सोशल मीडिया के एक मैसेज से हड़कंप: मोरक्को से स्पेन की सीमा की ओर क्यों उमड़े 60 हजार लोग?

संवाद 24 नई दिल्ली । उत्तरी अफ्रीका और यूरोप के मुहाने पर एक बार फिर गंभीर सीमा संकट और अफ़रातफ़री की स्थिति पैदा हो गई है। मोरक्को से स्पेन के अधिकार क्षेत्र वाले एन्क्लेव ‘स्यूटा’ (Ceuta) और ‘मेलिला’ (Melilla) की ओर लगभग 60 हज़ार लोगों का विशाल हुजूम उमड़ पड़ा। अचानक सीमा पर जुटी इस भारी भीड़ ने दोनों देशों के सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिए। इस अभूतपूर्व घटनाक्रम के पीछे जहां एक ओर आर्थिक तंगी और बेरोजगारी को बड़ा कारण माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक गुप्त और भ्रामक संदेश ने इसमें घी डालने का काम किया है।

सोशल मीडिया का ‘अफवाह का खेल’: एक मैसेज से सड़कों पर उतरे हज़ारों युवा
जांच एजेंसियों के अनुसार, टिकटॉक, व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर हाल ही में एक मैसेज तेज़ी से शेयर किया गया था। इस भ्रामक संदेश में दावा किया गया था कि “स्पेन और मोरक्को की सीमा पर सुरक्षा घेरा कुछ दिनों के लिए पूरी तरह हटा दिया गया है और यूरोपीय संघ (EU) में प्रवेश का यह मुफ़्त मौका है।” इस एक अफवाह ने देखते ही देखते सोशल मीडिया के माध्यम से जंगलात की आग की तरह फैलाव ले लिया। हज़ारों की संख्या में मोरक्कन और सब-सहारा अफ्रीका के युवा बिना किसी तैयारी के सीमा की ओर पैदल, बसों और ट्रकों में सवार होकर निकल पड़े।

आर्थिक बदहाली और युवाओं का बढ़ता असंतोष
हालाँकि, यह सामूहिक पलायन का प्रयास केवल एक अफवाह का नतीजा नहीं है। इसके पीछे की मुख्य वजह मोरक्को और पड़ोसी अफ्रीकी देशों में लंबे समय से बना हुआ आर्थिक संकट है:
बेरोजगारी की मार: मोरक्को में युवाओं के बीच बेरोजगारी की दर चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है।
बढ़ती महंगाई: खाद्य पदार्थों और बुनियादी जरूरतों की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी ने आम जनता का जीना दूभर कर दिया है।
यूरोपीय सपने की चाह: यूरोप में बेहतर आर्थिक भविष्य और काम की तलाश में युवा अपनी जान जोखिम में डालकर भी सीमा पार करने को तैयार रहते हैं।

मोरक्को और स्पैनिश बलों का कड़ा एक्शन: बॉर्डर पर तैनात किए गए टैंक और जैमर
जैसे ही 60 हज़ार लोगों के सीमा की ओर बढ़ने की खबर मिली, मोरक्को प्रशासन और स्पेनिश बॉर्डर गार्ड्स तुरंत हरकत में आए:
सुरक्षा बलों की भारी तैनाती: मोरक्को ने सीमा की ओर जाने वाले प्रमुख राजमार्गों पर सैन्य बैरिकेड्स लगा दिए और टैंक व बख्तरबंद गाड़ियां तैनात कर दीं।
आंसू गैस और बल प्रयोग: फेंस (तारबंदी) के पास पहुंची भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और पानी की बौछारें करनी पड़ीं।
साइबर कार्रवाई: अफवाहें फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नकेल कसी जा रही है। दर्जनों उकसाने वाले मास्टरमाइंड्स को हिरासत में लिया गया है।

क्या है ‘स्यूटा’ का कूटनीतिक महत्व?
स्यूटा और मेलिला, उत्तरी अफ्रीका के तट पर स्थित स्पेन के दो छोटे स्वायत्त शहर हैं। यह एकमात्र ऐसी जगह है जहाँ यूरोपीय संघ (EU) की ज़मीनी सीमा सीधे अफ्रीकी महाद्वीप से मिलती है। यही कारण है कि गैर-कानूनी प्रवासियों के लिए यूरोप में दाखिल होने का यह सबसे बड़ा और मुख्य केंद्र बिंदु बना रहता है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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