
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 25 सितंबर 2026, शुक्रवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – भाद्रपद (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – चतुर्दशी रात्रि 11:08 PM तक, तत्पश्चात् पूर्णिमा
वार – शुक्रवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – शतभिषा पूर्वाह्न 11:23 AM तक, तत्पश्चात् पूर्वाभाद्रपद
योग – शूल अपराह्न 02:50 PM तक, तत्पश्चात् गण्ड
करण – गर पूर्वाह्न 11:19 AM तक, तत्पश्चात् वणिज रात्रि 11:08 PM तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:01 AM
सूर्यास्त – 06:05 PM
चन्द्रोदय – 05:12 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (26 सितंबर) 05:25 AM
चन्द्र राशि – कुंभ अगले दिन (26 सितंबर) प्रातः 05:33 AM तक, तत्पश्चात् मीन
अभिजित मुहूर्त – 11:39 AM से 12:27 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:04 PM से 02:52 PM तक
अशुभ काल
राहुकाल – 10:32 AM से 12:03 PM तक
यमगण्ड – 03:04 PM से 04:34 PM तक
गुलिक काल – 07:31 AM से 09:02 AM तक
दुर्मुहूर्त – 08:26 AM से 09:14 AM तक एवं 12:27 PM से 01:15 PM तक
कंटक – 01:15 PM से 02:04 PM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 06:01 AM से 07:31 AM तक
लाभ – 07:31 AM से 09:02 AM तक
अमृत – 09:02 AM से 10:32 AM तक
शुभ – 12:03 PM से 01:34 PM तक
चर – 04:34 PM से 06:05 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो राई (सरसों) या जौ खाकर अथवा शीशा (दर्पण) देखकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
अनंत चतुर्दशी व्रत एवं गणेश विसर्जन
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को ‘अनंत चतुर्दशी’ का महापर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु के अनंत रूप की पूजा कर चौदह गांठों वाला अनंत सूत्र बांधा जाता है। साथ ही दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन और श्री गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन भी इसी पावन तिथि पर किया जाता है।
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र एवं पंचक
पूर्वाह्न 11:23 के बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ होगा, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति और अधिपति देव अजैकपाद हैं। चन्द्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में संचरण करेंगे, जिसके कारण पंचक प्रभावी रहेगा। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र तंत्र, साधना, आध्यात्मिक अनुष्ठान और गंभीर कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज दिनभर चन्द्रमा कुंभ राशि में रहेंगे, जिससे सामाजिक कार्यों और सार्वजनिक संपर्कों में सक्रियता रहेगी। दोपहर 02:50 तक शूल योग रहने से वित्तीय समझौतों में थोड़ी सावधानी बरतें। रात्रि 11:08 के बाद भद्रा प्रारंभ होगी, अतः इसके बाद कोई भी मांगलिक कार्य आरंभ न करें।

आज का राशिफल – 25 सितंबर 2026 शुक्रवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
एकादश भाव में चन्द्रमा आय के नवीन साधन निर्मित करेंगे। व्यावसायिक नेटवर्क का विस्तार होगा और मित्रों से महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा। सोचे हुए कार्य समय पर पूरे होंगे।
उपाय – माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई या खीर अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दशम भाव में चन्द्रमा कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा और प्रभाव में वृद्धि करेंगे। उच्चाधिकारियों का समर्थन मिलेगा। व्यापार में नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के योग हैं।
उपाय – छोटी कन्याओं को मिश्री या फल बांटें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
नवम भाव में चन्द्रमा भाग्य का पूर्ण सहयोग दिलाएंगे। धार्मिक व मांगलिक आयोजनों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद फलेगा।
उपाय – भगवान विष्णु के मंदिर में कपूर जलाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
अष्टम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से स्वास्थ्य और खानपान पर विशेष ध्यान दें। वाहन सावधानी से चलाएं और अनचाहे विवादों से बचें। वित्तीय मामलों में जोखिम न लें।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
सप्तम भाव में चन्द्रमा दाम्पत्य जीवन में सुख और प्रेम बनाए रखेगा। साझेदारी के व्यवसाय में उत्तम लाभ होगा। सामाजिक जीवन में सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – श्री सूक्त या कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
षष्ठ भाव में चन्द्रमा आपके विरोधियों और शत्रुओं को शांत रखेगा। नौकरीपेशा लोगों को अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा। पुराने कर्जों से राहत मिलेगी।
उपाय – भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
पंचम भाव में चन्द्रमा बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करेगा। विद्यार्थियों को अध्ययन और शोध में सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा।
उपाय – शुक्रवार के दिन गुलाबी या हल्के सफेद वस्त्र पहनें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
चतुर्थ भाव में चन्द्रमा पारिवारिक मामलों में व्यस्त रखेगा। भूमि, भवन या वाहन से जुड़ा काम पूरा हो सकता है। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय – लक्ष्मी नारायण जी को गुलाब का इत्र अर्पित करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
तृतीय भाव में चन्द्रमा आपके पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा। भाई-बहनों और मित्रों का सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक संपर्कों से लाभ होगा।
उपाय – मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
धन भाव में चन्द्रमा आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। अटका हुआ धन वापस आने की संभावना बनेगी। परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को सफेद अन्न (चावल, चीनी) का दान करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे मानसिक स्पष्टता और निर्णय शक्ति मजबूत होगी। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और योजनाएं सफल होंगी।
उपाय – भगवान शिव को अक्षत (साबुत चावल) चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
द्वादश भाव में चन्द्रमा के कारण दिन में कुछ अनावश्यक भागदौड़ या खर्च हो सकते हैं। दूरस्थ संपर्कों से लाभ होगा। मानसिक शांति के लिए योग-ध्यान करें।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
॥ शुभम भवतु ॥

