
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 22 सितंबर 2026, मंगलवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – भाद्रपद (अमांत), भाद्रपद (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – एकादशी रात्रि 09:45 PM तक, तत्पश्चात् द्वादशी
वार – मंगलवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा प्रातः 07:07 AM तक, तत्पश्चात् श्रवण
योग – अतिगण्ड सायं 04:29 PM तक, तत्पश्चात् सुकर्मा
करण – वणिज प्रातः 08:57 AM तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) रात्रि 09:45 PM तक, तत्पश्चात् बव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:59 AM
सूर्यास्त – 06:08 PM
चन्द्रोदय – 03:35 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (23 सितंबर) 02:33 AM
चन्द्र राशि – मकर
अभिजित मुहूर्त – 11:40 AM से 12:28 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:05 PM से 02:54 PM तक
अशुभ काल
राहुकाल – 03:06 PM से 04:37 PM तक
यमगण्ड – 09:02 AM से 10:33 AM तक
गुलिक काल – 12:04 PM से 01:35 PM तक
दुर्मुहूर्त – 08:25 AM से 09:14 AM तक एवं 11:08 PM से 11:56 PM तक
कंटक – 06:48 AM से 07:37 AM तक
शुभ चौघड़िया
रोग – 05:59 AM से 07:30 AM तक
उद्वेग – 07:30 AM से 09:02 AM तक
चर – 09:02 AM से 10:33 AM तक
लाभ – 10:33 AM से 12:04 PM तक
अमृत – 12:04 PM से 01:35 PM तक
शुभ – 03:06 PM से 04:37 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो गुड़ या धनिया खाकर अथवा श्री हनुमान चालीसा का पाठ करके प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
परिवर्तिनी एकादशी (पद्मा / जलझूलनी एकादशी) एवं वामन जयंती
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की यह एकादशी ‘परिवर्तिनी एकादशी’ कहलाती है। पौराणिक मान्यतानुसार इस दिन क्षीरसागर में शयन कर रहे भगवान श्रीविष्णु करवट बदलते हैं। आज के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा का भी विशेष विधान है। इस व्रत से समस्त पापों का नाश और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
श्रवण नक्षत्र एवं चन्द्र गोचर
प्रातः 07:07 के बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा, जिसके स्वामी चन्द्रमा और अधिपति देव भगवान विष्णु हैं। श्रवण नक्षत्र विद्या, ज्ञान श्रवण, संगठन और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। चन्द्रमा पूरे दिन मकर राशि में संचार करेंगे।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज प्रातः 08:57 से रात्रि 09:45 तक भद्रा (विष्टि करण) रहेगी। एकादशी का व्रत व पूजन सामान्य रूप से मान्य रहेगा, परंतु कोई भी नया सांसारिक शुभ कार्य या यात्रा भद्रा काल में टालें। सायं 04:29 के बाद सुकर्मा योग आरंभ होने से शुभ फल में वृद्धि होगी।

आज का राशिफल – 22 सितंबर 2026 मंगलवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दशम भाव में चन्द्रमा आपके कार्यक्षेत्र में ऊर्जा और प्रतिष्ठा बढ़ाएंगे। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। रुके हुए सरकारी कार्य आगे बढ़ेंगे।
उपाय – हनुमान जी को सिन्दूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
नवम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक अनुष्ठान और परोपकारी कार्यों में रुचि रहेगी। लंबी दूरी की सुखद यात्रा के योग हैं।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
अष्टम भाव में चन्द्रमा होने से स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें। खानपान में संयम रखें और अनावश्यक विवाद से बचें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी न करें।
उपाय – ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का जप करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
सप्तम भाव में गोचर से दाम्पत्य जीवन में सौहार्द बढ़ेगा। व्यावसायिक साझेदारियों में सकारात्मक प्रगति होगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल चढ़ाएं।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
षष्ठ भाव में चन्द्रमा आपके विरोधियों को परास्त करेगा। स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को परिश्रम का उत्तम फल मिलेगा।
उपाय – सूर्यदेव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र पढ़ें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
पंचम भाव में चन्द्रमा बौद्धिक क्षमता और निर्णय शक्ति में वृद्धि करेगा। विद्यार्थियों को अध्ययन में सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
चतुर्थ भाव में चन्द्रमा पारिवारिक मामलों में सक्रिय रखेगा। भूमि, भवन या वाहन संबंधी विचार आगे बढ़ेंगे। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
तृतीय भाव में चन्द्रमा आपके पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। छोटी और लाभकारी यात्राएं संभव हैं।
उपाय – सुंदरकांड का पाठ करें या हनुमान चालीसा पढ़ें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
धन भाव में चन्द्रमा आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा। पैतृक संपत्ति से लाभ के योग हैं। परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहेगा।
उपाय – मस्तक पर केसर या पीले चंदन का तिलक लगाएं।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे मानसिक स्पष्टता और कार्यों में गति आएगी। आपके व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर सकारात्मक पड़ेगा।
उपाय – पीपल के वृक्ष में जल दें और दीपक जलाएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
द्वादश भाव में चन्द्रमा के कारण खर्चों में कुछ वृद्धि हो सकती है। दूरस्थ स्थानों या विदेशी संपर्कों से लाभ होगा। मानसिक शांति के लिए योग-ध्यान करें।
उपाय – जरूरतमंदों को फल या भोजन का दान करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
एकादश भाव में चन्द्रमा आय के नवीन साधन निर्मित करेगा। वरिष्ठ मित्रों और परिजनों से पूरा सहयोग मिलेगा। लंबे समय से अटकी योजनाएं सफल होंगी।
उपाय – भगवान विष्णु के मंदिर में चने की दाल और गुड़ अर्पित करें।
॥ शुभम भवतु ॥

