
संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (सीपी) में आज सियासी पारा चरम पर पहुंच चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा शुक्रवार को आहूत ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा के ऐलान के बाद से ही नई दिल्ली क्षेत्र में अभूतपूर्व तनाव की स्थिति बन गई है। इस संभावित जमावड़े और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति, अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था के संकट से निपटने के लिए कनॉट प्लेस तथा उसके इर्द-गिर्द भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है।
सेंट्रल पार्क दो दिनों के लिए पूरी तरह सील
प्रशासनिक अमले ने एहतियात के तौर पर कनॉट प्लेस स्थित ऐतिहासिक सेंट्रल पार्क को दो दिनों (16 और 17 अक्टूबर) के लिए आम जनता के प्रवेश हेतु पूरी तरह बंद करने का नोटिस जारी कर दिया है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) की ओर से दिल्ली पुलिस को आधिकारिक पत्र भेजकर यह सूचित किया गया है कि प्रशासनिक व सुरक्षा कारणों से पार्क को दो दिनों तक बंद रखा जाएगा। एनडीएमसी ने पुलिस प्रशासन से विशेष आग्रह किया है कि इस सार्वजनिक पार्क के चारों तरफ पुख्ता पहरा बैठाया जाए ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति या समूह बैरिकेड्स लांघकर भीतर न घुस सके।
आयोजकों का बड़ा आह्वान, मिला सियासी समर्थन
सीजेपी के प्रमुख नेताओं, विशेष रूप से दीपके द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और प्रेस वार्ताओं के माध्यम से व्यापक अपील की गई है कि लोग शुक्रवार शाम 5 बजे हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर सेंट्रल पार्क में एकत्र हों। यह मामला तब और गरमा गया जब आम आदमी पार्टी (आप) ने भी इस विरोध प्रदर्शन को अपना खुला समर्थन दे दिया और अपने कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों को बड़ी संख्या में सेंट्रल पार्क पहुंचने का निर्देश जारी कर दिया। विभिन्न विपक्षी धड़ों की सक्रियता के चलते राजधानी के सबसे व्यस्त वाणिज्यिक केंद्र में टकराव की आशंका प्रबल हो गई है।
जासूसी का आरोप और गरमाता विवाद
मार्च से ठीक पहले माहौल उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गया जब सीजेपी नेता दीपके ने प्रशासन पर गंभीर आरोप मढ़ दिए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि दिल्ली पुलिस के सादे कपड़ों में तैनात जवान (अंडरकवर पुलिसकर्मी) उनका लगातार पीछा कर रहे हैं और उन पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा बलों की तैनाती केवल कानून के दायरे में व्यवस्था सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित अशांति को रोकने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और निर्दोष नागरिकों की जानमाल की हिफाजत पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
त्योहारी सीजन में व्यापारियों की बढ़ी चिंताएं
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आया है जब राजधानी में त्योहारी सीजन की वजह से बाजारों में भारी भीड़ उमड़ रही है। कनॉट प्लेस के विभिन्न ट्रेडर्स एसोसिएशनों और स्थानीय बाजार संगठनों ने इस विरोध प्रदर्शन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। व्यापारियों का कहना है कि नवरात्र और आगामी त्योहारों के समय ऐसे गैर-कानूनी जमावड़े और टकराव की स्थिति से न सिर्फ सीपी का व्यापार ठप हो जाएगा, बल्कि ग्राहकों में भी डर का माहौल बनेगा। इस मुद्दे को लेकर व्यापारी संगठन दिल्ली उच्च न्यायालय भी पहुंचे थे, जहां अदालत ने व्यावसायिक गतिविधियों में खलल की आशंकाओं पर संज्ञान लिया। दिल्ली पुलिस ने न्यायालय को भरोसा दिलाया है कि व्यापारियों के कारोबार और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं मिलेगी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी: इन रास्तों से बचें
कनॉट प्लेस के इनर सर्किल, आउटर सर्किल और उससे जुड़ने वाले रेडियल रोड्स पर भारी पुलिस बल, अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों और वॉटर कैनन को तैनात कर दिया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि वे कनॉट प्लेस और नई दिल्ली क्षेत्र की ओर आने से बचें। कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के डायवर्जन की व्यवस्था की गई है, जिससे मिंटो रोड, बाराखंभा रोड, कस्तूरबा गांधी मार्ग और जनपथ पर जाम की गंभीर स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है। कुल मिलाकर, एक तरफ जहां प्रदर्शनकारी तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस की सड़कों पर उतरने की जिद पर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि बिना कानूनी अनुमति के किसी भी भीड़ को जुटने नहीं दिया जाएगा। आने वाले कुछ घंटे दिल्ली की कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद संवेदनशील साबित होने वाले हैं।






