
गुरसहायगंज, कन्नौज। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर गुरसहायगंज नगर एक बार फिर भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नगर में प्रभात फेरी निकाली गई। पिछले करीब 15 वर्षों से अनवरत जारी यह परंपरा आज भी नगरवासियों की सामूहिक आस्था और धार्मिक जुड़ाव का प्रतीक बनी हुई है।
नगरवासियों की सहभागिता ने बनाया आयोजन को विशेष
जन्माष्टमी के अवसर पर निकाली गई प्रभात फेरी में गुरसहायगंज के विभिन्न क्षेत्रों से नगरवासी शामिल हुए। भक्ति भाव से ओतप्रोत श्रद्धालुओं ने प्रभात फेरी में सहभागिता कर भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। नगरवासियों द्वारा लगातार 15 वर्षों से इस परंपरा को आगे बढ़ाया जाना आयोजन की विशेष पहचान बन चुका है।
सनातन संस्कृति और सामूहिक आस्था का जीवंत उदाहरण
प्रभात फेरी जैसे आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज में सामूहिक सहभागिता, सांस्कृतिक निरंतरता और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनते हैं। गुरसहायगंज में वर्षों से चली आ रही यह प्रभात फेरी इसी सामूहिक आस्था की तस्वीर प्रस्तुत करती है। कन्नौज जिला प्रशासन की वेबसाइट भी गुरसहायगंज के धार्मिक स्थलों और वहां होने वाले धार्मिक आयोजनों को स्थानीय धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा बताती है।
जन्माष्टमी पर कन्नौज में रहा भक्तिमय माहौल
इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जा रही है। कन्नौज सहित आसपास के क्षेत्रों में मंदिरों और घरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां की गईं। स्थानीय स्तर पर झांकियों, पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।धार्मिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग भी बताया गया है, जिसके कारण पर्व को धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है।
इन लोगों की रही प्रमुख सहभागिता
प्रभात फेरी के अवसर पर राजीव दुबे, इंद्र कुमार गुप्ता, मयंक तिवारी, जीतू तिवारी, राजीव ठाकुर, दिलीप गुप्ता, सुशील गुप्ता सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को उत्साहपूर्ण और भक्तिमय बना दिया।गुरसहायगंज में 15 वर्षों से चली आ रही यह प्रभात फेरी इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक समय में भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं लोगों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य कर रही हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर निकली यह प्रभात फेरी नगर की सनातन आस्था, सामाजिक सहभागिता और परंपरा के प्रति समर्पण की एक सुंदर तस्वीर बनकर सामने आई।






