मासूमों की चीखों से दहला अमेरिका: प्राइमरी स्कूल में अंधाधुंध गोलियों की बौछार, 3 बच्चों समेत 4 की मौत; शूटर का भी अंत

​संवाद 24 नई दिल्ली। अमेरिका में गन कल्चर का खूनी तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन सार्वजनिक स्थलों और शिक्षण संस्थानों में होने वाली गोलीबारी की घटनाओं ने एक बार फिर पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। ताजा दिल दहला देने वाला मामला पश्चिमी अमेरिकी राज्य ओरेगन (Oregon) से सामने आया है, जहाँ के शांत कहे जाने वाले बेंड (Bend) शहर के एक एलीमेंट्री स्कूल में एक हथियारबंद हमलावर ने घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस दर्दनाक हमले में तीन मासूम बच्चों और एक वयस्क (शिक्षिका) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद जवाबी कार्रवाई और अफरा-तफरी के बीच हमलावर भी ढेर हो गया।

​दोपहर के वक्त अचानक गूंजीं गोलियों की तड़तड़ाहट
​मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात बेंड शहर के ‘सिल्वर रेल एलीमेंट्री स्कूल’ (Silver Rail Elementary School) में स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 12:59 बजे घटित हुई। आम दिनों की तरह स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं और करीब 450 नन्हें छात्र अपने शिक्षकों के साथ मौजूद थे। तभी स्कूल परिसर के बाहर खड़ी एक कार पर गोलियां चलने की आवाज आई। देखते ही देखते हथियारबंद शूटर स्कूल की इमारत के भीतर दाखिल हो गया और उसने कॉरिडोर तथा कक्षाओं की ओर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से स्कूल में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।

​911 पर कॉल्स की बाढ़ और कुछ ही सेकंड में पहुंची पुलिस
​गोलीबारी शुरू होते ही स्कूल कर्मियों और आसपास मौजूद लोगों ने इमरजेंसी नंबर 911 पर ताबड़तोड़ फोन करने शुरू किए। सूचना मिलते ही स्थानीय बेंड पुलिस विभाग और स्वात (SWAT) कमांडो कुछ ही पलों के भीतर भारी हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तुरंत स्कूल को चारों तरफ से घेर लिया और पूरे परिसर को कड़े ‘लॉकडाउन’ में डाल दिया। सुरक्षा बलों ने एक-एक कमरे की तलाशी लेते हुए बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकालने का जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

​3 मासूम बच्चों और एक शिक्षिका की दर्दनाक मौत
​अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस अधिकारियों की प्राथमिक पुष्टि के अनुसार, इस कायराना हमले में किंडरगार्टन से लेकर पांचवीं कक्षा तक के 5 से 11 वर्ष आयु वर्ग के तीन मासूम बच्चों ने दम तोड़ दिया। वहीं, बच्चों को बचाने की कोशिश में जुटी एक वयस्क शिक्षिका की भी गोली लगने से मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल कम से कम दो अन्य पीड़ितों को नजदीकी सेंट चार्ल्स मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंजर इतना भयावह था कि छोटे-छोटे बच्चे खून से लथपथ होकर मदद की गुहार लगा रहे थे।

​16 वर्षीय संदिग्ध शूटर भी मारा गया, किसने चलाई अंतिम गोली?
​पुलिस ने पुष्टि की है कि संदिग्ध हमलावर भी स्कूल परिसर के भीतर मृत पाया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शूटर की उम्र महज 16 वर्ष थी। हालांकि, यह अभी पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है कि हमलावर पुलिस की जवाबी गोलीबारी में मारा गया, उसने खुद को गोली मार ली या फिर मौके पर मौजूद किसी हथियारबंद नागरिक (बाइस्टैंडर) ने अदम्य साहस दिखाते हुए उसे गोली मारकर ढेर कर दिया। बेंड पुलिस विभाग की प्रवक्ता शीला मिलर ने बताया कि फोरेंसिक टीम और बैलिस्टिक विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि शूटर की जान लेने वाली गोली किसकी बंदूक से चली थी।

​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, चर्च बना रीयूनियन सेंटर
​घटना की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और स्थानीय चैनलों पर फैली, बदहवास अभिभावक अपने बच्चों की सलामती की दुआ मांगते हुए स्कूल की ओर दौड़ पड़े। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने अभिभावकों को सीधे स्कूल भवन के पास जाने से रोक दिया और पास ही स्थित एक स्थानीय चर्च में अस्थायी पुनर्मिलन केंद्र (Reunification Center) स्थापित किया। वहां जब सुरक्षित बचे बच्चों को उनके माता-पिता से मिलाया गया, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। कई ऐसे बदनसीब परिवार भी थे, जिनकी गोद हमेशा के लिए सूनी हो चुकी थी।

​एफबीआई और शीर्ष एजेंसियां जांच में जुटीं
​इस वीभत्स हत्याकांड के पीछे हमलावर का असली मकसद क्या था और उसके पास घातक ऑटोमैटिक हथियार कहां से आए, इसकी गहन जांच शुरू हो चुकी है। स्थानीय पुलिस के अलावा संघीय जांच एजेंसी (FBI) और ‘ब्यूरो ऑफ अल्कोहल, टोबैको, फायरआर्म्स एंड एक्सप्लोसिव्स’ (ATF) के अधिकारी भी मौके पर डेरा डाले हुए हैं। अमेरिकी सीनेटरों और जनप्रतिनिधियों ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि स्कूलों में इस तरह की हिंसा कतई स्वीकार्य नहीं है। इस त्रासदी ने एक बार फिर अमेरिका के लचर हथियार कानूनों और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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