स्वामी प्रसाद मौर्य के आरोपों पर प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह का पलटवार, बोले- बेबुनियाद हैं आरोप

महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सोमवार को फतेहगढ़ के ग्वालटोली स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह शामिल हुए। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से संकिसा में बौद्ध अनुयायियों को रोके जाने के लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया और संकिसा के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

राम कथा को जन-जन तक पहुंचाने वाले महर्षि वाल्मीकि को किया नमन

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने राम कथा को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचार और उनकी रचनाएं भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मंदिरों में अखंड रामायण और सुंदरकांड के पाठ सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करा रही है। सरकार ने इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया है।

स्वामी प्रसाद मौर्य के आरोपों को बताया बेबुनियाद

संकिसा में बौद्ध अनुयायियों को रोके जाने के आरोपों पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार संकिसा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने संकिसा में आयोजित बुद्ध महोत्सव में अपनी उपस्थिति का भी उल्लेख किया।

गौरतलब है कि संकिसा में 25 और 26 अक्टूबर को 86वें बुद्ध महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बौद्ध अनुयायियों की भागीदारी रही। संकिसा को बौद्ध परंपरा में महत्वपूर्ण तीर्थस्थल माना जाता है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विकास का विषय भी महत्वपूर्ण है।

मंदिर में यात्री हॉल और अवैध कब्जे हटाने की उठी मांग

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय समस्याएं भी मंत्री के सामने रखी गईं। राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के विमल कुमार बेगी ने वाल्मीकि मंदिर परिसर में यात्री हॉल बनवाने और मोहल्ले में कथित अवैध कब्जे हटवाने की मांग की। वहीं, गंगा सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बरगदियाघाट स्थित गंगा तट तक सड़क बनवाने और मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग उठाई।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पत्नी और छात्राओं का सम्मान

कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पत्नी तथा हाईस्कूल की दो छात्राओं को सम्मानित किया गया। आयोजन के जरिए महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनके योगदान और सामाजिक समरसता के संदेश को सामने रखा गया अब स्थानीय स्तर पर उठाई गई मांगों पर प्रशासन और संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं, इस पर लोगों की नजर रहेगी। वहीं, संकिसा के विकास को लेकर मंत्री का बयान क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीदों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Anuj Singh
Anuj Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *