तमिलनाडु में सियासी भूचाल! DMK-AIADMK ने मिलाया हाथ तो इस्तीफा दे सकते हैं TVK के सभी विधायक

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संवाद 24 तमिलनाडु । राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प और तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुकी है। विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK अब सरकार गठन को लेकर संघर्ष करती नजर आ रही है। इसी बीच ऐसी खबरों ने राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है कि यदि DMK और AIADMK मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करती हैं तो TVK के सभी 108 विधायक सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं।

बहुमत से कुछ कदम दूर रह गई विजय की पार्टी
तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया है। हालांकि सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत के आंकड़े से पार्टी अभी भी पीछे है। कांग्रेस के समर्थन के बावजूद पार्टी के पास पूर्ण बहुमत नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में राज्य में राजनीतिक जोड़तोड़ और संभावित गठबंधनों की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

DMK और AIADMK की संभावित नजदीकियों ने बढ़ाई बेचैनी
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि कट्टर प्रतिद्वंद्वी मानी जाने वाली DMK और AIADMK सत्ता गठन के लिए किसी साझा रणनीति पर विचार कर सकती हैं। हालांकि दोनों दलों की ओर से आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया गया है, लेकिन सूत्रों के दावे लगातार सियासी माहौल को गर्म बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि TVK के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने पारंपरिक दलों को नई रणनीति बनाने पर मजबूर कर दिया है।

TVK विधायकों के इस्तीफे की चेतावनी क्यों बनी बड़ी खबर?
सूत्रों के अनुसार TVK नेतृत्व को आशंका है कि राजनीतिक समीकरण बदलकर उनकी पार्टी को सत्ता से दूर रखने की कोशिश की जा सकती है। इसी कारण पार्टी के भीतर यह रणनीति बनाई जा रही है कि अगर DMK या AIADMK सरकार बनाने का दावा पेश करती हैं तो TVK के सभी विधायक इस्तीफा देकर जनता के सामने नया राजनीतिक संदेश देंगे। इस कदम को जनता के जनादेश के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।

राज्यपाल की भूमिका पर भी छिड़ी संवैधानिक बहस
तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया के बीच राज्यपाल की भूमिका को लेकर भी बहस तेज हो गई है। विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन उनसे बहुमत साबित करने के लिए समर्थन पत्र मांगे गए। इसके बाद राजनीतिक दलों और संवैधानिक विशेषज्ञों के बीच इस बात को लेकर विवाद शुरू हो गया कि सबसे बड़ी पार्टी को पहले आमंत्रित किया जाना चाहिए या पहले बहुमत के स्पष्ट आंकड़े देखने चाहिए।

रिसॉर्ट पॉलिटिक्स ने बढ़ाया राजनीतिक ड्रामा
तमिलनाडु में बढ़ती अनिश्चितता के बीच AIADMK ने अपने विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में भेज दिया है। पार्टी नेतृत्व को आशंका है कि राजनीतिक उठापटक के बीच विधायकों को तोड़ने की कोशिश हो सकती है। AIADMK प्रमुख Edappadi K. Palaniswami भी विधायकों से मुलाकात करने पुडुचेरी पहुंचे। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में “रिसॉर्ट पॉलिटिक्स” की वापसी की चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

विजय की राजनीति ने बदल दिया तमिलनाडु का समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय और उनकी पार्टी TVK ने तमिलनाडु की राजनीति में पारंपरिक दो-दलीय व्यवस्था को चुनौती दे दी है। लंबे समय से राज्य की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही, लेकिन इस बार TVK ने चुनावी नतीजों में बड़ा उलटफेर कर दिया। यही वजह है कि सरकार गठन को लेकर हर कदम बेहद रणनीतिक और संवेदनशील माना जा रहा है।

आने वाले कुछ दिन तय करेंगे तमिलनाडु की नई दिशा
तमिलनाडु में अब सभी की नजर अगले कुछ दिनों पर टिकी हुई है। क्या विजय सरकार बना पाएंगे, क्या कोई नया गठबंधन सामने आएगा या फिर राज्य में राजनीतिक संकट और गहराएगा – इन सभी सवालों का जवाब जल्द सामने आ सकता है। फिलहाल राज्य की राजनीति में हर घंटे नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं और चेन्नई से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज बनी हुई है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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