
संवाद 24 झारखंड। चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया सामने आया है। एक तरफ जहां एक नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म की वारदात ने इलाके में आक्रोश की आग भड़का दी, वहीं दूसरी ओर कानून को हाथ में लेते हुए उग्र भीड़ ने आरोपी युवक को उसके ही घर से घसीटकर पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इस हिंसक झड़प में आरोपी को बचाने आए उसके माता-पिता भी भीड़ के गुस्से का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा मामला होने के कारण पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत टंडवा थाना क्षेत्र के एक गांव से हुई। पीड़ित परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, सोमवार की रात एक अनुसूचित जाति की नाबालिग लड़की घर से शौच के लिए बाहर निकली थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही सुल्तान अंसारी के पुत्र इमरोज अंसारी ने उसे जबरन अगवा कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। अगली सुबह यानी मंगलवार को पीड़ित नाबालिग किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। वारदात की खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। गुस्साए परिजन और स्थानीय ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने आरोपी के घर पर धावा बोल दिया। घर से घसीटकर की गई पिटाई, माता-पिता को बनाया बंधक प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आक्रोशित भीड़ ने आरोपी इमरोज अंसारी को उसके घर से खींचकर बाहर निकाला और लाठी-डंडों तथा लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। जब आरोपी के माता-पिता ने अपने बेटे को बचाने का प्रयास किया, तो भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया। उग्र ग्रामीणों ने माता-पिता के हाथ-पैर रस्सी से बांधकर उन्हें भी लहूलुहान कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही टंडवा थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। हालांकि, मौके पर जमा सैकड़ों की भीड़ इतनी उग्र थी कि शुरुआत में पुलिसकर्मी भी बेबस नजर आए। पुलिस के सामने ही भीड़ युवक पर वार करती रही। काफी मशक्कत और कड़ी जद्दोजहद के बाद पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह युवक और उसके घायल परिजनों को उग्र भीड़ के चंगुल से छुड़ाया।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई मौत
भीड़ के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए इमरोज अंसारी को पुलिस एम्बुलेंस से तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, टंडवा ले गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हजारीबाग सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। हालांकि, जख्म इतने गहरे थे कि हजारीबाग ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं उसके घायल माता-पिता का इलाज जारी है।
पुलिस प्रशासन का रुख और कानूनी कार्रवाई
चतरा के पुलिस अधीक्षक (SP) अनिमेष नैथानी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। एसपी ने कहा, “किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
मामले की कानूनी स्थिति को लेकर पुलिस ने स्पष्ट किया कि:
दुष्कर्म व अपहरण का मामला: पीड़ित नाबालिग के पिता के बयान के आधार पर आरोपी इमरोज अंसारी (मृतक) के खिलाफ अपहरण और पोक्सो अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मॉब लिंचिंग का मामला: मृतक के परिजनों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त होते ही पुलिस हत्या और जानलेवा हमले की धाराओं के तहत मामला दर्ज करेगी।
पुलिस की कई टीमें घटना के समय बनाए गए वीडियो फुटेज और वायरल क्लिपों की जांच कर रही हैं ताकि भीड़ में शामिल उपद्रवियों और हमलावरों की पहचान की जा सके।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात, फ्लैग मार्च जारी
चूंकि मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। टंडवा के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों को गांव के चप्पे-चप्पे पर तैनात कर दिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने व शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
दूसरी ओर, स्थानीय स्तर पर कुछ लोग इस पूरी घटनाक्रम को पूर्व से चले आ रहे प्रेम-प्रसंग से भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इस पहलू पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इंकार किया है। फिलहाल पूरा इलाका पुलिस की सख्त निगरानी में है।






