
संवाद 24 नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में पिछले दो हफ्तों से जारी गतिरोध के बीच आज लोकसभा और राज्यसभा में विधायी कार्यवाही को लेकर गहमागहमी तेज है। सरकार द्वारा सदन में विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी एफसीआरए (FCRA) संशोधन विधेयक, 2026 चर्चा और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इस विधेयक पर जारी बहस और विपक्ष के सवालों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन को संबोधित करेंगे। विपक्षी दल परिसीमन के मुद्दे, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों तथा गृह मंत्री की अनुपस्थिति को लेकर लगातार हंगामा कर रहे थे, जिससे संसद का कामकाज बाधित हो रहा था।
संसद में आज के प्रमुख मुद्दे और FCRA बिल की मुख्य बातें
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और विपक्ष के नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की सहमति बनी है। गृह मंत्री अमित शाह एफसीआरए विधेयक के प्रावधानों और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर स्थिति स्पष्ट करेंगे।
विधेयक के मुख्य बिंदु:
विदेशी फंडिंग पर कड़े नियम: गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और सामाजिक संस्थाओं को विदेशों से मिलने वाले चंदे के लिए ऑडिटिंग, रजिस्ट्रेशन और संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य किया जा रहा है।
पारदर्शिता का दावा: सरकार का कहना है कि विधेयक का उद्देश्य विदेशी पैसों के गलत इस्तेमाल को रोकना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। वहीं, किरेन रिजीजू ने स्पष्ट किया है कि इससे किसी धार्मिक संगठन को निशाना नहीं बनाया जा रहा है।
विपक्ष की मांग: विपक्ष जंतर-मंतर घटना पर गृह मंत्री से सीधे जवाब और परिसीमन पर विस्तृत बहस की मांग पर अड़ा हुआ था।
सुप्रीम कोर्ट का रुख और आगे की कार्यवाही
जंतर-मंतर पर हुई पुलिस झड़प का मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां अदालत ने साफ किया है कि उपद्रवियों और ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियों दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। संसद में गृह मंत्री के संबोधन के बाद एफसीआरए विधेयक पर वोटिंग कराई जाएगी। माना जा रहा है कि इस बहस के बाद संसद में पिछले कई दिनों से बना हुआ गतिरोध समाप्त हो सकता है।






