
संवाद 24 पंजाब। स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से ठीक पहले देश की सुरक्षा को चुनौती देने और पंजाब में बड़ी शांति-भंग की साजिश रचने की पाकिस्तान की नापाक कोशिश को भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस के जाबांजों ने पूरी तरह नाकाम कर दिया है। तरनतारन जिले से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी तस्करों द्वारा ड्रोन के जरिए भेजी गई आधुनिक हथियारों और गोला-बारूद की बड़ी खेप को सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिया है। मुस्तैद जवानों ने सीमा पार से आ रहे तीन ड्रोनों को भारतीय क्षेत्र में ही मार गिराया और मौके से एक स्थानीय तस्कर को दबोचने में सफलता पाई है।
आधी रात को शुरू हुआ पाकिस्तान का घुसपैठ का खेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तरनतारन जिले के खालरा सेक्टर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बीओपी (बॉर्डर आउटपोस्ट) मंगली पोस्ट पर तैनात बीएसएफ की 142वीं बटालियन के जवानों ने आधी रात के सन्नाटे में आसमान से गूंजती संदिग्ध आवाजों को सुना। जवानों ने ध्यान से देखा तो अंधेरे में पाकिस्तान की तरफ से एक-एक कर तीन ड्रोन भारतीय सीमा की तरफ तेजी से बढ़ते हुए दिखाई दिए।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर पहले से ही अत्यधिक सतर्कता बरत रहे बीएसएफ के सतर्क जवानों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत एक्शन लिया और तीनों ड्रोनों को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों की त्वरित और सटीक गोलीबारी के बाद तीनों ड्रोन अनियंत्रित होकर इलाके में गायब हो गए, जिससे सीमा पार बैठे तस्करों की योजना पूरी तरह पटरी से उतर गई।
तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में आधुनिक हथियार जब्त
ड्रोन की हलचल और फायरिंग के बाद बीएसएफ और पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पूरे सीमावर्ती इलाके की घेराबंदी कर रात में ही सघन तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू किया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को मौके पर संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे एक व्यक्ति पर शक हुआ, जिसे तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पकड़े गए तस्कर की पहचान मंजीत सिंह (पुत्र जरनैल सिंह), निवासी गांव वान, जिला तरनतारन के रूप में हुई है। पुलिस और सुरक्षा बलों की कड़ी पूछताछ के आगे आरोपी ने पूरी सच्चाई उगल दी। आरोपी तस्कर की निशानदेही पर चलाए गए व्यापक सर्च ऑपरेशन में झाड़ियों और खेतों में छिपाकर रखी गई घातक हथियारों की खेप बरामद की गई।
बरामद किए गए सामान का विवरण:
- विदेश निर्मित पिस्तौल: 7 (अत्याधुनिक पिस्टल)
- सिक्योरिटी गन: 1 (ग्राफर सिक्योरिटी गन)
- कारतूस: 89 गोलियां
- मोबाइल फोन: 1 (जिसका इस्तेमाल सीमा पार तस्करों से संपर्क के लिए किया जा रहा था)
15 अगस्त पर शांति भंग करने की थी बड़ी योजना
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुरिंदर लांबा ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह हथियारों की खेप भारत में बड़े पैमाने पर हिंसा और उपद्रव फैलाने के उद्देश्य से मंगवाई गई थी। गिरफ्तार तस्कर मंजीत सिंह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं और बड़े स्मगलरों के लगातार संपर्क में था।
एसएसपी लांबा ने कहा, “15 अगस्त के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था अत्यधिक बढ़ा दी गई है। सीमा पार से होने वाली हर संदिग्ध गतिविधि पर हमारी पैनी नजर है। बीएसएफ और पुलिस की संयुक्त त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी त्रासदी टल गई है।”
खालरा थाने में एफआईआर दर्ज, जांच एजेंसियां सतर्क
इस पूरी घटना के संबंध में थाना खालरा (तरनतारन) में भारतीय दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम (Arms Act) और विमान अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी मंजीत सिंह को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन हथियारों की डिलीवरी पंजाब में किसे दी जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन से स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय गिरोह शामिल हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसियां और खुफिया विभाग भी इस घटनाक्रम के बाद सतर्क हो गए हैं। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सुरक्षा बलों की यह सतर्कता देश के दुश्मनों के मुंह पर एक करारा थप्पड़ साबित हुई है। पूरे सीमावर्ती इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं और नाकाबंदी बढ़ाकर वाहनों की सघन जांच की जा रही है।






