
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार
कालगणना
युगाब्द – 5128 (कलि संवत्)
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आश्विन (अमांत), कार्तिक (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – प्रतिपदा प्रातः 07:03 AM तक, तत्पश्चात् द्वितीया अगले दिन 04:08 AM तक
वार – मंगलवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – भरणी अपराह्न 03:39 PM तक, तत्पश्चात् कृतिका
योग – सिद्धि प्रातः 10:53 AM तक, तत्पश्चात् व्यतीपात
करण – कौलव प्रातः 07:03 AM तक, तत्पश्चात् तैतिल शाम 05:37 PM तक, तत्पश्चात् गर
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:18 AM
सूर्यास्त – 05:32 PM
चन्द्रोदय – शाम 06:11 PM
चन्द्रास्त – सुबह 07:21 AM
चन्द्र राशि – मेष रात्रि 09:07 PM तक, तत्पश्चात् वृषभ
अभिजित मुहूर्त – 11:33 AM से 12:17 PM तक
दिन काल – 11 घंटे 14 मिनट 03 सेकंड
अशुभ काल
राहुकाल – 02:44 PM से 04:08 PM तक
यमगण्ड – 09:06 AM से 10:31 AM तक
गुलिक काल – 11:55 AM से 01:19 PM तक
दुर्मुहूर्त – 08:33 AM से 09:18 AM तक
कालवेला / अर्द्धयाम – 08:33 AM से 09:18 AM तक
कंटक – 07:03 AM से 07:48 AM तक
यमघण्ट – 10:03 AM से 10:48 AM तक
शुभ चौघड़िया (दिन)
चर – 09:06 AM से 10:31 AM तक
लाभ – 10:31 AM से 11:55 AM तक
अमृत – 11:55 AM से 01:19 PM तक
शुभ – 02:44 PM से 04:08 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालनी चाहिए। यदि यात्रा अत्यंत आवश्यक हो, तो गुड़ या धनिया खाकर अथवा हनुमान चालीसा का पाठ करके प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
कार्तिक मास प्रारंभ (पूर्णिमांत)
आज से पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार पवित्र कार्तिक मास का शुभारंभ हो रहा है। यह माह भगवान श्री हरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी की आराधना, दीपदान, तुलसी पूजन एवं पवित्र नदियों में स्नान के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
भरणी नक्षत्र का प्रभाव
अपराह्न 03:39 तक भरणी नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी यमराज और अधिपति ग्रह शुक्र हैं। यह नक्षत्र साहस, ऊर्जा और आंतरिक शुद्धता प्रदान करता है। इसके पश्चात् सूर्य के स्वामित्व वाले कृतिका नक्षत्र का आरंभ होगा, जो आत्मविश्वास और ओज में वृद्धि करेगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
प्रातः 10:53 तक सिद्धि योग रहने से दिन के पूर्वार्ध में किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। रात्रि 09:07 तक चन्द्रमा अपनी मूल त्रिकोण मेष राशि में रहेंगे और उसके बाद अपनी उच्च राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक शांति और आर्थिक योजनाओं को गति मिलेगी। मंगलवार का दिन होने से हनुमान जी की साधना विशेष फलदायी रहेगी।

आज का राशिफल – 27 अक्टूबर 2026 मंगलवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
रात्रि तक चन्द्रमा आपकी राशि में रहेंगे, जिससे आत्मविश्वास और पराक्रम में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपके निर्णय सही साबित होंगे। रात्रि के बाद आर्थिक लाभ के योग बनेंगे।
उपाय – संकटमोचन हनुमानष्टक का पाठ करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता और मानसिक व्यग्रता रह सकती है। संयम रखें, रात्रि को चन्द्रमा आपकी राशि में उच्च के होकर प्रवेश करेंगे, जिससे रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी।
उपाय – हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आर्थिक दृष्टि से दिन अत्यंत शुभ है। व्यापार में नए अवसरों की प्राप्ति होगी और पुराने संपर्कों से लाभ मिलेगा। मित्रों के साथ समय आनंदपूर्वक बीतेगा।
उपाय – लाल मसूर की दाल का दान करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
कार्यक्षेत्र और आजीविका के साधनों में अनुकूल परिणाम मिलेंगे। उच्चाधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। सामाजिक मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं।
उपाय – शिवलिंग पर शहद मिश्रित जल अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आध्यात्मिक कार्यों और परोपकार में रुचि बढ़ेगी। लंबी दूरी की लाभदायक यात्रा की रूपरेखा बन सकती है।
उपाय – सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
दिन के पहले हिस्से में स्वास्थ्य और वाहन सावधानी से चलाएं। गुप्त चिंताओं से बचें। शाम के बाद भाग्य पक्ष मजबूत होगा और मानसिक राहत मिलेगी।
उपाय – सुंदरकांड का पाठ करें या श्रवण करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दाम्पत्य जीवन में सुख-समन्वय बना रहेगा। व्यापारिक साझेदारी में लाभ के अच्छे अवसर हाथ लगेंगे। सार्वजनिक जीवन में छवि बेहतर होगी।
उपाय – हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
शत्रुओं और विरोधियों पर प्रभाव बना रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं व कानूनी मामलों में सकारात्मक समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।
उपाय – ॐ अं अंगारकाय नमः मंत्र का 108 बार जप करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
ज्ञान, बुद्धि और विवेक से लिए गए निर्णय सफल होंगे। संतान पक्ष से प्रसन्नता मिलेगी। विद्यार्थियों के लिए अध्ययन और शोध में प्रगति का दिन है।
उपाय – केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
घरेलू सुख-साधनों और वाहन आदि पर ध्यान केंद्रित रहेगा। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में परिश्रम का पूरा फल मिलेगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और बंदरों को गुड़-चना खिलाएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
साहस, पराक्रम और संपर्क सूत्रों में वृद्धि होगी। सहकर्मियों और छोटे भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा। छोटी व्यावसायिक यात्राएं लाभदायक रहेंगी।
उपाय – बूंदी का प्रसाद हनुमान जी को चढ़ाकर वितरित करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
वाणी के प्रभाव से अटके कार्य पूरे होंगे और धन संचय में सफलता मिलेगी। परिवार में मांगलिक माहौल रहेगा। खानपान पर संयम रखें।
उपाय – श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥

