे 1 जुलाई 2025 को लॉन्च किया गया था। रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक इसका उद्देश्य यात्रियों को अलग-अलग रेलवे सेवाओं के लिए कई ऐप इस्तेमाल करने की जरूरत कम करना है। RailOne में आरक्षित और अनारक्षित टिकटिंग, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन रनिंग स्टेटस, PNR जांच, शिकायत निवारण और अन्य यात्री सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने का प्रयास किया गया है। ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
मार्च 2026 में रेलवे मंत्रालय ने बताया था कि RailOne के 2.57 करोड़ डाउनलोड हो चुके थे और ऐप के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 7.64 लाख टिकट बुक किए जा रहे थे। इसमें आरक्षित और अनारक्षित दोनों तरह के टिकट शामिल थे। रेलवे के मुताबिक करीब 88 प्रतिशत आरक्षित टिकट ऑनलाइन बुक किए जा रहे हैं, जो रेलवे की बढ़ती डिजिटल टिकटिंग व्यवस्था को दर्शाता है।
जनरल टिकट बुक करने के लिए क्या करना होगा?
RailOne से अनारक्षित टिकट बुक करने के लिए सबसे पहले यात्री को ऐप डाउनलोड कर उसमें लॉगिन या रजिस्ट्रेशन करना होगा। रेलवे की व्यवस्था में मौजूदा RailConnect और UTS credentials का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इसके बाद यात्री को अनारक्षित टिकट के विकल्प पर जाकर यात्रा से जुड़ी आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होती है। उपलब्ध विकल्पों के अनुसार स्रोत स्टेशन, गंतव्य और यात्रा संबंधी विवरण भरकर टिकट बुक किया जा सकता है। भुगतान के लिए डिजिटल विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
डिजिटल टिकटिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यात्री को केवल जनरल टिकट लेने के लिए स्टेशन के काउंटर पर जाकर लंबी लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ता। खासकर व्यस्त स्टेशनों और पीक आवर्स में यह सुविधा यात्रियों के समय की बचत कर सकती है।
R-Wallet और 3 प्रतिशत छूट में क्या अंतर है?
RailOne की छूट को समझते समय R-Wallet और दूसरे डिजिटल पेमेंट माध्यमों के बीच अंतर समझना जरूरी है। रेलवे की शुरुआती योजना में R-Wallet से अनारक्षित टिकट खरीदने पर 3 प्रतिशत बोनस कैशबैक की व्यवस्था जारी थी। इसके अलावा 14 जनवरी से 14 जुलाई 2026 के लिए अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों पर 3 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया था।
बाद के विस्तार में भी रेलवे की ओर से बताया गया कि 31 मार्च 2027 तक डिजिटल भुगतान माध्यमों से RailOne पर अनारक्षित टिकट बुकिंग पर 3 प्रतिशत छूट का लाभ लिया जा सकता है, जबकि R-Wallet का 3 प्रतिशत कैशबैक अलग व्यवस्था के रूप में जारी है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले ऐप में प्रदर्शित अंतिम किराया और लागू लाभ को जरूर देखना चाहिए।
सिर्फ टिकट ही नहीं, कई दूसरी सुविधाएं भी एक ऐप में
RailOne को केवल टिकट बुकिंग ऐप के तौर पर देखना इसके उद्देश्य को सीमित कर देगा। रेलवे के अनुसार इसमें ट्रेन की लाइव रनिंग स्थिति, PNR संबंधी जानकारी, ट्रेन की जानकारी, शिकायत निवारण और अन्य यात्री सेवाओं को भी जोड़ा गया है। आधिकारिक रेलवे प्लेटफॉर्म पर RailOne को टिकट बुकिंग, ट्रेन स्टेटस, PNR और भोजन जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत ऐप के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है।
इसका फायदा उन यात्रियों को भी मिल सकता है जिन्हें यात्रा के दौरान अलग-अलग रेलवे सेवाओं के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म तलाशने पड़ते थे। एक ही ऐप में कई सेवाओं के आने से डिजिटल यात्रा अनुभव को सरल बनाने का प्रयास किया गया है।
UTS ऐप से RailOne की ओर क्यों बढ़ा रेलवे?
अनारक्षित टिकटिंग के लिए रेलवे का UTS on Mobile ऐप लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। लेकिन रेलवे ने डिजिटल सेवाओं को एकीकृत करने की दिशा में RailOne को आगे बढ़ाया। 2026 में UTS मोबाइल ऐप की सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से बंद कर RailOne की ओर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे रेलवे की रणनीति स्पष्ट होती है कि भविष्य में यात्री सेवाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उपलब्ध कराया जाए।
इस बदलाव का उद्देश्य केवल ऐप बदलना नहीं है। इसके पीछे रेलवे की बड़ी रणनीति डिजिटल टिकटिंग, कम कागजी प्रक्रिया और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक सेवा व्यवस्था विकसित करने की है।
किन यात्रियों के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी है RailOne?
RailOne से अनारक्षित टिकट बुकिंग की सुविधा दैनिक यात्रियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और अचानक यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है। जिन स्टेशनों पर टिकट काउंटर पर ज्यादा भीड़ रहती है, वहां मोबाइल से टिकट लेने की सुविधा समय बचाने में मदद कर सकती है।
हालांकि, यात्रियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मोबाइल से टिकट बुक करते समय सही स्टेशन, ट्रेन और यात्रा विवरण दर्ज करना जरूरी है। टिकट बुक होने के बाद उसके विवरण को जांच लेना चाहिए और रेलवे के मौजूदा नियमों के अनुसार यात्रा करनी चाहिए।
डिजिटल टिकटिंग से रेलवे को भी मिलेगा फायदा
अनारक्षित टिकटों की डिजिटल बुकिंग बढ़ने से रेलवे को टिकटिंग प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। यात्रियों की कतार कम होने से टिकट काउंटरों पर दबाव घट सकता है और लेन-देन की प्रक्रिया अधिक डिजिटल हो सकती है। रेलवे ने RailOne को डिजिटल यात्री सेवाओं के विस्तार से जोड़ते हुए इसे यात्रियों के लिए तेज और सुविधाजनक प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया है।
मोबाइल से टिकट, समय की बचत और डिजिटल यात्रा की ओर कदम
भारतीय रेलवे में जनरल टिकट लेने का पारंपरिक तरीका अब धीरे-धीरे डिजिटल विकल्पों से जुड़ रहा है। RailOne App इसी बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्टेशन की लंबी कतार से बचने के साथ-साथ यात्री मोबाइल से अनारक्षित टिकट बुक कर सकते हैं और लागू होने पर डिजिटल भुगतान के जरिए 3 प्रतिशत छूट का लाभ भी उठा सकते हैं। वर्तमान जानकारी के अनुसार यह विशेष छूट 31 मार्च 2027 तक जारी रखने की घोषणा की गई है।
हालांकि, रेलवे की योजनाओं और ऑफर की अवधि में समय-समय पर बदलाव संभव है। इसलिए टिकट बुक करते समय RailOne App में प्रदर्शित मौजूदा नियम, किराया और छूट की शर्तों को अंतिम आधार मानना बेहतर होगा। कुल मिलाकर RailOne केवल टिकट खरीदने का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की उस डिजिटल यात्रा का हिस्सा है जिसमें टिकटिंग से लेकर ट्रेन की स्थिति और यात्री सहायता तक कई सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश की जा रही है।






