NEET UG Counselling 2026: MBBS-BDS सीट की दौड़ शुरू, Round-1 रजिस्ट्रेशन आज से; तैयार रखें ये जरूरी Documents

संवाद 24 डेस्क। NEET UG 2026 परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए अब मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की असली प्रक्रिया शुरू हो गई है। Medical Counselling Committee यानी MCC की ओर से NEET UG Counselling 2026 के पहले राउंड की पंजीकरण प्रक्रिया 5 अगस्त 2026 से शुरू की जा रही है। ऐसे में MBBS और BDS सहित संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। काउंसलिंग में केवल NEET स्कोर ही काफी नहीं होगा, बल्कि सही समय पर रजिस्ट्रेशन, फीस भुगतान, कॉलेज और कोर्स की सावधानीपूर्वक choice filling तथा जरूरी दस्तावेज तैयार रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा।

आज से शुरू हो रही Round-1 Counselling, किसके लिए है प्रक्रिया?
MCC की केंद्रीकृत NEET UG counselling मुख्य रूप से 15 प्रतिशत All India Quota (AIQ) सीटों के साथ केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों और कई अन्य संस्थागत सीटों के लिए आयोजित की जाती है। इसके दायरे में AIIMS और JIPMER जैसे संस्थानों की संबंधित UG मेडिकल सीटें भी आती हैं।
इसके अलावा ESIC, AFMS और MCC के दायरे में आने वाली अन्य सीटों के लिए भी निर्धारित नियमों के अनुसार प्रक्रिया होती है। उम्मीदवारों को यह समझना जरूरी है कि MCC counselling और राज्य स्तर की counselling अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। सामान्य तौर पर राज्यों की 85 प्रतिशत state quota सीटों के लिए संबंधित राज्य counselling authority अलग प्रक्रिया संचालित करती है।

सिर्फ Registration नहीं, आगे Choice Filling सबसे अहम
काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन पहला कदम है। इसके बाद उम्मीदवारों को उपलब्ध कॉलेज और पाठ्यक्रमों के आधार पर अपनी पसंद दर्ज करनी होती है। यही Choice Filling आगे सीट आवंटन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उम्मीदवार जिस क्रम में कॉलेज और कोर्स चुनता है, वह उसकी प्राथमिकता को दर्शाता है। सीट आवंटन उम्मीदवार की NEET UG rank, category, उपलब्ध सीटों और दर्ज की गई preferences सहित लागू counselling नियमों के आधार पर किया जाता है।
इसलिए केवल किसी प्रसिद्ध मेडिकल कॉलेज का नाम देखकर choice भरना सही रणनीति नहीं है। उम्मीदवारों को अपनी रैंक, पिछले वर्षों के trends, कॉलेज की फीस, स्थान, सुविधाएं और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को देखकर पर्याप्त संख्या में वास्तविक विकल्प भरने चाहिए।

MCC और State Counselling में अंतर समझना जरूरी
NEET UG counselling में नए उम्मीदवारों और अभिभावकों के बीच सबसे ज्यादा भ्रम All India Quota और State Quota को लेकर होता है।
MCC राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित सीटों की counselling करता है, जबकि राज्य अपनी निर्धारित quota seats के लिए अलग portal और schedule जारी कर सकते हैं। इसका अर्थ है कि पात्र उम्मीदवार को MCC counselling में भाग लेने के साथ संबंधित राज्य की counselling पर भी नजर रखनी पड़ सकती है।
दोनों के registration, fees, reservation rules और document requirements में अंतर हो सकता है। इसलिए एक counselling में रजिस्ट्रेशन करने का अर्थ यह नहीं है कि उम्मीदवार दूसरी counselling के लिए स्वतः पंजीकृत हो गया है।

Documents की फाइल अभी से करें तैयार
काउंसलिंग में सबसे ज्यादा परेशानी अक्सर अंतिम समय पर दस्तावेज खोजने या उनमें विवरण अलग होने के कारण होती है। इसलिए उम्मीदवारों को अभी से अपने सभी आवश्यक दस्तावेज व्यवस्थित कर लेने चाहिए।
सामान्य तौर पर NEET UG Admit Card, NEET UG Scorecard/Rank Letter, कक्षा 10 का प्रमाणपत्र, कक्षा 12 की marksheet और passing certificate, वैध photo identity proof तथा passport-size photographs जैसे दस्तावेज महत्वपूर्ण होते हैं।
सीट आवंटन होने के बाद MCC से जारी provisional allotment letter भी कॉलेज रिपोर्टिंग के समय महत्वपूर्ण होगा। इसके अतिरिक्त उम्मीदवार की श्रेणी और सीट के प्रकार के आधार पर SC/ST/OBC-NCL/EWS, PwD या अन्य पात्रता प्रमाणपत्र मांगे जा सकते हैं।

हर उम्मीदवार के Documents एक जैसे नहीं होंगे
यही वह जगह है जहां उम्मीदवारों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इंटरनेट पर मिलने वाली किसी सामान्य document checklist को अंतिम सूची मान लेना ठीक नहीं होगा।
उदाहरण के लिए NRI quota के उम्मीदवारों को अतिरिक्त प्रमाणपत्र और संबंधित दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। PwD category के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार वैध प्रमाणपत्र जरूरी हो सकता है। इसी तरह कुछ संस्थान migration certificate, transfer certificate, medical fitness certificate या अन्य documents कॉलेज रिपोर्टिंग के समय मांग सकते हैं।
State counselling में domicile/residence certificate की जरूरत भी संबंधित राज्य के नियमों पर निर्भर करती है। इसलिए उम्मीदवार को MCC की आधिकारिक सूचना के साथ उस कॉलेज या counselling authority की document requirements भी पढ़नी चाहिए जिसके तहत वह प्रवेश ले रहा है।

नाम और जन्मतिथि में अंतर है तो अभी हो जाएं सतर्क
दस्तावेज केवल मौजूद होना पर्याप्त नहीं है; उनमें दर्ज जानकारी का आपस में मेल खाना भी महत्वपूर्ण है।
NEET application, Aadhaar या दूसरे ID proof, Class 10 certificate और Class 12 documents में उम्मीदवार के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि या category से जुड़ी जानकारी में अंतर होने पर verification के दौरान सवाल उठ सकते हैं।
इसलिए कॉलेज allot होने का इंतजार करने के बजाय उम्मीदवार अभी सभी documents की जानकारी जांच लें। यदि कोई वैध correction या supporting document आवश्यक है तो संबंधित authority के नियमों के अनुसार समय रहते तैयारी करना बेहतर होगा।

Seat Allotment कैसे होगा?
Choice filling की प्रक्रिया पूरी होने के बाद MCC निर्धारित नियमों के आधार पर seat allotment करता है। इसमें उम्मीदवार की NEET rank, category, उपलब्ध सीटें और उसकी भरी हुई preferences महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सीट मिलने पर उम्मीदवार को allotment result और संबंधित निर्देश ध्यान से पढ़ने होंगे। इसके बाद जिस विकल्प या प्रक्रिया की अनुमति उस counselling round में दी गई हो, उसी के अनुसार आगे बढ़ना होगा।
यहां किसी पुराने वर्ष की counselling प्रक्रिया को देखकर फैसला करना जोखिमपूर्ण हो सकता है, क्योंकि MCC समय-समय पर नियम और प्रक्रिया में बदलाव कर सकता है। इसलिए 2026 के लिए जारी official counselling scheme और notices को ही अंतिम आधार मानना चाहिए।

College Reporting को हल्के में न लें
सीट allot होने के बाद प्रक्रिया समाप्त नहीं होती। उम्मीदवार को निर्धारित अवधि में allotted college में reporting और admission formalities पूरी करनी पड़ सकती हैं।
यहीं original document verification की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है। उम्मीदवार को अपने आवश्यक मूल प्रमाणपत्रों के साथ निर्धारित संख्या में photocopies और अन्य मांगे गए documents तैयार रखने चाहिए।
यदि किसी उम्मीदवार की category या eligibility का दावा आवश्यक प्रमाणपत्र से साबित नहीं होता, अथवा जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए seat मिलने के बाद documents जुटाने के बजाय उन्हें पहले से तैयार रखना बेहतर रणनीति है।

फर्जी वेबसाइट और एजेंटों से रहें सावधान
NEET counselling के दौरान उम्मीदवारों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से भी सतर्क रहना चाहिए। मेडिकल कॉलेज में सीट दिलाने, rank के बावजूद निश्चित admission कराने या पैसे लेकर counselling result बदलवाने जैसे दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
MCC counselling से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित सरकारी notifications से सत्यापित करें। Registration credentials, OTP और password किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करें।
विशेष रूप से choice filling जैसे महत्वपूर्ण चरण को किसी cyber café या दूसरे व्यक्ति पर पूरी तरह छोड़ना जोखिमपूर्ण हो सकता है। यदि सहायता ली भी जाए तो उम्मीदवार स्वयं स्क्रीन पर भरे गए कॉलेज, course और preference order की जांच जरूर करे।

Choice Filling में यह गलती पड़ सकती है सबसे भारी
कई उम्मीदवार केवल उन्हीं कॉलेजों को भरते हैं जिन्हें वे सबसे ज्यादा चाहते हैं। यदि rank के हिसाब से वे विकल्प अत्यधिक महत्वाकांक्षी हों और उम्मीदवार ने पर्याप्त वैकल्पिक choices नहीं भरी हों, तो सीट मिलने की संभावना प्रभावित हो सकती है।
दूसरी ओर बिना जानकारी के बड़ी संख्या में कॉलेज जोड़ना भी सही रणनीति नहीं है। उम्मीदवार को वही विकल्प भरने चाहिए जिनमें सीट मिलने की स्थिति में वह वास्तव में प्रवेश लेने पर विचार कर सके।
Choice locking या final submission से पहले preference order को दोबारा जांचना जरूरी है। कॉलेज का नाम एक जैसा दिखाई देने पर भी course, institution और quota अलग हो सकता है।

NEET Rank के बाद अब रणनीति की परीक्षा
NEET UG में अच्छा स्कोर हासिल करना मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने की यात्रा का बड़ा पड़ाव है, लेकिन counselling में सावधानी भी उतनी ही जरूरी है। एक उम्मीदवार की rank उसकी संभावनाओं की सीमा तय कर सकती है, लेकिन सही counselling strategy उन संभावनाओं का बेहतर उपयोग करने में मदद करती है।
अभ्यर्थियों और अभिभावकों को इस चरण में जल्दबाजी के बजाय तीन चीजों पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए—आधिकारिक schedule, सोच-समझकर की गई choice filling और पूरी document file।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल तारीखों, अनुमानित cut-off या “पक्की सीट” जैसे दावों की जगह MCC के आधिकारिक notices को प्राथमिकता दी जाए। मेडिकल सीट की यह दौड़ केवल अंकों की नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने की भी है।
NEET UG Counselling 2026 शुरू होने के साथ अब उम्मीदवारों के सामने मेडिकल कॉलेज का दरवाजा खुलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में एक छोटी लापरवाही महीनों की मेहनत पर भारी न पड़े—यही इस समय सबसे बड़ी सावधानी है।

Geeta Singh
Geeta Singh

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