
संवाद 24 कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि जिस ‘मां, माटी, मानुष’ के नारे पर तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आई थी, आज वही सबसे ज्यादा असुरक्षित है। बुधवार को कोलकाता में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ 2026 विधानसभा चुनाव को लेकर हुई बैठक में शाह ने साफ शब्दों में कहा कि इस बार बंगाल में बदलाव तय है और भाजपा सरकार बनेगी।
भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि बंगाल में महिलाएं असुरक्षित हैं, जमीन पर माफियाओं का कब्जा है और आम लोग पलायन के लिए मजबूर हैं। उन्होंने घुसपैठ को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि अवैध घुसपैठिए न सिर्फ राज्य की अर्थव्यवस्था पर बोझ बन चुके हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान के लिए भी बड़ा खतरा हैं।
गृह मंत्री ने ममता सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में करोड़ों रुपये के घोटाले हुए हैं। उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाला, एसएससी घोटाला, नगर निगम भर्ती घोटाला, कोयला घोटाला, राशन घोटाला, मनरेगा घोटाला और प्रधानमंत्री आवास योजना घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों ने बंगाल की जनता का भरोसा तोड़ दिया है।
अमित शाह ने दावा किया कि वर्ष 2016 से 2025 के बीच भाजपा के 300 से अधिक कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हिंसा में हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि अपने 42 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने ऐसा बलिदान और समर्पण कहीं नहीं देखा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भावुक अपील करते हुए कहा— अब समय आ गया है कि इन बलिदानों का फल मिले, इसे दिल पर लिख लो, इस बार भाजपा की सरकार बनेगी।
शाह ने कोलकाता और उसके आसपास के क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने लक्ष्य तय करते हुए कहा कि कोलकाता और आसपास की 28 विधानसभा सीटों में से 22 सीटें जीतनी हैं। इनमें जादवपुर, दमदम, जोरासांको और श्यामपुकुर जैसी सीटें शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा इन शहरी सीटों पर एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो पाई थी।
अपने लगभग एक घंटे के संबोधन में अमित शाह ने भवानीपुर विधानसभा सीट का भी उल्लेख किया, जहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2021 का उपचुनाव जीता था। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, इस बार भाजपा का फोकस ‘कोलकाता बेल्ट’ पर है, जिसमें कोलकाता, उत्तर व दक्षिण 24 परगना, हुगली और हावड़ा जिले शामिल हैं। इस पूरे क्षेत्र में करीब 140 विधानसभा सीटें हैं, जिन्हें भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
गौरतलब है कि अमित शाह 30 और 31 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर थे। दौरे के पहले दिन उन्होंने कोलकाता में प्रेस वार्ता कर ममता सरकार पर घुसपैठ रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनी, तो यहां अवैध घुसपैठ पूरी तरह बंद कर दी जाएगी और कोई परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 तक है और चुनाव मार्च–अप्रैल 2026 में होने की संभावना है। राज्य की 294 विधानसभा सीटों पर फिलहाल तृणमूल कांग्रेस की सरकार है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। भाजपा अब पूरी ताकत के साथ सत्ता परिवर्तन की तैयारी में जुट गई है।






