Radha Singh

Radha Singh

जब फेशियल का उद्देश्य केवल निखार नहीं, त्वचा की उम्र को समझना हो, एंटी-एजिंग फेशियल: झुर्रियों से आगे त्वचा की सेहत

संवाद 24 डेस्क। चेहरे की त्वचा समय के साथ स्वाभाविक रूप से बदलती है। महीन रेखाएं, त्वचा की लोच में कमी, रूखापन, असमान रंगत और सूर्य से होने वाली क्षति इसी प्राकृतिक प्रक्रिया के अलग-अलग रूप हैं। इन्हीं बदलावों को…

शंखिनी: एक नाम, अनेक पहचान—आयुर्वेदिक परंपरा से आधुनिक वनस्पति विज्ञान तक की रोचक यात्रा

संवाद 24 डेस्क। भारतीय पारंपरिक चिकित्सा परंपरा में वनस्पतियों के नाम केवल पहचान के साधन नहीं रहे, बल्कि उनके स्वरूप, गुण, उपयोग और क्षेत्रीय संस्कृति से भी जुड़े रहे हैं। ऐसी ही एक जिज्ञासापूर्ण वनस्पति-संज्ञा है—शंखिनी। नाम सुनते ही सामान्यतः…

मुख्य द्वार: घर का प्रवेश ही नहीं, उसकी पहली पहचान भी-आखिर आकार की यह प्राथमिकता क्यों मानी जाती है?

संवाद 24 डेस्क। किसी घर में प्रवेश करते समय सबसे पहले हमारी नजर जिस हिस्से पर पड़ती है, वह मुख्य द्वार होता है। यही वह स्थान है जहाँ से परिवार के सदस्य, मेहमान, सामान और दैनिक जीवन की आवाजाही होती…

तवांग मठ| जहां पहाड़ केवल प्रकृति नहीं, बल्कि आध्यात्मिक स्मृतियों के प्रहरी हैं|

संवाद 24 डेस्क। अरुणाचल प्रदेश का तवांग क्षेत्र हिमालय की उन दुर्लभ भूमि में शामिल है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक परंपरा एक-दूसरे से अलग दिखाई नहीं देते। ऊंचे पर्वत, बादलों से ढकी घाटियां, प्रार्थना-पताकाओं की लहराती कतारें और बौद्ध…

सेवइयाँ बनाने की विधि: स्वाद, सुगंध और सही अनुपात का आसान संतुलन

संवाद 24 डेस्क। भारतीय रसोई में कुछ व्यंजन ऐसे हैं जो अपनी सादगी के बावजूद खास अवसरों की पहचान बन जाते हैं। सेवइयाँ भी ऐसा ही लोकप्रिय व्यंजन है। पतली सेवइयों को दूध, चीनी, मेवों और सुगंधित मसालों के साथ…

ऑक्सीजन फेशियल: क्या त्वचा को सचमुच मिलती है “ऑक्सीजन की ताजगी”?

संवाद 24 डेस्क। आज सौंदर्य देखभाल की दुनिया में “ऑक्सीजन फेशियल” एक आकर्षक नाम बन चुका है। इसे अक्सर ऐसी गैर-आक्रामक सौंदर्य प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जो चेहरे को तुरंत ताजगी, नमी और चमक देने में…

एक ऐसी वनस्पति, जिसे पहचानना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उससे दूरी समझना विषलता: देखने में साधारण, लेकिन स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती

संवाद 24 डेस्क। प्रकृति में दिखाई देने वाला हर हरा पौधा उपयोगी या औषधीय नहीं होता। कुछ वनस्पतियाँ ऐसी भी हैं जो अपनी तेज वृद्धि, पर्यावरण पर दबाव और मनुष्य तथा पशुओं में एलर्जी पैदा करने की क्षमता के कारण…

घर का कौन-सा कोना माना जाता है सबसे पवित्र? उत्तर-पूर्व का रहस्य: क्यों कहा गया ईशान कोण को देवताओं का स्थान?

संवाद 24 डेस्क। भारतीय वास्तु परंपरा में घर को केवल ईंट-पत्थर से बनी संरचना नहीं, बल्कि मनुष्य, प्रकृति और दिशाओं के बीच संतुलन का एक जीवंत क्षेत्र माना गया है। इसी दृष्टि से प्रत्येक दिशा को विशिष्ट गुण, तत्व और…

सियांग की शांत पहाड़ियों में बौद्ध गोम्पा: आस्था, संस्कृति और हिमालयी विरासत का जीवंत संसार

संवाद 24 डेस्क। अरुणाचल प्रदेश का सियांग क्षेत्र केवल ऊँचे पहाड़ों, घने जंगलों और तीव्र गति से बहती नदियों के कारण विशिष्ट नहीं है, बल्कि यह अपनी बहुरंगी सांस्कृतिक परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। इसी सांस्कृतिक परिदृश्य में…

जब मिठास सिर्फ स्वाद नहीं, एक परंपरा बन जाती है| खीर: दूध, चावल और मिठास के संग भारतीय स्वाद की सदियों पुरानी पहचान

संवाद 24 डेस्क। भारतीय खान-पान में कुछ व्यंजन ऐसे हैं जिनका रिश्ता केवल रसोई से नहीं, बल्कि हमारी स्मृतियों, त्योहारों और पारिवारिक परंपराओं से भी जुड़ा होता है। खीर उन्हीं व्यंजनों में से एक है। दूध और चावल से तैयार…