21 अगस्त 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 21 अगस्त 2026, शुक्रवार

कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – नवमी रात 11:38 PM तक, तत्पश्चात् दशमी
वार – शुक्रवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – अनुराधा सुबह 11:53 AM तक, तत्पश्चात् ज्येष्ठा
योग – वैधृति अगले दिन (22 अगस्त) प्रातः 05:18 AM तक, तत्पश्चात् विष्कंभ
करण – बालव प्रातः 10:27 AM तक, तत्पश्चात् कौलव रात 11:38 PM तक, तत्पश्चात् तैतिल

सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:45 AM
सूर्यास्त – 06:44 PM
चन्द्रोदय – दोपहर 01:54 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (22 अगस्त) 00:07 AM
चन्द्र राशि – वृश्चिक (पूरा दिन-रात)
अभिजित मुहूर्त – 11:48 AM से 12:40 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)

अशुभ काल
राहुकाल – 10:37 AM से 12:14 PM तक
यमगण्ड – 03:29 PM से 05:06 PM तक
गुलिक काल – 07:22 AM से 08:59 AM तक
दुर्मुहूर्त – 08:21 AM से 09:12 AM तक एवं दोपहर 12:40 PM से 01:32 PM तक
कंटक – 01:32 PM से 02:24 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 03:16 PM से 04:08 PM तक
यमघण्ट – 05:00 PM से 05:52 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 08:21 AM से 09:12 AM तक

शुभ चौघड़िया
चर – 05:45 AM से 07:22 AM तक
लाभ – 07:22 AM से 08:59 AM तक
अमृत – 08:59 AM से 10:37 AM तक
शुभ – 12:14 PM से 01:52 PM तक

दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो राई (सरसों) या जौ खाकर अथवा शीशा (दर्पण) देखकर प्रस्थान करें।

व्रत-पर्व एवं विशेष योग
श्रावण शुक्ल नवमी / ज्येष्ठा नक्षत्र (गंडमूल) प्रारंभ
आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। आज सुबह 11:53 AM के बाद बुध के स्वामित्व वाले ‘ज्येष्ठा नक्षत्र’ का आगमन होगा, जो गंडमूल श्रेणी में आता है। अतः नवजात शिशुओं के नामकरण व विशेष मांगलिक कार्यों के लिए गंडमूल शांति का विचार अवश्य करें।

अनुराधा एवं ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव
सुबह 11:53 AM तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी शनि देव हैं। यह नक्षत्र मित्रता, सहयोग और संगठनात्मक कार्यों के लिए शुभ है। इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र लगेगा, जिसके स्वामी बुध और अधिपति इन्द्र देव हैं। यह नक्षत्र अधिकार, नेतृत्व, पराक्रम और प्रशासनिक कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन और रात मंगल देव की राशि वृश्चिक में संचरण करेंगे। नीच राशि वृश्चिक में चन्द्रमा का गोचर जातकों को भावनात्मक रूप से सतर्क रहने और बौद्धिक कार्यों में गहन विश्लेषण करने की प्रेरणा देगा। शुभ कार्यों के लिए दोपहर के अभिजित मुहूर्त का प्रयोग करें।

आज का राशिफल – 21 अगस्त 2026 शुक्रवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। चन्द्रमा के अष्टम भाव में होने से सेहत का ध्यान रखें और वाहन सावधानी से चलाएं। किसी गुप्त स्रोत से अचानक धन लाभ होने के योग हैं।
उपाय – माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा। साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। सामाजिक जीवन में आपकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – छोटी कन्याओं को मिश्री या खीर खिलाएं।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
प्रतिद्वंद्वी और गुप्त शत्रु आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी।
उपाय – भगवान विष्णु के मंदिर में कपूर जलाएं।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन सफलता दिलाने वाला रहेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। बौद्धिक कार्यों से लाभ होगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
घरेलू सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी, मकान या वाहन के क्रय-विक्रय की योजना बन सकती है। माता का पूरा आशीर्वाद और सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग कार्यक्षेत्र में मददगार साबित होगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं होंगी।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन अत्यंत मजबूत रहने वाला है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। वाणी की मधुरता से आप परिवार और कार्यक्षेत्र दोनों जगह प्रभाव छोड़ेंगे।
उपाय – शुक्रवार के दिन गुलाबी या सफेद वस्त्र धारण करें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास बना रहेगा। व्यापार में नए अनुबंध मिल सकते हैं। सोचे हुए कार्य समय पर पूरे होने से मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – लक्ष्मी नारायण जी को गुलाब का इत्र अर्पित करें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
अनावश्यक दौड़भाग और खर्चों से बचने की सलाह दी जाती है। विदेश या सुदूर यात्रा से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। वित्तीय लेन-देन में पूरी सतर्कता बरतें।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आय के स्रोतों में अप्रत्याशित वृद्धि होने के योग बन रहे हैं। पुराने किए गए निवेश से बड़ा वित्तीय लाभ होगा। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को सफेद अन्न (चावल, चीनी) का दान करें।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
नौकरी और आजीविका के क्षेत्र में आज शानदार सफलता मिलेगी। उच्च अधिकारी आपके कार्यों की सराहना करेंगे। कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ेगा।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत (चावल) चढ़ाएं।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगेगा। किसी तीर्थ यात्रा की योजना बन सकती है। कानूनी मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
उपाय – कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।

॥ शुभम भवतु ॥

Samvad 24 Office
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