
श्रद्धालुओं की सुविधा से लेकर भीड़ नियंत्रण तक का लिया जायजा, साफ-सफाई, पेयजल और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
संकिसा में 86वें बौद्ध महोत्सव के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सतर्क है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मेले की व्यवस्थाओं को परखने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने रात 11 बजे धम्मालोको बौद्ध विहार परिसर में संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने आयोजन स्थल पर उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा इंतजामों और भीड़ प्रबंधन की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेला परिसर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और आवागमन के रास्तों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। संभावित भीड़ को देखते हुए सभी जरूरी इंतजाम पहले से सुनिश्चित किए जाएं, ताकि लोगों की आवाजाही सुचारु बनी रहे और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रवेश-निकास और यातायात व्यवस्था पर पुलिस की नजर
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मेला परिसर के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन, पार्किंग तथा प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को मुस्तैदी से जिम्मेदारी निभाने और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
लापरवाही न बरतने के निर्देश
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने तथा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने को कहा। अधिकारियों के मुताबिक, मेले के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी समस्या की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई कर उसका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
संकिसा महोत्सव को लेकर प्रशासन की तैयारी
संकिसा का बौद्ध महोत्सव धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। ऐसे में आयोजन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों की निगरानी की जा रही है। रात 11 बजे हुए संयुक्त निरीक्षण में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महोत्सव के दौरान व्यवस्थाएं लगातार सक्रिय रखी जाएं और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही न हो।






