
तिर्वा, कन्नौज। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तिर्वा नगर के तत्वावधान में संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन मेडिकल कॉलेज प्रेक्षागार, तिर्वा में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रभाव से जुड़े उद्घोषों के साथ हुई। आयोजन में युवाओं की भूमिका, संस्कार, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर संवाद हुआ।
‘युवा केवल अपने लिए नहीं, राष्ट्र के लिए भी समय निकालें’
कार्यक्रम के दौरान युवाओं से व्यक्तिगत उन्नति के साथ समाज और राष्ट्र के लिए भी समय देने की आवश्यकता पर विचार रखा गया। वक्ताओं ने युवाओं को केवल रोजगार और व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहकर विचार और चिंतन के क्षेत्र में सक्रिय होने का संदेश दिया। संघ के शताब्दी वर्ष में देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रमों में भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक भूमिका से जोड़ने पर जोर दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
मुख्य वक्ता मनोज जी ने युवाओं के सवालों का दिया जवाब
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मनोज जी, क्षेत्र संपर्क प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश उपस्थित रहे। उन्होंने वर्तमान भारत में युवाओं की भूमिका पर विचार रखते हुए कार्यक्रम में मौजूद युवाओं के प्रश्नों के उत्तर दिए।उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए भारत की युवा शक्ति, उसके वैश्विक योगदान और नए भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। उनके संबोधन में स्वनिर्माण से समाज और राष्ट्र के निर्माण तथा विश्व कल्याण की दिशा में योगदान देने की बात प्रमुख रूप से सामने आई।
‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना पर भी चर्चा
संवाद के दौरान भारतीय चिंतन परंपरा में निहित ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए भारत की वैश्विक दृष्टि और मानव कल्याण से जुड़े विचारों पर चर्चा की गई। संघ की ओर से शताब्दी वर्ष के संदर्भ में सामाजिक समरसता, सेवा, नागरिक दायित्व और परिवार जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी जा रही है।
अध्यक्षीय संबोधन में युवाओं के चरित्र निर्माण पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चहर, प्राचार्य, भीमराव रामजी आंबेडकर मेडिकल कॉलेज, तिर्वा, कन्नौज ने की। अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने युवाओं के चरित्र, सदाचार, कर्मठता और परिश्रम को महत्वपूर्ण बताते हुए देश निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका पर अपने विचार रखे।उन्होंने युवाओं से अपने आचरण और कर्म के माध्यम से समाज एवं देश के निर्माण में सकारात्मक योगदान देने का संदेश दिया।
संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में युवा रहे मौजूद
कार्यक्रम में राहुल जी, विभाग प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, फर्रुखाबाद; धनंजय जी, जिला प्रचारक, कन्नौज; विजयपाल जी, नगर संघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, तिर्वा नगर; अनिल जी, नगर कार्यवाह, तिर्वा नगर; विष्णु जी, सह नगर कार्यवाह सहित वीरेश जी, अभिनव जी, रवि जी तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
युवा संवाद के जरिए विचार से जुड़ने का संदेश
कार्यक्रम का केंद्रीय भाव युवाओं को अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने, संस्कार एवं राष्ट्रभाव से जुड़ने तथा समाज के प्रति अपने दायित्व को समझने से संबंधित रहा। संघ के शताब्दी वर्ष में देश के अलग-अलग स्थानों पर हुए युवा संवादों की रिपोर्टों में भी युवाओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद और उनके प्रश्नों पर चर्चा को कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।कार्यक्रम के समापन अवसर पर ‘वंदे मातरम्’, ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ राष्ट्र और संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया गया।






