Radha Singh

Radha Singh

जब फेशियल सिर्फ त्वचा नहीं, मन को भी दे सुकून| अरोमा फेशियल: खुशबू, स्पर्श और त्वचा की देखभाल का संतुलित अनुभव

संवाद 24 डेस्क। फेशियल की दुनिया में अरोमा फेशियल एक ऐसी प्रक्रिया के रूप में लोकप्रिय हुआ है, जिसमें त्वचा की देखभाल के साथ सुगंध और आराम के अनुभव को भी महत्व दिया जाता है। इसमें सामान्य फेशियल की तरह…

छोटी-सी जड़ी-बूटी, लेकिन पहचान कई |शतपुष्पा (डिल): सुगंध, स्वाद और परंपरागत उपयोगों से जुड़ी एक बहुआयामी वनस्पति

संवाद 24 डेस्क। भारतीय वनस्पति और पारंपरिक चिकित्सा परंपरा में अनेक ऐसी सुगंधित वनस्पतियाँ मिलती हैं, जिनका उपयोग भोजन के साथ-साथ औषधीय संदर्भों में भी लंबे समय से होता आया है। शतपुष्पा, जिसे आधुनिक वनस्पति विज्ञान में डिल (Dill) और…

मुख्य द्वार के सामने साफ-सफाई: क्या सचमुच छोटी-सी रुकावट बदल सकती है घर का माहौल?

संवाद 24 डेस्क। किसी भी घर में मुख्य द्वार केवल आने-जाने का रास्ता नहीं होता। यही वह स्थान है जहाँ से परिवार के सदस्य रोज घर में प्रवेश करते हैं, मेहमान पहली बार घर का अनुभव लेते हैं और बाहरी…

तिरप के स्थानीय मंदिर एवं धार्मिक स्थल: आस्था, जनजातीय परंपरा और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत संसार जहाँ धर्म केवल पूजा नहीं, जीवन-पद्धति भी है

संवाद 24 डेस्क। अरुणाचल प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित तिरप जिला अपनी पहाड़ी भौगोलिक संरचना, घने जंगलों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए जाना जाता है। जिले का नाम तिरप नदी से पड़ा है, जो लाजू क्षेत्र की ऊँचाइयों…

जब साधारण साबूदाना बन जाए स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन साबूदाना खिचड़ी: स्वाद, परंपरा और सही विधि का संतुलित संगम

संवाद 24 डेस्क। भारतीय भोजन परंपरा में कुछ व्यंजन ऐसे हैं जो अपनी सादगी के बावजूद बेहद लोकप्रिय हैं। साबूदाना खिचड़ी उन्हीं व्यंजनों में से एक है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसे…

जब फेशियल का उद्देश्य केवल निखार नहीं, त्वचा की उम्र को समझना हो, एंटी-एजिंग फेशियल: झुर्रियों से आगे त्वचा की सेहत

संवाद 24 डेस्क। चेहरे की त्वचा समय के साथ स्वाभाविक रूप से बदलती है। महीन रेखाएं, त्वचा की लोच में कमी, रूखापन, असमान रंगत और सूर्य से होने वाली क्षति इसी प्राकृतिक प्रक्रिया के अलग-अलग रूप हैं। इन्हीं बदलावों को…

शंखिनी: एक नाम, अनेक पहचान—आयुर्वेदिक परंपरा से आधुनिक वनस्पति विज्ञान तक की रोचक यात्रा

संवाद 24 डेस्क। भारतीय पारंपरिक चिकित्सा परंपरा में वनस्पतियों के नाम केवल पहचान के साधन नहीं रहे, बल्कि उनके स्वरूप, गुण, उपयोग और क्षेत्रीय संस्कृति से भी जुड़े रहे हैं। ऐसी ही एक जिज्ञासापूर्ण वनस्पति-संज्ञा है—शंखिनी। नाम सुनते ही सामान्यतः…

मुख्य द्वार: घर का प्रवेश ही नहीं, उसकी पहली पहचान भी-आखिर आकार की यह प्राथमिकता क्यों मानी जाती है?

संवाद 24 डेस्क। किसी घर में प्रवेश करते समय सबसे पहले हमारी नजर जिस हिस्से पर पड़ती है, वह मुख्य द्वार होता है। यही वह स्थान है जहाँ से परिवार के सदस्य, मेहमान, सामान और दैनिक जीवन की आवाजाही होती…

तवांग मठ| जहां पहाड़ केवल प्रकृति नहीं, बल्कि आध्यात्मिक स्मृतियों के प्रहरी हैं|

संवाद 24 डेस्क। अरुणाचल प्रदेश का तवांग क्षेत्र हिमालय की उन दुर्लभ भूमि में शामिल है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक परंपरा एक-दूसरे से अलग दिखाई नहीं देते। ऊंचे पर्वत, बादलों से ढकी घाटियां, प्रार्थना-पताकाओं की लहराती कतारें और बौद्ध…

सेवइयाँ बनाने की विधि: स्वाद, सुगंध और सही अनुपात का आसान संतुलन

संवाद 24 डेस्क। भारतीय रसोई में कुछ व्यंजन ऐसे हैं जो अपनी सादगी के बावजूद खास अवसरों की पहचान बन जाते हैं। सेवइयाँ भी ऐसा ही लोकप्रिय व्यंजन है। पतली सेवइयों को दूध, चीनी, मेवों और सुगंधित मसालों के साथ…