
कन्नौज। जिले की तिर्वा तहसील के उमर्दा ब्लॉक क्षेत्र स्थित ककरघटा गांव में वायरल बुखार के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच तेज कर दी है। शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विकास चंद्रा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और प्रभावित ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए उपचार एवं बचाव संबंधी आवश्यक निर्देश दिए।
पहले 95 मरीजों तक पहुंची थी स्वास्थ्य विभाग की टीम
ककरघटा में बुखार के मामले सामने आने के बाद मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठठिया की टीम गांव पहुंची थी। चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहित सिंह और फार्मासिस्ट मनोज वाजपेयी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मरीजों की जांच कर दवाएं वितरित की थीं। उस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों में बुखार के लक्षण पाए गए और रक्त के नमूने जांच के लिए लिए गए थे। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार गांव में जलभराव और नालियों की सफाई की समस्या के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है।
CMO के दौरे के बाद जांच का दायरा बढ़ा
ग्रामीणों में लगातार बढ़ रहे बुखार की जानकारी मिलने के बाद समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद शुक्रवार को CMO डॉ. विकास चंद्रा स्वयं ककरघटा पहुंचे। उनके साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठठिया के चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहित सिंह, फार्मासिस्ट मनोज वाजपेयी समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस दौरान 114 मरीजों को दवाएं वितरित की गईं और 104 लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए लिए गए। टीम ने ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने, जलभराव से बचने और बुखार की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।
दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि से बढ़ी चिंता
ककरघटा में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान दो मरीजों के डेंगू पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे गांव में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, प्रत्येक बुखार को डेंगू मानने के बजाय जांच के आधार पर ही बीमारी की पुष्टि की जा रही है।
जलभराव और गंदगी भी बनी चुनौती
ककरघटा में बीमारी के बढ़ते मामलों के बीच जलनिकासी की समस्या भी चिंता का विषय बनी हुई है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार गांव में लंबे समय से जलभराव की समस्या है और बारिश के दौरान गलियों में पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी ग्रामीणों को साफ-सफाई और आसपास पानी जमा न होने देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की नजर अब हर संदिग्ध मरीज पर
ककरघटा में लगातार स्वास्थ्य टीमों की सक्रियता से यह संकेत है कि विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पहले चरण में मरीजों की जांच और दवा वितरण के बाद अब अधिक संख्या में रक्त के नमूने लिए जाने से संभावित संक्रमण की पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के बाद जलभराव और मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। कन्नौज में हाल के दिनों में वायरल बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने की रिपोर्ट भी सामने आई है।






