
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 17 अगस्त 2026, सोमवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – पंचमी शाम 05:02 PM तक, तत्पश्चात् षष्ठी
वार – सोमवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – चित्रा अगले दिन (18 अगस्त) तड़के 04:59 AM तक, तत्पश्चात् स्वाति
योग – शुभ अगले दिन (18 अगस्त) तड़के 03:29 AM तक, तत्पश्चात् शुक्ल
करण – बालव शाम 05:02 PM तक, तत्पश्चात् कौलव अगले दिन (18 अगस्त) प्रातः 05:22 AM तक, तत्पश्चात् तैतिल
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:43 AM
सूर्यास्त – 06:48 PM
चन्द्रोदय – 10:05 AM
चन्द्रास्त – रात 09:30 PM
चन्द्र राशि – कन्या शाम 04:20 PM तक, तत्पश्चात् तुला
अभिजित मुहूर्त – 11:49 AM से 12:41 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:25 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 07:21 AM से 08:59 AM तक
यमगण्ड – 10:37 AM से 12:15 PM तक
गुलिक काल – 01:53 PM से 03:31 PM तक
दुर्मुहूर्त – दोपहर 12:41 PM से 01:34 PM तक एवं शाम 03:18 PM से 04:11 PM तक
कंटक – 08:20 AM से 09:12 AM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 10:04 AM से 10:57 AM तक
यमघण्ट – 11:49 AM से 12:41 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 03:18 PM से 04:11 PM तक
शुभ चौघड़िया
अमृत – 05:43 AM से 07:21 AM तक
शुभ – 08:59 AM से 10:37 AM तक
चर – 01:53 PM से 03:31 PM तक
लाभ – 03:31 PM से 05:09 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पूर्व
यात्रा उपाय – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दर्पण देखकर या दूध-मिश्री का सेवन कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
नाग पंचमी / तृतीय श्रावण सोमवार व्रत
आज श्रावण मास (सावन) का तीसरा सोमवार व्रत है। इसके साथ ही आज श्रावण शुक्ल पक्ष की पावन ‘नाग पंचमी’ का पर्व मनाया जाएगा। आज भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ-साथ नाग देवताओं की पूजा-अर्चना करने से कालसर्प दोष व भय से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। आज पूरे दिन-रात अत्यंत शुभ ‘शुभ योग’ का संयोग बना हुआ है।
चित्रा नक्षत्र का प्रभाव
पूरे दिन और रात अगले दिन तड़के 04:59 AM तक चित्रा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी मंगल देव और अधिपति विश्वकर्मा जी हैं। यह नक्षत्र निर्माण, कला, डिजाइनिंग, नए वस्त्र-आभूषणों की खरीदारी और नवीन योजनाओं की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा शाम 04:20 PM तक बुध देव की राशि कन्या में रहेंगे, जिसके बाद वे अपनी मित्र राशि तुला में प्रवेश करेंगे। तुला राशि में चन्द्रमा का संचरण व्यापारिक साझेदारी, जनसंपर्क, संतुलन और सौहार्द में वृद्धि करेगा।

आज का राशिफल – 17 अगस्त 2026 सोमवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
शाम तक प्रतिस्पर्धियों और शत्रुओं पर आपकी विजय बनी रहेगी। शाम के बाद चन्द्रमा के सप्तम भाव में आने से वैवाहिक जीवन में प्रेम और व्यापारिक साझेदारी में लाभ होगा।
उपाय – शिवलिंग पर जलाभिषेक कर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
शाम तक विद्यार्थियों और बौद्धिक कार्यों के लिए समय उत्तम है। शाम के बाद चन्द्रमा के षष्ठम भाव में जाने से शत्रुओं पर आपका प्रभाव बढ़ेगा और स्वास्थ्य में सुधार होगा।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
शाम तक घरेलू सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। शाम के बाद चन्द्रमा के पंचम भाव में आने से संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा और बौद्धिक क्षमता से बड़ा लाभ होगा।
उपाय – भगवान शिव को कच्चा दूध और दूर्वा चढ़ाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
शाम तक आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि रहेगी। शाम के बाद चतुर्थ भाव में चन्द्रमा के आने से प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़े रुके काम पूरे होंगे। माता का आशीर्वाद मिलेगा।
उपाय – सोमवार के दिन शिव चालीसा का पाठ करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
शाम तक आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा और वाणी से काम बनेंगे। शाम के बाद आपके पराक्रम और संपर्क सूत्रों में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा।
उपाय – सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
शाम तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में रहने से आत्मविश्वास बना रहेगा। शाम के बाद धन भाव में चन्द्रमा आने से अटका हुआ धन वापस मिल सकता है और बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
उपाय – शिवलिंग पर बेलपत्र और अक्षत अर्पित करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
शाम तक बेफिजूल के खर्चों से बचें। शाम 04:20 PM के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा, आत्मविश्वास लौटेगा और नए अवसर मिलेंगे।
उपाय – देवी लक्ष्मी और शिव जी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
शाम तक आय के स्रोतों में वृद्धि बनी रहेगी। शाम के बाद दूर की यात्राओं के योग बन सकते हैं। बेफिजूल के खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है।
उपाय – शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें।
धनु (ये, Yo, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
शाम तक कार्यक्षेत्र और करियर में उन्नति बनी रहेगी। शाम के बाद एकादश भाव में चन्द्रमा के आने से आय में जबरदस्त वृद्धि होगी और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा।
उपाय – भगवान विष्णु और शिव जी को पीले पुष्प अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
शाम तक भाग्य का साथ मिलेगा और धार्मिक कार्यों में मन लगेगा। शाम के बाद दशम भाव में चन्द्रमा आने से नौकरी और व्यापार में पद-प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ेगा।
उपाय – महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
शाम तक स्वास्थ्य और लेन-देन में थोड़ी सतर्कता बरतें। शाम के बाद चन्द्रमा के नवम भाव में आते ही रुका हुआ भाग्य चमकेगा और अटके काम तेजी से बनेंगे।
उपाय – भगवान शिव को साबुत अक्षत और जल चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
शाम तक दाम्पत्य जीवन और व्यापारिक साझेदारियों में लाभ रहेगा। शाम के बाद स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी बरतें और अवांछित विवादों से दूरी बनाए रखें।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम या शिव चालीसा का पाठ करें।
॥ शुभम भवतु ॥

