
संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक जोरदार हंगामा, जूता उछालने और हाथापाई की घटना सामने आई। सांसद पप्पू यादव ने दावा किया है कि यह केवल एक साधारण विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि उन्हें जान से मारने की सोची-समझी साजिश (Plot to assassinate) थी। आरोप है कि हमलावर अपने साथ धारदार चाकू लेकर आया था। संसद भवन परिसर के मकर द्वार से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल तक हुए इस भारी हंगामे ने दिल्ली पुलिस और सुरक्षा तंत्र के हाथ-पांव फुला दिए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैसे भड़का हंगामा?
मिली जानकारी के अनुसार, सांसद पप्पू यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान एक युवक (जिसकी पहचान सुमित के रूप में बताई जा रही है) वहां पहुंचा और संसद में विपक्षी सांसदों द्वारा राम मंदिर से जुड़ी सांकेतिक प्रस्तुति (Skit) को लेकर तीखे सवाल पूछने लगा। देखते ही देखते बहस तीखी नोकझोंक में बदल गई और युवक ने जूता उछाल दिया। इसके बाद पप्पू यादव के समर्थकों और उस व्यक्ति के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई।
पप्पू यादव का सनसनीखेज दावा:
“रोज बाबा और कट्टरपंथी कह रहे हैं कि मुझे मार दो, ₹51 लाख का इनाम देंगे। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीछे से चाकू निकालकर हमला करने का प्रयास किया गया। समर्थकों ने किसी तरह उसे दबोचा और पुलिस के हवाले किया। मुझे मारने की बड़ी साजिश रची गई थी। लेकिन चाहे गोली खानी पड़े या विरोध झेलना पड़े, हम पीछे नहीं हटेंगे।”
क्या है विवाद की मुख्य जड़?
पूरे विवाद की जड़ संसद परिसर के अंदर विपक्ष द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन और ड्रामेटिक प्रस्तुति (Skit) है:
राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी का आरोप: विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर निर्माण के चंदे में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए सांकेतिक प्रदर्शन किया था।
भगवा वेशभूषा पर विवाद: इस प्रस्तुति के दौरान पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र धारण कर साधु का अभिनय किया था।
संतों और बीजेपी का विरोध: साधु की वेशभूषा और नाटक को लेकर सत्तारूढ़ बीजेपी, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और काशी के संतों में गहरा आक्रोश फैल गया।
दिल्ली से लेकर वाराणसी तक FIR: सनातन धर्म और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद समेत अन्य नेताओं पर दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने तथा वाराणसी में कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
हमलावर पुलिस हिरासत में, दिल्ली पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी के दावों और घटनाक्रम के पूरे सीक्वेंस का सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या उसके पास वास्तव में कोई खतरनाक हथियार या चाकू मौजूद था और इसके पीछे किसी समूह का हाथ तो नहीं है।
राजनीतिक गलियारों में गरमाई सियासत
इस घटना के बाद देश भर के राजनीतिक गलियारों में बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। समर्थकों का आरोप है कि जनहित के मुद्दे उठाने वाले जनप्रतिनिधि की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक होना बेहद गंभीर मामला है। वहीं दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार विरोध की आवाज़ को दबाने के लिए धमकियों का सहारा ले रही है।






