
संवाद 24 नई दिल्ली। भारत की सड़कों पर आवागमन को सुलभ बनाने और बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वाकांक्षी खाका तैयार किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के सभी राज्यों से दोपहिया यात्री वाहनों यानी ‘बाइक टैक्सी’ सेवाओं को अविलंब मंजूरी देने की पुरजोर वकालत की है। केंद्रीय मंत्री का दावा है कि अगर राज्य सरकारें नीतिगत अड़चनों को दूर कर इस मॉडल को अपनाती हैं, तो देश भर में लगभग 8 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने लापरवाह चालकों पर नकेल कसने के लिए मोटर वाहन अधिनियम में एक कड़ा ‘नेगेटिव पॉइंट सिस्टम’ लागू करने का भी ऐलान किया है, जिससे बार-बार नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द किया जा सकेगा।
राज्यों से अपील: रोजगार की राह में रोड़ा न बनें अड़चनें
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार अपनी तरफ से निजी दोपहिया वाहनों (स्कूटर और मोटरसाइकिल) को वाणिज्यिक यात्री परिवहन के रूप में उपयोग करने की वैधानिक छूट पहले ही दे चुकी है। हालांकि, संविधान के तहत परिवहन राज्य सूची का विषय होने के कारण अंतिम फैसला राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है। वर्तमान में देश के कई राज्य विनियामक जटिलताओं या स्थानीय आपत्तियों के कारण बाइक टैक्सी सेवाओं को पूर्ण हरी झंडी नहीं दे रहे हैं। गडकरी ने राज्यों से व्यापक जनहित में इस दिशा में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि यह सेवा न केवल महानगरों में ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ यानी अंतिम छोर तक की यात्रा को बेहद किफायती बनाएगी, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए सम्मानजनक आजीविका का बड़ा जरिया बनेगी। बिना भारी पूंजी निवेश के युवा अपनी बाइक के जरिए आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
हाईवे और माइनिंग वर्कर्स के लिए ‘सुरक्षा’ पायलट प्रोजेक्ट
नितिन गडकरी यह विचार ‘सुरक्षा’ नामक एक विशेष पायलट कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान साझा कर रहे थे। यह अनूठा कार्यक्रम महाराष्ट्र के नागपुर-काम्पटी कॉरिडोर (राष्ट्रीय राजमार्ग-44) और चंद्रपुर की खनन पट्टी के लगभग 150 किलोमीटर क्षेत्र में संचालित किया जा रहा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य राजमार्ग निर्माण स्थलों और अत्यधिक जोखिम वाले माइनिंग क्षेत्रों में काम करने वाले चालकों तथा मजदूरों को मौके पर ही निशुल्क स्वास्थ्य जांच, नेत्र परीक्षण और मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत पहले चरण में 10 हजार जोखिम-ग्रस्त कामगारों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सुरक्षित सफर के लिए वाहन चालक का शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होना बुनियादी शर्त है। रात-दिन भारी वाहन चलाने वाले ड्राइवरों की कमजोर नजर और थकान सड़क हादसों की प्रमुख वजह बनती है, जिस पर त्वरित ध्यान देना अनिवार्य है।
ट्रैफिक नियमों में बड़ा फेरबदल: लागू होगा ‘नेगेटिव पॉइंट सिस्टम’
सड़क हादसों में होने वाली मौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए परिवहन मंत्री ने कड़े दंडात्मक प्रावधानों का रोडमैप पेश किया। केंद्र सरकार मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन कर एक डिजिटल ‘नेगेटिव पॉइंट सिस्टम’ लाने की तैयारी में है।
इस नई व्यवस्था के तहत:
प्रत्येक उल्लंघन पर अंक कटेंगे: तेज रफ्तार, रेड लाइट जंप, गलत दिशा में ड्राइविंग या शराब पीकर गाड़ी चलाने पर चालक के डिजिटल रिकॉर्ड से अंक घटाए जाएंगे।
लाइसेंस होगा सस्पेंड या निरस्त: नकारात्मक अंकों की एक तय सीमा पार होते ही चालक का ड्राइविंग लाइसेंस स्वतः निलंबित (सस्पेंड) या स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा।
आदतन अपराधियों पर सख्त नजर: यह नियम विशेष रूप से ‘हैबिटुअल ऑफेंडर्स’ यानी बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को सड़कों से बाहर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कड़े जुर्माने से हासिल नहीं की जा सकती, बल्कि चालकों के भीतर कानूनी जवाबदेही और जिम्मेदारी की भावना जगाना बेहद आवश्यक है। सरकार की यह दोहरी नीति एक तरफ जहां करोड़ों युवाओं के लिए आजीविका के नए द्वार खोलेगी, वहीं दूसरी तरफ भारतीय सड़कों को अनुशासित और सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।






