
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एम्बुलेंस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एम्बुलेंस में सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना तिर्वा कोतवाली क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 192 के पास रात करीब 11:30 बजे हुई, जब तेज रफ्तार एम्बुलेंस आगे चल रहे कंटेनर से पीछे से जा टकराई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा (UPEIDA) की रेस्क्यू टीम और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
मेदांता अस्पताल से मरीज लेकर लौट रही थी एम्बुलेंस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एम्बुलेंस हरियाणा स्थित मेदांता अस्पताल से एक मरीज को डिस्चार्ज कराकर वाराणसी की ओर जा रही थी। वाहन में मरीज के साथ परिजन और एक फार्मासिस्ट भी सवार थे। हादसे में एम्बुलेंस चालक राजेश सिंह, निवासी गाजीपुर, की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं फार्मासिस्ट अमित चंद्र वर्मा तथा मरीज के परिजन सपना, सुजाता और रीतेश उर्फ सत्यम घायल हो गए, जिन्हें तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज, तिर्वा में भर्ती कराया गया।
टक्कर इतनी भीषण कि एम्बुलेंस का अगला हिस्सा चकनाचूर
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि एम्बुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन में फंस गया। काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने चालक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
चालक को झपकी आने की आशंका, जांच जारी
पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि लगातार लंबी दूरी तक वाहन चलाने के कारण चालक को झपकी आ गई होगी, जिससे एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर आगे चल रहे कंटेनर से टकरा गई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही की जाएगी।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
तिर्वा कोतवाली पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त एम्बुलेंस और कंटेनर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। चालक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि घायलों का उपचार कर उन्हें दूसरी एम्बुलेंस से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






