
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 05 नवंबर 2026, गुरुवार
कालगणना
युगाब्द – 5128 (कलि संवत्)
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आश्विन (अमांत), कार्तिक (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – एकादशी प्रातः 10:37 AM तक, तत्पश्चात् द्वादशी
वार – गुरुवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – उत्तर फाल्गुनी अगले दिन (06 नवंबर) प्रातः 03:56 AM तक, तत्पश्चात् हस्त
योग – ऐन्द्र प्रातः 06:25 AM तक, तत्पश्चात् वैधृति अगले दिन प्रातः 05:08 AM तक
करण – बालव प्रातः 10:37 AM तक, तत्पश्चात् कौलव रात्रि 10:31 PM तक, तत्पश्चात् तैतिल
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:24 AM
सूर्यास्त – 05:25 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (06 नवंबर) 03:30 AM
चन्द्रास्त – दोपहर 02:54 PM
चन्द्र राशि – सिंह प्रातः 09:34 AM तक, तत्पश्चात् कन्या
अभिजित मुहूर्त – 11:33 AM से 12:17 PM तक
दिन काल – 11 घंटे 01 मिनट 19 सेकंड
अशुभ काल
राहुकाल – 01:17 PM से 02:40 PM तक
यमगण्ड – 06:24 AM से 07:47 AM तक
गुलिक काल – 09:09 AM से 10:32 AM तक
दुर्मुहूर्त – 10:04 AM से 10:49 AM तक एवं 02:29 PM से 03:13 PM तक
कुलिक – 10:04 AM से 10:49 AM तक
कालवेला / अर्द्धयाम – 03:57 PM से 04:41 PM तक
कंटक – 02:29 PM से 03:13 PM तक
यमघण्ट – 07:08 AM से 07:52 AM तक
शुभ चौघड़िया (दिन)
शुभ – 06:24 AM से 07:47 AM तक
चर – 10:32 AM से 11:55 AM तक
लाभ – 11:55 AM से 01:17 PM तक
अमृत – 01:17 PM से 02:40 PM तक
शुभ – 04:03 PM से 05:25 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – दक्षिण
यात्रा उपाय – गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा टालने का प्रयास करें। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो दही या जीरा खाकर अथवा भगवान श्री हरि विष्णु का ध्यान करके प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
रमा एकादशी व्रत एवं गोवत्स द्वादशी
आज कार्तिक कृष्ण पक्ष की परम कल्याणकारी ‘रमा एकादशी’ का व्रत रखा जाएगा। प्रातः 10:37 बजे एकादशी तिथि पूर्ण होकर द्वादशी तिथि का आरंभ होगा, जिसके चलते ‘गोवत्स द्वादशी’ (बछ बारस) का पर्व भी मनाया जाएगा। भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की आराधना के साथ-साथ गौ माता और बछड़े के पूजन से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव
दिन-रात सूर्य देव के आधिपत्य वाले ‘उत्तर फाल्गुनी’ नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। जिसके अधिपति देवता ‘अर्यमा’ हैं। यह नक्षत्र स्थिरता, मित्रता, परोपकार, विवाह संबंधी वार्ताओं और नए अनुबंधों के लिए उत्तम माना गया है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज प्रातः 09:34 पर चन्द्रमा बुध की राशि कन्या में प्रवेश कर जाएंगे। गुरुवार के दिन एकादशी तिथि, उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र और कन्या राशि के चन्द्रमा का यह संयोग आध्यात्मिक कार्यों, दान-पुण्य, शिक्षा एवं व्यापारिक उन्नति के लिए अत्यंत मंगलकारी योग बना रहा है।

आज का राशिफल – 05 नवंबर 2026 गुरुवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
षष्ठ भाव में चन्द्रमा का गोचर शत्रुओं और विरोधियों पर आपकी विजय सुनिश्चित करेगा। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य का थोड़ा ध्यान रखें।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
पंचम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से बौद्धिक क्षमता और निर्णय शक्ति में वृद्धि होगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होगा। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं।
उपाय – गाय को गुड़ और भीगे हुए चने की दाल खिलाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
चतुर्थ भाव में चन्द्रमा रहने से पारिवारिक सुख-साधनों में वृद्धि होगी। माता का स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होगा। भूमि-वाहन से जुड़े कार्यों में गति आएगी।
उपाय – ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
तृतीय भाव में चन्द्रमा आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि करेंगे। छोटे भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा। छोटी और लाभकारी यात्राओं के योग हैं।
उपाय – भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
द्वितीय भाव में चन्द्रमा का गोचर आर्थिक समृद्धि प्रदान करेगा। परिवार में मांगलिक वातावरण रहेगा। अपनी मधुर वाणी से अटके कार्य पूरे कराएंगे।
उपाय – मस्तक पर केसर अथवा पीले चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
प्रातः काल के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक ऊर्जा और आकर्षण बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की सराहना होगी।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ या श्रवण करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दिन के पूर्वार्ध में अनावश्यक खर्चों और भागदौड़ पर नियंत्रण रखें। दूरस्थ स्थानों या विदेशी संपर्कों से लाभ के योग बनेंगे। दान-पुण्य में मन लगेगा।
उपाय – केले के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
एकादश भाव में चन्द्रमा आय के नवीन स्रोत खोलेंगे। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी। व्यापार में पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है।
उपाय – संकटमोचन हनुमानष्टक का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दशम भाव में चन्द्रमा कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा और प्रभाव में वृद्धि करेंगे। उच्चाधिकारियों का मार्गदर्शन मिलेगा। सामाजिक दायरा बढ़ेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को पीला अन्न या फल दान करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
भाग्य भाव में चन्द्रमा का गोचर धर्म और अध्यात्म में रुचि बढ़ाएगा। उच्च अध्ययन के विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। व्यावसायिक यात्रा सफल होगी।
उपाय – भगवान श्री कृष्ण को तुलसी दल अर्पित करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
स्वास्थ्य और खानपान के प्रति सतर्कता बरतें। किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें। गुप्त विद्याओं और शोध कार्यों में सफलता मिलेगी।
उपाय – पक्षियों को अनाज डालें और ॐ नमः शिवाय का जप करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
सप्तम भाव में चन्द्रमा दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ाएंगे। साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – श्री सूक्त अथवा कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥

