
संवाद 24 उत्तर प्रदेश। कौशांबी जिले में मनौरी स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 11 मासूम जिंदगियों को लील जाने वाले इस दर्दनाक हादसे के मुख्य आरोपी और फैक्ट्री संचालक नौशाद को पुलिस ने मंगलवार तड़के एक सनसनीखेज मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। शहर छोड़कर भागने की जुगत में लगे आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस की आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को तत्काल हिरासत में लेकर सुरक्षा घेरे में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भोर के अंधेरे में घेराबंदी और गोलियों की तड़तड़ाहट
कौशांबी के मनौरी इलाके में सोमवार को हुए धमाके की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि प्रशासन और पुलिस महकमा हरकत में आ गया। 11 लोगों की जान जाने और कई परिवारों के तबाह होने के बाद मुख्य आरोपी नौशाद घटना के तुरंत बाद से ही फरार चल रहा था। क्षेत्राधिकारी (सीओ) शिवांक सिंह के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया था, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं। मंगलवार सुबह करीब 4 बजे मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी नौशाद जिले की सीमा लांघकर दूसरे राज्य या शहर भागने की फिराक में सुनसान रास्ते से निकलने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की सख्त नाकेबंदी कर दी। जैसे ही पुलिस ने नौशाद को आत्मसमर्पण करने के लिए ललकारा, खुद को घिरता देख उसने बचने के लिए सीधे पुलिस टीम पर तमंचे से गोलियां दागनी शुरू कर दीं। पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में एक गोली नौशाद के पैर में लगी और वह वहीं जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद टीम ने उसे दबोच लिया।
मासूम जिंदगियों का सौदागर: 11 मौतों का दर्दनाक मंजर
मनौरी में हुए इस धमाके ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास के मकानों की दीवारें हिल गईं और कई किलोमीटर दूर तक धमाके की आवाज सुनाई दी। फैक्ट्री के मलबे में दबकर 11 कामगारों और आसपास के लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिनमें एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल थे। कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका इलाज अभी भी जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रिहायशी इलाके के पास बिना पुख्ता सुरक्षा मानकों, अग्निशमन इंतजामों और वैध अनुमतियों के बारूद का अवैध भंडारण और निर्माण कार्य कराया जा रहा था। मुनाफे की हवस में कामगारों की जिंदगी को बारूद के ढेर पर बैठा दिया गया था।
पुलिस का सख्त रुख: अन्य सहयोगियों की तलाश तेज
सीओ शिवांक सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ में घायल ने अपना नाम नौशाद ही बताया है। उसके पास से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। घायल आरोपी का प्राथमिक उपचार अस्पताल में कराया जा रहा है ताकि उससे आगे की गहन पूछताछ की जा सके। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फैक्ट्री के संचालन में नौशाद का साथ देने वाले अन्य साझेदारों, कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं और संरक्षण देने वालों की कुंडली खंगाली जा रही है। फरार चल रहे अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।






