
संवाद 24 फर्रुखाबाद। शरद पूर्णिमा के अवसर पर संकिसा में रविवार को दो दिवसीय बौद्ध महोत्सव शुरू हो गया। उद्घाटन के बाद देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। श्रीलंका से पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्तूप की परिक्रमा की और मोमबत्तियां जलाकर प्रार्थना की। महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने रविवार शाम करीब तीन बजे महोत्सव का उद्घाटन किया। इसके बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी। मेले के साथ बौद्ध भिक्षुओं के प्रवचन भी आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने स्तूप की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की। आयोजनों का सिलसिला रातभर चलने की व्यवस्था है।
स्तूप के आसपास बैरिकेडिंग, सीसीटीवी से निगरानी
महोत्सव की सुरक्षा के लिए कुल 250 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें 150 कांस्टेबल और शेष 100 हेड कांस्टेबल, दारोगा तथा इंस्पेक्टर शामिल हैं। स्तूप के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।
कार्यक्रम स्थल से करीब 100 मीटर पहले चार पहिया वाहनों को रोकने की व्यवस्था की गई है। सोमवार सुबह निकलने वाली यात्रा के लिए भी अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान व्यवस्था बनी रहे।
म्यांमार और जापान के मंदिरों में भी पहुंचे लोग
संकिसा स्थित म्यांमार और जापान के बौद्ध मंदिरों में भी रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ रही। महोत्सव में हरदोई, कानपुर, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, बरेली और दिल्ली समेत विभिन्न स्थानों से लोग पहुंचे। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।
अधिकारियों ने परखी व्यवस्थाएं
एडीएम प्रशासन अरुण कुमार सिंह ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर आयोजित बौद्ध महोत्सव में जिले के साथ दूसरे जिलों और राज्यों से भी श्रद्धालु आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और लोगों की सुविधा तथा सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है। महोत्सव से पहले एडीएम अरुण कुमार सिंह और एएसपी गिरीश कुमार सिंह ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन के अनुसार, सोमवार सुबह प्रस्तावित यात्रा के लिए भी आवश्यक तैयारियां की गई हैं।






