Radha Singh

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फलाहारी पुलाव: व्रत की थाली में स्वाद, पौष्टिकता और संतुलन का अनोखा मेल

संवाद 24 डेस्क। व्रत या उपवास को अक्सर सादा और सीमित भोजन से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन भारतीय खान-पान की परंपरा ने उपवास के लिए भी ऐसे अनेक व्यंजन विकसित किए हैं, जो स्वाद और पौष्टिकता दोनों का संतुलन…

क्या सचमुच गलत दिशा का द्वार घर के लिए बड़ी समस्या है? गलत दिशा में बने मुख्य द्वार के लिए बिना तोड़-फोड़ के आसान वास्तु उपाय

संवाद 24 डेस्क। वास्तुशास्त्र में मुख्य द्वार को घर का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। पारंपरिक वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में प्रवेश करने वाली ऊर्जा, प्रकाश, वायु और गतिविधियों के प्रवाह से मुख्य द्वार का संबंध जोड़ा जाता…

सरला (पाइन) औषधि: हिमालय की गोद में छिपी औषधीय विरासत

संवाद 24 डेस्क। हिमालयी पर्वतीय क्षेत्रों में दूर तक फैले चीड़ के वन केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे स्थानीय जीवन, पर्यावरण और पारंपरिक वनस्पति-ज्ञान से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। इन्हीं वृक्षों में सरला, जिसे…

जब चुप्पी केवल चुप्पी नहीं रहती मौन योग : शब्दों के पार आत्मसंवाद की साधना

संवाद 24 डेस्क। आज के तेज़ और लगातार बोलते संसार में कुछ क्षणों का मौन असाधारण अनुभव बन गया है। सुबह से रात तक बातचीत, संदेश, सूचनाएँ, सामाजिक माध्यम और तरह-तरह की आवाज़ें मन को लगातार सक्रिय रखती हैं। ऐसे…

दापोरिजो क्षेत्र के स्थानीय मंदिर और गोम्पा: आस्था, प्रकृति और सांस्कृतिक विरासत का संगम

संवाद 24 डेस्क। अरुणाचल प्रदेश का दापोरिजो क्षेत्र केवल प्राकृतिक सौंदर्य और पहाड़ी जीवन के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी बहुरंगी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। अपर सुबनसिरी जिले का मुख्यालय दापोरिजो, सुबनसिरी नदी…

मिठास की एक पुरानी कहानी मालपुआ बनाने की विधि: परंपरा, स्वाद और सही तकनीक का संगम

संवाद 24 डेस्क। भारतीय मिठाइयों की दुनिया में मालपुआ अपनी अलग पहचान रखता है। बाहर से हल्का सुनहरा, किनारों पर थोड़ा कुरकुरा और भीतर से नरम व स्वादिष्ट मालपुआ केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि भारतीय खान-पान की पारंपरिक विरासत का…

वास्तुशास्त्र के अनुसार मुख्य द्वार के लिए सबसे शुभ रंग और सामग्रियां

संवाद 24 डेस्क। किसी भी घर में मुख्य द्वार केवल आने-जाने का रास्ता नहीं होता। वास्तुशास्त्र में इसे घर के भीतर ऊर्जा, प्रकाश और वायु के प्रवेश का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। इसी कारण मुख्य द्वार की दिशा, आकार,…

एक ऐसा नाम, जिसके पीछे छिपी है रसशास्त्र की गहरी परंपरा समीरपन्नग औषधि: रसशास्त्र की परंपरा और आधुनिक दृष्टि

संवाद 24 डेस्क। आयुर्वेद की औषधीय परंपरा केवल जड़ी-बूटियों और वनस्पतियों तक सीमित नहीं रही है। इसके एक महत्वपूर्ण भाग रसशास्त्र में खनिजों, धातुओं तथा विभिन्न विशिष्ट द्रव्यों के संस्कारित रूपों से औषधीय योग तैयार करने की परंपरा विकसित हुई।…

सेवा योग: जब कर्म बन जाता है साधना का मार्ग

संवाद 24 डेस्क। भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में सेवा योग ऐसी साधना के रूप में देखा जाता है, जिसमें व्यक्ति अपने समय, श्रम, ज्ञान, क्षमता और संसाधनों का उपयोग दूसरों के कल्याण के लिए करता है। सामान्य अर्थ में सेवा का…

शि-योमी का स्थानीय बौद्ध गोम्पा: हिमालय की निस्तब्धता में जीवित आध्यात्मिक परंपरा

संवाद 24 डेस्क। अरुणाचल प्रदेश का शि-योमी जिला प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध हिमालयी क्षेत्र है। ऊँचे पर्वतों, गहरी घाटियों, कल-कल बहती नदियों और घने वन क्षेत्रों के बीच यहाँ अनेक समुदाय अपनी विशिष्ट परंपराओं के साथ जीवन…