
संवाद 24 जम्मू-कश्मीर। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गायन को लेकर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के बीच छिड़ी राजनीतिक बहस में अब केंद्रशासित प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी का बयान सामने आया है। उन्होंने राष्ट्रीय गीत को देश के शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम की भावना का प्रतीक बताते हुए कहा कि हर नागरिक को इस पर गर्व होना चाहिए। उपमुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सहयोगी दल कांग्रेस ने एक सरकारी कार्यक्रम में पूरे वंदे मातरम् के गायन और उस दौरान खड़े रहने की अनिवार्यता पर सवाल उठाए थे।
‘आजादी की लड़ाई में हर घर में गूंजता था यह तराना’
श्रीनगर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की कुर्बानी से जुड़ा गीत है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए रेखांकित किया कि आजादी की लड़ाई के दौरान यह देश के सबसे प्रमुख गीतों में शामिल था। उस दौर में धर्म, जाति या समुदाय की सीमाओं से परे जाकर देश के हर हिस्से और हर घर में लोग इसे पूरे सम्मान के साथ गाते थे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह हमारा राष्ट्रीय गीत है और इस पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक संकोच नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस के ऐतराज पर दिया सधा हुआ जवाब
जब उपमुख्यमंत्री से कांग्रेस द्वारा नेशनल कॉन्फ्रेंस के रुख की जा रही आलोचना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी से खुद को अलग रखते हुए सीधा जवाब दिया। चौधरी ने कहा, “मुझे यह जानकारी नहीं है कि कांग्रेस ने इस विषय पर क्या टिप्पणी की है, लेकिन जहां तक मेरा और हमारे संविधान का सवाल है, ‘वंदे मातरम्’ हमारा राष्ट्रीय गीत है और देशवासी के तौर पर हमें इस पर पूरा गर्व है।”
विवाद की पृष्ठभूमि और मुख्यमंत्री का कड़ा रुख
इस पूरे विवाद की शुरुआत हाल ही में जम्मू-कश्मीर में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह के दौरान हुई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत के पूरे छंद गाए जाने और उस दौरान उपस्थित लोगों के खड़े रहने को लेकर राजनीतिक हलकों में ऐतराज जताया गया था। इस पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया था कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना एक संवैधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया था कि जो लोग राष्ट्रीय प्रतीकों और गीतों का अनादर करते हैं या नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से आए इन बयानों ने साफ कर दिया है कि गठबंधन में शामिल दलों के मतभेदों के बावजूद सरकार राष्ट्रीय प्रतीकों और संवैधानिक मर्यादाओं के मुद्दे पर किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है।






