
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 13 अगस्त 2026, गुरुवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – प्रतिपदा रात 08:43 PM तक, तत्पश्चात् द्वितीया
वार – गुरुवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – आश्लेषा सुबह 06:07 AM तक, तत्पश्चात् मघा अगले दिन (14 अगस्त) तड़के 04:39 AM तक, तत्पश्चात् पूर्वा फाल्गुनी
योग – वरीयान दोपहर 12:16 PM तक, तत्पश्चात् परिघ
करण – किस्तुघ्न प्रातः 09:52 AM तक, तत्पश्चात् बव रात 08:43 PM तक, तत्पश्चात् बालव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:41 AM
सूर्यास्त – 06:51 PM
चन्द्रोदय – 06:02 AM
चन्द्रास्त – शाम 07:21 PM
चन्द्र राशि – कर्क प्रातः 06:07 AM तक, तत्पश्चात् सिंह
अभिजित मुहूर्त – 11:50 AM से 12:42 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:25 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 01:55 PM से 03:34 PM तक
यमगण्ड – 05:41 AM से 07:20 AM तक
गुलिक काल – 10:04 AM से 10:57 AM तक
दुर्मुहूर्त – 10:04 AM से 10:57 AM तक एवं दोपहर 03:20 PM से 04:13 PM तक
कंटक – 03:20 PM से 04:13 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 05:06 PM से 05:59 PM तक
यमघण्ट – 06:33 AM से 07:26 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 08:58 AM से 10:37 AM तक
शुभ चौघड़िया
शुभ – 05:41 AM से 07:20 AM तक
चर – 10:37 AM से 12:16 PM तक
लाभ – 12:16 PM से 01:55 PM तक
अमृत – 01:55 PM से 03:34 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – दक्षिण
यात्रा उपाय – गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दही या जीरा खाकर अथवा देवगुरु बृहस्पति का ध्यान कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
श्रावण शुक्ल प्रतिपदा / मघा नक्षत्र (गंडमूल)
आज से श्रावण मास के शुक्ल पक्ष का शुभारंभ हो रहा है। आज सुबह 06:07 AM के बाद केतु के स्वामित्व वाले ‘मघा नक्षत्र’ का आगमन होगा, जो गंडमूल श्रेणी में आता है। अतः नवजात शिशुओं और शुभ अनुष्ठानों के लिए मूल शांति का विचार करें।
मघा नक्षत्र का प्रभाव
सुबह 06:07 AM के बाद पूरे दिन और रात मघा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी केतु देव और अधिपति पितृगण हैं। यह नक्षत्र पैतृक आशीर्वाद, सत्ता, उच्च पद, नेतृत्व क्षमता और पुराने लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए फलदायी माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज प्रातः 06:07 AM पर चन्द्रमा कर्क राशि से निकलकर सूर्य देव की स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे। सिंह राशि में चन्द्रमा का संचरण जातकों में असीम आत्मविश्वास, प्रशासनिक क्षमता और तेज में वृद्धि करेगा। शुभ कार्यों के लिए दोपहर के अभिजित मुहूर्त का उपयोग करें।

आज का राशिफल – 13 अगस्त 2026 गुरुवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन सफलता दिलाने वाला रहेगा। संतान पक्ष से मन प्रसन्न रहेगा। बौद्धिक क्षमता से व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होगा।
उपाय – भगवान विष्णु को पीला चंदन और तुलसी दल अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
भौतिक सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी, मकान या वाहन के क्रय-विक्रय का मन बन सकता है। माता का पूरा सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उपाय – केले के वृक्ष में जल चढ़ाएं और चने की दाल का दान करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्राएं अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी और आपके नए संपर्क बनेंगे।
उपाय – भगवान गणेश को बेसन के मोदक का भोग लगाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन अत्यंत मजबूत रहने वाला है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। आपकी वाणी का प्रभाव दूसरों को आकर्षित करेगा, जिससे काम बनेंगे।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
प्रातः काल के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर करेंगे, जिससे मानसिक स्फूर्ति और आत्मविश्वास बना रहेगा। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे और आपकी पूछ-परख बढ़ेगी।
उपाय – मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
अनावश्यक दौड़भाग और खर्चों से मन थोड़ा चिंतित रह सकता है। दूर की यात्राओं के योग बन रहे हैं। लेन-देन के मामलों में आंख मूंदकर किसी पर भरोसा न करें।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आय के स्रोतों में अप्रत्याशित वृद्धि होने के योग बन रहे हैं। पुराने किए गए निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
नौकरी और आजीविका के क्षेत्र में आज शानदार सफलता मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्यों की सराहना करेंगे। कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद अर्पित करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगेगा। किसी मंदिर या धार्मिक स्थल की यात्रा की रूपरेखा बन सकती है।
उपाय – देवगुरु बृहस्पति के मंत्र ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ का जप करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें और वाहन सावधानी से चलाएं। गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें।
उपाय – महामृत्युंजय मंत्र का मानसिक जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बनी रहेगी। साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। सामाजिक जीवन में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
प्रतिद्वंद्वियों और शत्रुओं पर आपकी विजय सुनिश्चित होगी। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी।
उपाय – भगवान सत्यनारायण की कथा का श्रवण करें।
॥ शुभम भवतु ॥

