
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 02 नवंबर 2026, सोमवार
कालगणना
युगाब्द – 5128 (कलि संवत्)
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आश्विन (अमांत), कार्तिक (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – अष्टमी दोपहर 01:12 PM तक, तत्पश्चात् नवमी
वार – सोमवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – आश्लेषा अगले दिन (03 नवंबर) प्रातः 03:47 AM तक, तत्पश्चात् मघा
योग – शुभ दोपहर 12:06 PM तक, तत्पश्चात् शुक्ल
करण – कौलव दोपहर 01:12 PM तक, तत्पश्चात् तैतिल अगले दिन 00:31 AM तक, तत्पश्चात् गर
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:22 AM
सूर्यास्त – 05:27 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (03 नवंबर) 00:32 AM (मध्यरात्रि 12:32 AM)
चन्द्रास्त – दोपहर 01:15 PM
चन्द्र राशि – कर्क अगले दिन 03:47 AM तक, तत्पश्चात् सिंह
अभिजित मुहूर्त – 11:32 AM से 12:17 PM तक
दिन काल – 11 घंटे 05 मिनट 26 सेकंड
अशुभ काल
राहुकाल – 07:45 AM से 09:08 AM तक
यमगण्ड – 10:31 AM से 11:55 AM तक
गुलिक काल – 01:18 PM से 02:41 PM तक
दुर्मुहूर्त – 12:17 PM से 01:01 PM तक एवं 02:30 PM से 03:14 PM तक
कुलिक – 02:30 PM से 03:14 PM तक
कालवेला / अर्द्धयाम – 10:04 AM से 10:48 AM तक
कंटक – 08:35 AM से 09:19 AM तक
यमघण्ट – 11:32 AM से 12:17 PM तक
शुभ चौघड़िया (दिन)
अमृत – 06:22 AM से 07:45 AM तक
शुभ – 09:08 AM से 10:31 AM तक
चर – 01:18 PM से 02:41 PM तक
लाभ – 02:41 PM से 04:04 PM तक
अमृत – 04:04 PM से 05:27 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पूर्व
यात्रा उपाय – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा टालने का प्रयास करें। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो दर्पण (शीशा) देखकर या दूध/दही ग्रहण कर भगवान शिव का स्मरण करके प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
कार्तिक कृष्ण अष्टमी एवं आश्लेषा नक्षत्र
आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर 01:12 तक रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि आरंभ होगी। नक्षत्रों में बुध के स्वामित्व वाले ‘आश्लेषा’ नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। आश्लेषा नक्षत्र शोध, गूढ़ विद्याओं, कूटनीति तथा रणनीतिक योजनाओं के निर्माण के लिए अनुकूल माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा अपनी स्वराशि कर्क में संचरण कर रहे हैं और सोमवार का दिन होने से भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होगी। दोपहर 12:06 तक ‘शुभ योग’ और उसके बाद ‘शुक्ल योग’ रहेगा, जो धार्मिक कार्यों, मंत्र जप तथा मानसिक शांति के लिए उत्तम संयोग बनाता है।

आज का राशिफल – 02 नवंबर 2026 सोमवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चतुर्थ भाव में स्वराशि के चन्द्रमा से गृह-सुख और मानसिक शांति में वृद्धि होगी। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। भूमि-वाहन से जुड़े मामलों में सकारात्मक प्रगति होगी।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और अक्षत अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
साहस, पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों और मित्रों का सहयोग मिलेगा। संचार साधनों और लेखन कार्यों से लाभ प्राप्त होगा।
उपाय – भगवान शिव को सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
धन भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा। वाणी के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी।
उपाय – ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जप करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आपकी ही राशि में चन्द्रमा का संचरण मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और आकर्षण में वृद्धि करेगा। सोची हुई योजनाओं में मनचाही प्रगति होगी।
उपाय – महामृत्युंजय मंत्र का पाठ या श्रवण करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दिन के पूर्वार्ध में अनावश्यक भागदौड़ और खर्चों पर नियंत्रण रखें। दूरस्थ स्थानों या बाहरी संपर्कों से लाभ के योग बनेंगे। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
उपाय – भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और शिव पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आय के नवीन स्रोत बनेंगे और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। वरिष्ठजनों और मित्रों का मार्गदर्शन लाभ दिलाएगा। मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को सफेद वस्तु (चावल या चीनी) का दान करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दशम भाव में चन्द्रमा कार्यक्षेत्र में उन्नति और मान-सम्मान में वृद्धि करेंगे। उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक दायित्वों की पूर्ति होगी।
उपाय – शिवलिंग पर जल में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर अभिषेक करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
भाग्य पक्ष प्रबल रहेगा। धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक कार्यों में सम्मिलित होने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्त होंगे।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
स्वास्थ्य और खानपान के प्रति सतर्कता बरतें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। गूढ़ विद्याओं और शोध से जुड़े कार्यों में विशेष सफलता मिलेगी।
उपाय – भगवान श्री हरि विष्णु और शिव जी की संयुक्त आराधना करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दांपत्य जीवन में मधुरता और प्रेम बढ़ेगा। व्यापार में नए अनुबंध और साझेदारी से लाभ होगा। दैनिक दिनचर्या व्यवस्थित रहेगी।
उपाय – भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
शत्रुओं और विरोधियों पर आपकी बढ़त रहेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं व कानूनी मामलों में राहत मिल सकती है। ननिहाल पक्ष से सहयोग मिलेगा।
उपाय – पक्षियों को दाना और जल रखें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
बुद्धि और ज्ञान के बल पर जटिल समस्याओं का समाधान होगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें और सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
॥ शुभम भवतु ॥

