Radha Singh

Radha Singh

कुल्फी: पारंपरिक स्वाद से आधुनिक मिठास तक, घर पर कुल्फी बनाने की संपूर्ण विधि

संवाद 24 डेस्क। भारतीय मिठाइयों की दुनिया में कुल्फी का स्थान कुछ अलग है। यह केवल जमी हुई मिठाई नहीं, बल्कि दूध को धीमी आँच पर पकाकर उसके स्वाद, गाढ़ेपन और सुगंध को निखारने की एक पारंपरिक पाक-कला है। आइसक्रीम…

जब धूप की गर्मी नहीं, अदृश्य किरणें करती हैं त्वचा को नुकसान सनबर्न: त्वचा का लाल पड़ना ही नहीं, सूरज की एक गंभीर चेतावनी भी

संवाद 24 डेस्क। धूप हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। सूर्य का प्रकाश ऊर्जा, गर्माहट और शरीर में विटामिन D के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन यही सूर्य अत्यधिक संपर्क की स्थिति में त्वचा के लिए नुकसानदेह भी…

शिग्रु मूल (सहजन की जड़) : परंपरागत ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच एक महत्वपूर्ण औषधीय विरासत

संवाद 24 डेस्क। भारत में सहजन, जिसे आयुर्वेद में शिग्रु कहा जाता है, एक अत्यंत उपयोगी एवं बहुगुणी वृक्ष माना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा (Moringa oleifera) है। सामान्यतः लोग इसकी फलियों और पत्तियों से परिचित होते हैं,…

मुख्य द्वार के लिए सबसे शुभ रंग और सामग्री: लकड़ी या धातु में क्या है बेहतर विकल्प?

संवाद 24 डेस्क। किसी भी घर में मुख्य द्वार का स्थान केवल आने-जाने के रास्ते तक सीमित नहीं होता। यह घर का पहला दृश्य संपर्क-बिंदु है, जहां से परिवार के सदस्य रोज बाहर निकलते और वापस लौटते हैं तथा अतिथि…

सिद्धेश्वरनाथ मंदिर, ज़ीरो: कर्डो के जंगलों में प्रकृति से प्रकट शिव का अद्भुत धाम जहाँ जंगल की निस्तब्धता में सुनाई देती है आस्था की ध्वनि

संवाद 24 डेस्क। अरुणाचल प्रदेश की ज़ीरो घाटी को सामान्यतः उसकी हरी-भरी पहाड़ियों, धान के खेतों, अपातानी संस्कृति और शांत प्राकृतिक परिवेश के लिए जाना जाता है। लेकिन इसी मनोहारी भू-दृश्य के बीच कर्डो के जंगलों में एक ऐसा धार्मिक…

कोझुकट्टा: दक्षिण भारत की पारंपरिक मिठास, जो स्वाद के साथ संस्कृति भी परोसती है

संवाद 24 डेस्क। दक्षिण भारत, विशेषकर केरल और तमिलनाडु की पारंपरिक पाक-संस्कृति में कई ऐसे व्यंजन मिलते हैं, जिनमें साधारण सामग्री से असाधारण स्वाद रचने की कला दिखाई देती है। कोझुकट्टा (Kozhukatta/Kozhukattai) भी ऐसा ही एक लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजन है।…

द्वार पर स्वास्तिक, ॐ और ‘शुभ-लाभ’: क्या कहता है भारतीय घरों का यह मंगल-संस्कार?

संवाद 24 डेस्क। किसी घर का मुख्य द्वार केवल भीतर आने-जाने का रास्ता नहीं होता। भारतीय स्थापत्य और लोक-संस्कृति में यह घर की पहचान, आतिथ्य और मंगलकामना का प्रतीक भी रहा है। यही कारण है कि देश के अलग-अलग हिस्सों…

शालपर्णी: आयुर्वेद की दशमूल परंपरा से आधुनिक औषधीय अनुसंधान तक

संवाद 24 डेस्क। भारतीय औषधीय परंपरा में कुछ पौधे ऐसे हैं जिनका महत्व केवल किसी एक रोग के उपचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वे व्यापक औषधीय संयोजनों का हिस्सा बने। शालपर्णी उन्हीं महत्वपूर्ण वनस्पतियों में शामिल है। आयुर्वेद में…

क्या समाधि केवल ध्यान की अंतिम अवस्था है? समाधि योग: जब मन की चंचलता थमती है और चेतना अपने गहरे स्वरूप की ओर मुड़ती है

संवाद 24 डेस्क। योग शब्द सुनते ही आज हमारे मन में आसन, प्राणायाम, ध्यान और शारीरिक स्वास्थ्य की तस्वीर उभरती है। लेकिन भारतीय योग-दर्शन की शास्त्रीय परंपरा में योग का अर्थ इससे कहीं व्यापक है। पतंजलि के योगसूत्र में योग…

अपर सियांग के स्थानीय बौद्ध गोम्पा: हिमालयी शांति, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत संसार

संवाद 24 डेस्क। अरुणाचल प्रदेश का अपर सियांग जिला केवल ऊँचे पहाड़ों, गहरी घाटियों, घने वनों और वेगवान सियांग नदी के कारण आकर्षक नहीं है; इसकी वास्तविक विशिष्टता इसकी बहुस्तरीय सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत में भी दिखाई देती है। इस…