
संवाद 24 उत्तराखंड। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. पिछले कई घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश अब सीमांत क्षेत्र के निवासियों और तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी आफत बन चुकी है. भारी भूस्खलन और पहाड़ों से लगातार गिर रहे मलबे के कारण ऐतिहासिक व सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग लगातार दूसरे दिन भी पूरी तरह से बंद रहा. इस मार्ग के अवरुद्ध हो जाने से गर्बाधार से आगे के इलाकों में 200 से अधिक श्रद्धालु और स्थानीय लोग अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं, जिनके सामने अब बुनियादी सुविधाओं का संकट खड़ा होने लगा है.
अलग-अलग पड़ावों पर रोके गए यात्रियों के जत्थे
रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने और लगातार पत्थर गिरने के चलते जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैलास मानसरोवर यात्रा पर जा रहे चौथे दल को धारचूला में ही रोक दिया गया है. प्रशासन का साफ कहना है कि जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता और मार्ग से मलबा हटाकर सुरक्षा की हरी झंडी नहीं मिल जाती, तब तक इस दल को आगे गुंजी के लिए रवाना नहीं किया जाएगा. दूसरी तरफ, तिब्बत से पवित्र कैलास मानसरोवर की यात्रा संपन्न कर स्वदेश लौट रहा तीर्थयात्रियों का प्रथम दल भी रास्ता बंद होने की वजह से गुंजी पड़ाव पर ही फंसा हुआ है. यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है, लेकिन मार्ग खुलने के इंतजार में उनकी चिंताएं बढ़ती जा रही हैं.
धारचूला में रिकॉर्ड 92.4 मिमी बारिश से बिगड़े हालात
आपदा नियंत्रण कक्ष से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, शनिवार की शाम से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. सीमांत क्षेत्र धारचूला में सबसे ज्यादा आफत बरसी है, जहां रिकॉर्ड 92.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. इसके अलावा जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में 58 मिमी और डीडीहाट में 53 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है. इतनी भारी बारिश के कारण नदियां-नाले उफान पर हैं और पहाड़ों से चट्टानें दरकने का सिलसिला लगातार जारी है.
चीन सीमा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग सहित 17 सड़कें बंद
बारिश और भूस्खलन का असर केवल मुख्य यात्रा मार्ग पर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले की संपर्क व्यवस्था पर पड़ा है. तवाघाट-गुंजी मार्ग और थल-मुनस्यारी मुख्य मार्ग समेत जनपद की लगभग 17 आंतरिक ग्रामीण सड़कें मलबे की वजह से पूरी तरह अवरुद्ध हो चुकी हैं. सीमांत गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है. सीमा सड़क संगठन (BRO) और लोक निर्माण विभाग की टीमें मलबे को हटाने के काम में जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश और ऊपर से गिर रहे पत्थरों के कारण राहत और बचाव कार्य में भारी बाधा आ रही है. प्रशासन ने सभी यात्रियों और स्थानीय निवासियों से बेहद सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है.






