
महाभारत, कौटिल्य का अर्थशास्त्र और राजतरंगिणी: भारत के तीन प्राचीन ग्रंथों को मिली वैश्विक पहचान
संवाद 24 डेस्क। भरत की प्राचीन सभ्यता केवल मंदिरों, स्मारकों, धार्मिक परंपराओं और स्थापत्य कला तक सीमित नहीं है। इसकी सबसे बड़ी ताकत उन ग्रंथों में भी छिपी है, जिनमें हजारों वर्षों के सामाजिक अनुभव, राजनीतिक चिंतन, नैतिक मूल्य, युद्ध…









