मोबाइल फ्रॉड से बचाएंगे फोन के ये फीचर्स: Android और iPhone में ऐसे करें Scam Detection ऑन

संवाद 24 डेस्क। स्मार्टफोन अब हमारी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल साधन बन चुका है। बैंकिंग से लेकर खरीदारी, टिकट बुकिंग, निजी बातचीत और दस्तावेजों तक का बड़ा हिस्सा मोबाइल फोन के जरिए संचालित होता है। इसी वजह से साइबर अपराधियों के लिए भी मोबाइल फोन एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। फर्जी कॉल, SMS, WhatsApp संदेश, नकली लिंक और पहचान छिपाकर की जाने वाली ठगी के मामले सामने आते रहते हैं। इस बढ़ते जोखिम के बीच Google और Apple ने अपने मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम और संबंधित ऐप्स में कई ऐसे सुरक्षा फीचर उपलब्ध कराए हैं, जो संदिग्ध कॉल और संदेशों की पहचान करने में मदद कर सकते हैं।

कॉल उठाने से पहले ही मिल सकती है चेतावनी
आजकल साइबर ठगी का एक आम तरीका फोन कॉल है। अपराधी बैंक कर्मचारी, पुलिस अधिकारी, सरकारी विभाग, कूरियर कंपनी या किसी तकनीकी सहायता केंद्र का प्रतिनिधि बनकर लोगों से बात कर सकते हैं। बातचीत के दौरान वे डर या जल्दबाजी का माहौल बनाकर OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी मांगने की कोशिश करते हैं।
Google के कुछ समर्थित Pixel डिवाइसों में Scam Detection कॉल के दौरान संदिग्ध बातचीत के पैटर्न मिलने पर रीयल-टाइम चेतावनी दे सकता है। Google के अनुसार यह सुविधा भारत में Pixel 9 और उसके बाद के कुछ समर्थित मॉडल पर उपलब्ध है और डिवाइस पर ही मशीन लर्निंग/Gemini Nano का इस्तेमाल कर सकती है। हालांकि Google स्पष्ट करता है कि यह सुविधा हर स्कैम को नहीं पकड़ सकती और 100 प्रतिशत सटीक नहीं है।

Android फोन में Scam Detection ऐसे करें ऑन
यदि आपके समर्थित Pixel फोन में यह सुविधा उपलब्ध है तो इसे Phone ऐप > More > Settings > Scam Detection में जाकर सक्रिय किया जा सकता है। Google के मुताबिक यह सुविधा डिफॉल्ट रूप से बंद रहती है और उपयोगकर्ता की अनुमति के बाद सक्रिय होती है। कॉल के दौरान संदिग्ध पैटर्न मिलने पर फोन चेतावनी दे सकता है। Google के अनुसार इस फीचर की प्रोसेसिंग डिवाइस पर होती है और कॉल का ऑडियो या ट्रांसक्रिप्ट Google सर्वर पर भेजकर स्टोर नहीं किया जाता।
यहां यह समझना जरूरी है कि Android एक ही तरह का ऑपरेटिंग सिस्टम होते हुए भी अलग-अलग कंपनियों के फोन में सुरक्षा सुविधाएं अलग हो सकती हैं। इसलिए यदि आपके फोन में Scam Detection का विकल्प दिखाई नहीं देता है तो इसका मतलब यह नहीं कि फोन असुरक्षित है; संभव है कि आपका मॉडल, सॉफ्टवेयर संस्करण या क्षेत्र उस सुविधा के लिए समर्थित न हो।

Google Messages भी संदिग्ध SMS को पहचान सकता है
साइबर ठगी केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं है। फर्जी बैंक लिंक, KYC अपडेट, बिजली बिल, पार्सल, नौकरी और इनाम के नाम पर भेजे जाने वाले संदेश भी लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
Google Messages में Spam Protection संदिग्ध और संभावित रूप से हानिकारक संदेशों की पहचान कर सकता है। Google के अनुसार संदिग्ध संदेशों को स्पैम फोल्डर में भेजा जा सकता है और उपयोगकर्ता उन्हें रिपोर्ट भी कर सकता है। कुछ समर्थित Pixel डिवाइसों में Scam Detection चैट मैसेज की सूचनाओं में भी संदिग्ध पैटर्न को पहचानकर चेतावनी दे सकता है।
Google Messages में Spam Protection की सेटिंग देखने के लिए सामान्य तौर पर Messages > Profile Picture > Messages settings > Protection & Safety > Spam protection पर जाया जा सकता है। हालांकि सेटिंग का नाम या उपलब्धता फोन के संस्करण के अनुसार अलग हो सकती है।

iPhone में अनजान कॉल को पहले ही स्क्रीन कराएं
Apple ने iPhone में भी अनजान नंबरों से आने वाली कॉल को नियंत्रित करने के विकल्प दिए हैं। समर्थित सॉफ्टवेयर में Screen Unknown Callers के तहत उपयोगकर्ता यह चुन सकता है कि अनजान नंबर की कॉल सामान्य तरीके से आए, पहले कॉल करने वाले से कारण पूछा जाए या कॉल को सीधे साइलेंस कर दिया जाए। Apple के आधिकारिक निर्देश के अनुसार रास्ता है—Settings > Apps > Phone > Screen Unknown Callers।
‘Ask Reason for Calling’ विकल्प में अनजान नंबर से आने वाली कॉल को स्क्रीन किया जा सकता है। इससे उपयोगकर्ता को कॉल उठाने से पहले यह समझने में मदद मिल सकती है कि सामने वाला किस कारण संपर्क कर रहा है। वहीं ‘Silence’ विकल्प अनजान कॉल को साइलेंट करके वॉइसमेल की ओर भेज सकता है।

iPhone में अनजान संदेश भी अलग रखे जा सकते हैं
फर्जी SMS में अक्सर कोई संदिग्ध लिंक या तुरंत कार्रवाई करने का दबाव होता है। Apple ने iOS में अनजान सेंडर्स के संदेशों को अलग तरीके से व्यवस्थित करने के विकल्प दिए हैं। Apple के अनुसार iOS 26 में Screen Unknown Senders के जरिए अज्ञात नंबरों से आने वाले संदेशों को अलग क्षेत्र में रखा जा सकता है, जिससे वे सामान्य बातचीत के बीच आसानी से दिखाई न दें।
यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें रोजाना बड़ी संख्या में अनजान SMS मिलते हैं। फिर भी किसी संदेश को केवल इसलिए सुरक्षित नहीं मानना चाहिए क्योंकि वह फोन के मैसेज ऐप में दिखाई दे रहा है।

AI सुरक्षा के बावजूद खुद की सावधानी सबसे जरूरी
फोन में AI आधारित सुरक्षा फीचर आने के बावजूद उपयोगकर्ता की सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा परत बनी हुई है। Google खुद कहता है कि Scam Detection हर धोखाधड़ी को नहीं पकड़ सकता। इसी तरह Apple भी चेतावनी देता है कि ठग नकली पहचान, फर्जी Caller ID और तत्काल कार्रवाई के दबाव जैसी सामाजिक इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अगर कोई व्यक्ति फोन पर खुद को बैंक या सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर OTP, पासवर्ड, UPI PIN या सुरक्षा कोड मांगता है तो फोन में सुरक्षा फीचर मौजूद होने के बावजूद ऐसी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। संदिग्ध कॉल काटकर संबंधित संस्था के आधिकारिक नंबर पर स्वयं संपर्क करना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।

भारत में मोबाइल फ्रॉड के खिलाफ सरकारी स्तर पर भी कार्रवाई
मोबाइल आधारित धोखाधड़ी से निपटने के लिए भारत सरकार ने भी कई व्यवस्थाएं विकसित की हैं। दूरसंचार विभाग का Sanchar Saathi प्लेटफॉर्म संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संचार की रिपोर्ट करने के लिए Chakshu सुविधा प्रदान करता है। सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक नागरिकों से मिली संदिग्ध संचार की रिपोर्ट के आधार पर लाखों मोबाइल कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी थी।
यदि किसी व्यक्ति के साथ वित्तीय साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो भारत में 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए शिकायत की जा सकती है। CERT-In भी संदिग्ध लिंक, अनजान ऐप और खतरनाक APK से बचने तथा साइबर घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की सलाह देता है।

अगर कोई संदिग्ध कॉल आए तो तुरंत क्या करें?
सबसे पहले कॉल करने वाले के दबाव में आकर कोई वित्तीय या निजी जानकारी साझा न करें। OTP, UPI PIN, पासवर्ड और बैंकिंग सुरक्षा कोड कभी फोन पर साझा नहीं करने चाहिए। यदि कॉल करने वाला किसी बैंक या संस्था से होने का दावा करता है तो उसी कॉल पर दिए गए नंबर या लिंक का इस्तेमाल करने के बजाय संस्था की आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क नंबर प्राप्त करें।
इसी तरह किसी SMS या WhatsApp संदेश में आए लिंक पर जल्दबाजी में क्लिक न करें। Apple भी संदिग्ध संदेशों के लिंक या अटैचमेंट खोलने से बचने और विश्वसनीय स्रोत से ही सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने की सलाह देता है।

फोन की सुरक्षा के लिए ये पांच आदतें अपनाएं
साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सबसे पहले फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम और सुरक्षा अपडेट समय पर इंस्टॉल करें। दूसरा, अनजान स्रोतों से APK या ऐप डाउनलोड न करें। तीसरा, Google Play Protect जैसी सुरक्षा सुविधा चालू रखें। चौथा, ऐप्स को दी गई SMS, कॉल, माइक्रोफोन, कैमरा और अन्य संवेदनशील अनुमतियों की समय-समय पर समीक्षा करें। पांचवां, किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश में मांगी गई गोपनीय जानकारी साझा न करें। CERT-In भी अनजान APK से बचने, संदिग्ध लिंक न खोलने और आवश्यक सुरक्षा अपडेट लगाने की सलाह देता है।

सुरक्षा फीचर मददगार हैं, लेकिन अंतिम फैसला आपका
स्मार्टफोन कंपनियां अब AI और मशीन लर्निंग की मदद से फोन कॉल और संदेशों में संभावित धोखाधड़ी पहचानने की कोशिश कर रही हैं। Android के समर्थित Pixel डिवाइसों में रीयल-टाइम Scam Detection और Google Messages में Spam Protection जैसे विकल्प हैं, जबकि iPhone में अनजान कॉल और संदेशों को स्क्रीन या फिल्टर करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
लेकिन इन सुविधाओं को गारंटी या पूर्ण सुरक्षा कवच नहीं माना जा सकता। साइबर अपराधी लगातार अपने तरीके बदलते रहते हैं। इसलिए फोन में उपलब्ध सुरक्षा फीचर सक्रिय रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि उपयोगकर्ता किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, PIN, पासवर्ड या पैसे ट्रांसफर न करे। डिजिटल सुरक्षा में तकनीक और जागरूकता—दोनों की भूमिका बराबर महत्वपूर्ण है।

Geeta Singh
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