
कन्नौज। जिले में लगातार हुई भारी बारिश के बाद जलभराव और क्षति की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों पर फोकस बढ़ा दिया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार जिले में करीब 60 घंटे तक बारिश हुई, जिसके बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा।
कमांड सेंटर में जुटे अधिकारी, प्रभावितों की मदद पर मंथन
सोमवार को समाज कल्याण मंत्री एवं सदर विधायक असीम अरुण ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित कमांड सेंटर में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, सीओ सिटी सुरेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और नुकसान का आकलन कराने को लेकर चर्चा हुई।
घर से खेत तक नुकसान का तैयार होगा आकलन
बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों की टीम भेजकर मकानों, गृहस्थी और फसलों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराने पर जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों से प्रभावित परिवारों की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्रवाई करने को कहा। इससे पहले भी जिला प्रशासन ने भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए तहसील स्तर पर निगरानी और त्वरित राहत व्यवस्था सक्रिय रखने के निर्देश दिए थे।
बारिश से कच्चे मकानों पर सबसे ज्यादा असर
लगातार बारिश के कारण जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक कन्नौज में बारिश के बाद 69 कच्चे मकानों के ढहने की सूचना सामने आई है, जबकि कई क्षेत्रों में जलभराव और फसलों के जलमग्न होने की स्थिति बनी हुई है।
बिजली और जलनिकासी व्यवस्था भी प्रभावित
भारी बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। स्थानीय रिपोर्टों में विद्युत लाइनों और खंभों को नुकसान पहुंचने तथा कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की जानकारी सामने आई है।
मंत्री ने ईदगाह कॉलोनी पहुंचकर जाना लोगों का हाल
अधिकारियों के साथ बैठक के बाद असीम अरुण ने ईदगाह कॉलोनी पहुंचकर जलभराव और बारिश से प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर बारिश के दौरान हुई परेशानियों और नुकसान की जानकारी ली।
राहत कार्यों में तेजी पर प्रशासन का जोर
कन्नौज जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय आपदा चेतावनी से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी उपलब्ध है। वर्तमान परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों तक समय से सहायता पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर नुकसान का सटीक आकलन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।






