
ठठिया/उमर्दा, कन्नौज। कन्नौज जिले की तिर्वा तहसील क्षेत्र के ठठिया स्थित बल्लपुरवा गांव में बारिश के बाद जलभराव की समस्या गंभीर होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा मिट्टी डालकर पानी निकासी का रास्ता बंद कर दिए जाने से गलियों और घरों के आसपास पानी जमा हो गया है। लंबे समय से पानी भरे रहने के कारण ग्रामीणों को आवागमन के साथ-साथ मकानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
जलनिकासी का रास्ता बंद होने से घरों तक पहुंचा पानी
ग्रामीण हिमांशु पुत्र मुरारी ने जिलाधिकारी कन्नौज को शिकायती पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की है। शिकायत के अनुसार, जिस रास्ते से पहले ग्रामीणों का आवागमन होता था और बारिश का पानी बाहर निकलता था, उसे कथित रूप से मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया है। इसके बाद बारिश का पानी गलियों में जमा होकर आसपास के घरों तक पहुंचने लगा।
दीवारों में दरारें, मकान को सहारा देने की नौबत
शिकायतकर्ता हिमांशु के अनुसार, जलभराव के कारण उनके मकान की दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। स्थिति को देखते हुए लिंटर को लकड़ी की बल्लियों का सहारा देना पड़ा है। परिवार को आशंका है कि यदि पानी की निकासी जल्द नहीं हुई तो मकान की स्थिति और खराब हो सकती है।अन्य ग्रामीणों विनय और अनुज समेत लोगों का कहना है कि पानी घरों के भीतर तक पहुंच रहा है। जलभराव के चलते घरों के अंदर गड्ढे और नींव में पानी भरने की स्थिति बन रही है, जिससे दीवारों में सीलन बढ़ रही है और रोजमर्रा के आवागमन में भी परेशानी हो रही है।
लंबे जलभराव से संक्रमण का भी खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक, कई दिनों से जमा पानी में बदबू आने लगी है। उनका कहना है कि यदि जलनिकासी और सफाई की व्यवस्था जल्द नहीं की गई तो मच्छरों तथा गंदगी के कारण संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
कार्रवाई के दौरान विवाद का भी ग्रामीणों ने लगाया आरोप
पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी पानी निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन मौके पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं को आगे किए जाने के कारण प्रशासनिक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जलनिकासी के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की जाती है तो पर्याप्त महिला पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी प्रकार के विवाद की स्थिति से बचा जा सके।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का समाधान केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने से नहीं होगा, बल्कि बंद किए गए जलनिकासी मार्ग को खुलवाकर पानी के प्राकृतिक निकास की स्थायी व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराकर जलभराव दूर कराने तथा मकानों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।






