
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 23 सितंबर 2026, बुधवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – भाद्रपद (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – द्वादशी रात्रि 10:52 PM तक, तत्पश्चात् त्रयोदशी
वार – बुधवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – श्रवण प्रातः 09:09 AM तक, तत्पश्चात् धनिष्ठा
योग – सुकर्मा सायं 04:26 PM तक, तत्पश्चात् धृति
करण – बव प्रातः 10:23 AM तक, तत्पश्चात् बालव रात्रि 10:52 PM तक, तत्पश्चात् कौलव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:00 AM
सूर्यास्त – 06:07 PM
चन्द्रोदय – 04:10 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (24 सितंबर) 03:30 AM
चन्द्र राशि – मकर रात्रि 09:57 PM तक, तत्पश्चात् कुंभ
अभिजित मुहूर्त – कोई नहीं
विजय मुहूर्त – 02:05 PM से 02:53 PM तक
अशुभ काल
राहुकाल – 12:04 PM से 01:34 PM तक
यमगण्ड – 07:31 AM से 09:02 AM तक
गुलिक काल – 10:33 AM से 12:04 PM तक
दुर्मुहूर्त – 11:39 AM से 12:28 PM तक
कंटक – 04:30 PM से 05:19 PM तक
शुभ चौघड़िया
लाभ – 06:00 AM से 07:31 AM तक
अमृत – 07:31 AM से 09:02 AM तक
शुभ – 10:33 AM से 12:04 PM तक
चर – 03:05 PM से 04:36 PM तक
लाभ – 04:36 PM से 06:07 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो तिल या धनिया खाकर अथवा भगवान श्रीगणेश का ध्यान करके प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
वामन द्वादशी एवं प्रदोष पूर्वार्ध
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि ‘वामन द्वादशी’ के रूप में मान्य है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु के वामन अवतार की आराधना, दान और कथा श्रवण करने से समस्त पापों का क्षय तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। रात्रि में द्वादशी उपरांत त्रयोदशी तिथि का प्रवेश होगा।
धनिष्ठा नक्षत्र एवं पंचक विचार
प्रातः 09:09 तक श्रवण नक्षत्र रहेगा, तत्पश्चात् धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा। रात्रि 09:57 पर जब चन्द्रमा मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, तब से पंचक प्रारंभ हो जाएगा। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल और अधिपति देव अष्टवसु हैं, जो यश, धन और पराक्रम प्रदान करने वाला नक्षत्र माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज दिन में अभिजित मुहूर्त नहीं रहेगा। सायं 04:26 तक सुकर्मा योग का प्रभाव रहने से व्यापारिक और धार्मिक कार्य शुभ फलदायी होंगे। रात्रि 09:57 तक चन्द्रमा मकर राशि में और उसके बाद कुंभ राशि में संचरण करेंगे, जिससे दिन के उत्तरार्ध में सामाजिक संपर्क और नई योजनाओं में प्रगति देखने को मिलेगी।

आज का राशिफल – 23 सितंबर 2026 बुधवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दशम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। वरिष्ठ अधिकारियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। रात्रि के बाद आकस्मिक धन लाभ के योग बनेंगे।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
नवम भाव में चन्द्रमा भाग्य की वृद्धि करेंगे। धार्मिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। पिता और गुरुजनों का मार्गदर्शन कठिन कार्यों को सरल बनाएगा।
उपाय – तुलसी के पौधे में जल दें और दीपक जलाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
अष्टम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से स्वास्थ्य और खानपान पर विशेष ध्यान दें। जल्दबाजी में कोई वित्तीय निर्णय न लें। रात्रि के बाद भाग्य का सहयोग मिलने लगेगा।
उपाय – गाय को हरी घास या हरी सब्जियां खिलाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
सप्तम भाव में चन्द्रमा दाम्पत्य जीवन में सुख और प्रेम बनाए रखेगा। साझेदारी के व्यवसाय में उत्तम लाभ की संभावना है। मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
षष्ठ भाव में चन्द्रमा विरोधियों पर आपकी विजय सुनिश्चित करेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। पुराने कर्जों से मुक्ति का मार्ग खुलेगा।
उपाय – सूर्यदेव को तांबे के पात्र से अर्घ्य दें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
पंचम भाव में चन्द्रमा बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करेगा। विद्यार्थियों को अध्ययन और शोध में सफलता मिलेगी। संतान पक्ष की ओर से शुभ समाचार मिलेगा।
उपाय – श्री गणेश संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
चतुर्थ भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से भौतिक सुख-सुविधाओं पर ध्यान रहेगा। भूमि, भवन या वाहन से संबंधित काम आगे बढ़ेंगे। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय – किसी कन्या को सफेद मिठाई या फल दान करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
तृतीय भाव में चन्द्रमा आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि करेगा। भाई-बहनों और मित्रों का सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक संपर्कों से लाभ होगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
धन भाव में चन्द्रमा आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा और अटका हुआ धन वापस आने की संभावना बनेगी।
उपाय – मस्तक पर हल्दी या पीले चंदन का तिलक लगाएं।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
रात्रि तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में रहेंगे, जिससे मानसिक स्पष्टता और निर्णय शक्ति मजबूत रहेगी। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और सोचे हुए कार्य पूरे होंगे।
उपाय – भगवान शिव को जल और बेलपत्र चढ़ाएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
द्वादश भाव में चन्द्रमा के कारण दिन में कुछ अनावश्यक खर्च हो सकते हैं। दूरस्थ संपर्कों से लाभ होगा। रात्रि 09:57 के बाद चन्द्रमा आपकी राशि में आने से मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
एकादश भाव में चन्द्रमा आय के नए स्रोत प्रदान करेगा। पुराने निवेश से अच्छा मुनाफा मिल सकता है। मित्रों का सहयोग मनोबल को ऊंचा रखेगा।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
॥ शुभम भवतु ॥

