
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 01 नवंबर 2026, रविवार
कालगणना
युगाब्द – 5128 (कलि संवत्)
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आश्विन (अमांत), कार्तिक (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – सप्तमी दोपहर 02:53 PM तक, तत्पश्चात् अष्टमी
वार – रविवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पुष्य अगले दिन (02 नवंबर) प्रातः 04:31 AM तक, तत्पश्चात् आश्लेषा
योग – साध्य दोपहर 02:38 PM तक, तत्पश्चात् शुभ
करण – बव दोपहर 02:53 PM तक, तत्पश्चात् बालव अगले दिन 01:59 AM तक, तत्पश्चात् कौलव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:21 AM
सूर्यास्त – 05:28 PM
चन्द्रोदय – रात 11:26 PM
चन्द्रास्त – दोपहर 12:33 PM
चन्द्र राशि – कर्क
अभिजित मुहूर्त – 11:32 AM से 12:17 PM तक
दिन काल – 11 घंटे 06 मिनट 52 सेकंड
अशुभ काल
राहुकाल – 04:05 PM से 05:28 PM तक
यमगण्ड – 11:55 AM से 01:18 PM तक
गुलिक काल – 02:41 PM से 04:05 PM तक
दुर्मुहूर्त – 03:59 PM से 04:44 PM तक
कुलिक – 03:59 PM से 04:44 PM तक
कालवेला / अर्द्धयाम – 11:32 AM से 12:17 PM तक
कंटक – 10:04 AM से 10:48 AM तक
यमघण्ट – 01:01 PM से 01:46 PM तक
शुभ चौघड़िया (दिन)
चर – 07:44 AM से 09:08 AM तक
लाभ – 09:08 AM से 10:31 AM तक
अमृत – 10:31 AM से 11:54 AM तक
शुभ – 01:18 PM से 02:41 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालने का प्रयास करें। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो पान अथवा घी खाकर या सूर्य देव को जल अर्पित कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
रवि-पुष्य नक्षत्र एवं अहोई अष्टमी व्रत
आज रविवार के दिन ‘पुष्य नक्षत्र’ का महासंयोग बन रहा है, जिसे शास्त्रों में ‘रवि-पुष्य योग’ कहा गया है। यह योग नवीन निवेश, भूमि-भवन व स्वर्ण-आभूषण की खरीदारी तथा शुभ कार्यों के आरंभ हेतु सर्वोत्तम माना गया है। साथ ही दोपहर 02:53 के बाद अष्टमी तिथि लगने से संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि हेतु रखा जाने वाला ‘अहोई अष्टमी’ का पावन व्रत आरंभ होगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा अपनी स्वराशि कर्क में पूर्ण दिवस-रात्रि संचरण करेंगे। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनिदेव और कर्क राशि के स्वामी चन्द्रमा होने से आज का दिन मानसिक स्थिरता, आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और व्यापारिक विकास के लिए अत्यधिक फलदायी रहेगा। दोपहर तक साध्य योग और उसके बाद शुभ योग का संयोग रहेगा।

आज का राशिफल – 01 नवंबर 2026 रविवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चतुर्थ भाव में स्वराशि के चन्द्रमा से पारिवारिक सुख-शांति में वृद्धि होगी। भूमि, भवन या वाहन से संबंधित योजनाओं में सफलता मिलेगी।
उपाय – भगवान सूर्य को तांबे के लोटे से रोली मिश्रित जल अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। भाई-बहनों और मित्रों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। छोटी दूरी की यात्राएं लाभदायक सिद्ध होंगी।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
धन भाव में चन्द्रमा का गोचर आर्थिक मजबूती लाएगा। संचित धन में वृद्धि होगी और मधुर वाणी से महत्वपूर्ण कार्य संपन्न होंगे।
उपाय – गौ माता को गुड़ और गेहूं की रोटी खिलाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आपकी ही राशि में चन्द्रमा का संचरण मानसिक संतुष्टि और ऊर्जा प्रदान करेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और नए अवसर सामने आएंगे।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध व जल अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दिन के पूर्वार्ध में भागदौड़ और खर्चों की अधिकता रह सकती है। बाहरी संपर्कों से लाभ मिलेगा। आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा।
उपाय – गायत्री मंत्र का 108 बार शांत मन से जप करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आय के साधनों में वृद्धि होगी। रवि-पुष्य योग के प्रभाव से पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को लाल फल या अन्न का दान करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दशम भाव में चन्द्रमा कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता और पदोन्नति के योग बना रहे हैं। उच्चाधिकारियों और पिता का पूर्ण सहयोग मिलेगा।
उपाय – मस्तक पर केसर या लाल चंदन का तिलक लगाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा। धार्मिक व मांगलिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। उच्च अध्ययन के विद्यार्थियों के लिए दिन शुभ है।
उपाय – हनुमान जी को चोला या लाल सिंदूर अर्पित करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
स्वास्थ्य और खानपान के प्रति सतर्कता बरतें। गुप्त विद्याओं और शोध कार्यों में प्रगति होगी। रवि-पुष्य योग में धन संचय पर ध्यान दें।
उपाय – सूर्य देव के बीज मंत्र ॐ घृणिः सूर्याय नमः का जप करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दांपत्य जीवन में मधुरता और सहयोग बढ़ेगा। साझेदारी के व्यापार में नए अनुबंध हो सकते हैं। दैनिक रोजगार में उत्तम लाभ होगा।
उपाय – पीपल के वृक्ष के मूल में जल अर्पित करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
शत्रुओं और प्रतिस्पर्धियों पर आपका प्रभाव रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं और कानूनी मामलों में सफलता मिलेगी। पुराने रोगों से राहत मिलेगी।
उपाय – मछलियों को आटे की गोलियां डालें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
बुद्धि और ज्ञान के बल पर रुके हुए कार्य बनेंगे। संतान संबंधी शुभ समाचार प्राप्त होगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता और विश्वास बढ़ेगा।
उपाय – भगवान श्री हरि विष्णु की आरती करें और पीले पुष्प चढ़ाएं।
॥ शुभम भवतु ॥

