
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 29 सितंबर 2026, मंगलवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – भाद्रपद (अमांत), आश्विन (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – तृतीया सायं 05:11 PM तक, तत्पश्चात् चतुर्थी
वार – मंगलवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – अश्विनी प्रातः 09:04 AM तक, तत्पश्चात् भरणी
योग – व्याघात प्रातः 06:12 AM तक, तत्पश्चात् हर्षण अगले दिन (30 सितंबर) प्रातः 03:20 AM तक, तत्पश्चात् वज्र
करण – वणिज प्रातः 06:15 AM तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) सायं 05:11 PM तक, तत्पश्चात् बव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:03 AM
सूर्यास्त – 06:00 PM
चन्द्रोदय – 07:32 PM
चन्द्रास्त – 08:31 AM
चन्द्र राशि – मेष
अभिजित मुहूर्त – 11:38 AM से 12:25 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:01 PM से 02:49 PM तक
अशुभ काल
राहुकाल – 03:01 PM से 04:31 PM तक
यमगण्ड – 09:02 AM से 10:32 AM तक
गुलिक काल – 12:02 PM से 01:31 PM तक
दुर्मुहूर्त – 08:26 AM से 09:14 AM तक एवं 11:06 PM से 11:54 PM तक
कंटक – 06:50 AM से 07:38 AM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 09:02 AM से 10:32 AM तक
लाभ – 10:32 AM से 12:02 PM तक
अमृत – 12:02 PM से 01:31 PM तक
शुभ – 03:01 PM से 04:31 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो गुड़ या धनिया खाकर अथवा श्री हनुमान चालीसा का पाठ करके प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
तृतीया श्राद्ध (पितृपक्ष)
आश्विन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर तृतीया श्राद्ध संपन्न किया जाता है। जिन पूर्वजों का देहावसान किसी भी मास के दोनों पक्षों की तृतीया तिथि को हुआ हो, उनका तर्पण, पिंडदान व ब्राह्मण भोजन आज कराना श्रेष्ठ फलदायी माना जाता है। सायं 05:11 के बाद संकष्टी चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
भरणी नक्षत्र का प्रभाव
प्रातः 09:04 के बाद भरणी नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी यमराज और अधिपति ग्रह शुक्र हैं। यह नक्षत्र न्याय, दृढ़ संकल्प और बड़े परिवर्तनों का कारक माना जाता है। चन्द्रमा पूरे दिन मेष राशि में संचरण करेंगे, जिससे पराक्रम और उत्साह बना रहेगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज प्रातः 06:15 से सायं 05:11 बजे तक भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव रहेगा, अतः इस समयावधि में कोई भी सांसारिक मांगलिक व शुभ कार्य आरंभ न करें। प्रातः 06:12 के बाद प्रारंभ होने वाला ‘हर्षण योग’ प्रसन्नता, उल्लास और कार्यों में सिद्धि प्रदान करने वाला सिद्ध होगा।

आज का राशिफल – 29 सितंबर 2026 मंगलवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को सराहा जाएगा। आर्थिक लाभ के योग बनेंगे।
उपाय – हनुमान जी को सिन्दूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
द्वादश भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से दौड़भाग और खर्च की अधिकता रह सकती है। दूरस्थ संपर्कों और विदेश से जुड़े मामलों में प्रगति होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय – शिवलिंग पर लाल चंदन या कच्चा दूध अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
एकादश भाव में चन्द्रमा आय के नए साधन निर्मित करेगा। पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा।
उपाय – गाय को भीगी हुई चने की दाल या गुड़ खिलाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दशम भाव में चन्द्रमा करियर और कार्यक्षेत्र में उन्नति के मार्ग प्रशस्त करेगा। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – भगवान शिव का जलाभिषेक करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
नवम भाव में चन्द्रमा भाग्य का पूर्ण सहयोग दिलाएगा। धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में रुचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रयासरत जातकों को सफलता मिलेगी।
उपाय – सूर्यदेव को तांबे के पात्र से जल में रोली मिलाकर अर्घ्य दें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
अष्टम भाव में चन्द्रमा के प्रभाव से सेहत और खानपान पर विशेष सतर्कता बरतें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। व्यर्थ के विवादों और जोखिम से बचें।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
सप्तम भाव में चन्द्रमा दाम्पत्य जीवन में सुख और सामंजस्य बनाए रखेगा। साझेदारी के व्यवसाय में उत्तम लाभ की संभावना है। नए अनुबंध मिल सकते हैं।
उपाय – किसी निर्धन को लाल फल या अन्न दान करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
षष्ठ भाव में चन्द्रमा शत्रुओं और प्रतिस्पर्धियों पर आपका दबदबा बनाए रखेगा। नौकरीपेशा जातकों को मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी।
उपाय – सुंदरकांड का पाठ करें या हनुमान चालीसा पढ़ें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
पंचम भाव में चन्द्रमा बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करेगा। विद्यार्थियों को अध्ययन में सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है।
उपाय – मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
चतुर्थ भाव में चन्द्रमा पारिवारिक सुख-सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित रखेगा। भूमि, भवन या वाहन से संबंधित काम आगे बढ़ेंगे। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय – पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
तृतीय भाव में चन्द्रमा आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि करेगा। भाई-बहनों और मित्रों का सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक संपर्कों से लाभ होगा।
उपाय – मंगलवार को बंदरों को गुड़-चना खिलाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
धन भाव में चन्द्रमा आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा। अटका हुआ धन वापस आने के योग हैं। पारिवारिक वातावरण सुखद और उत्साहवर्धक रहेगा।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
॥ शुभम भवतु ॥

