
कन्नौज। तेराजाकेट स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शुक्रवार को जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के औचक निरीक्षण से विद्यालय की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आई। जिलाधिकारी ने छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा, आवास, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा समेत विभिन्न मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।
टूटी बाउंड्री और झाड़ियों ने खींचा डीएम का ध्यान
निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में टूटी हुई बाउंड्रीवाल के साथ-साथ जगह-जगह घास-फूस और झाड़ियां दिखाई दीं। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बाउंड्रीवाल के निर्माण एवं मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू कराने तथा इसे गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने को कहा।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में बालिकाएं पढ़ाई के साथ वहीं रहती भी हैं, इसलिए उनके लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने परिसर में उगी झाड़ियों और घास-फूस की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। प्रशासन के मुताबिक ऐसी जगहों पर सांप, बिच्छू अथवा अन्य विषैले जीव-जंतुओं के आने की आशंका को देखते हुए परिसर को स्वच्छ और सुरक्षित रखना आवश्यक है।
148 छात्राओं की व्यवस्थाओं की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि विद्यालय में 5 स्टाफ और 3 रसोइयों के माध्यम से 148 छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने छात्राओं को समय से भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ-सफाई और सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने की स्थिति की जानकारी ली और व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
डीएम ने खुद परखी भोजन की गुणवत्ता
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को स्वयं परखा। भोजन की स्थिति संतोषजनक मिलने पर उन्होंने निर्धारित मेन्यू के अनुसार छात्राओं को नियमित रूप से स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान छात्राओं द्वारा भोजन से पहले मंत्रोच्चारण किए जाने की बात भी सामने आई।
स्कूल सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
उत्तर प्रदेश में विद्यालयों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्कूल सेफ्टी कार्यक्रमों पर भी जोर दिया जाता रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को सुरक्षा, आपदा-तैयारी और विभिन्न जोखिमों के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित शिक्षण वातावरण विकसित करना है।कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का उद्देश्य वंचित वर्ग की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आवासीय सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। प्रदेश सरकार के अनुसार इन विद्यालयों में शिक्षा के साथ आत्मरक्षा प्रशिक्षण, जीवन कौशल, खेल और अन्य गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं।जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद अब विद्यालय परिसर की सफाई और टूटी बाउंड्रीवाल की मरम्मत को लेकर संबंधित विभागों के सामने समयबद्ध कार्रवाई की जिम्मेदारी है। निरीक्षण का मुख्य संदेश साफ रहा कि आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए शिक्षा के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।






