चुनाव आयोग की बड़ी बैठक आज, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की समय सीमा बढ़ने के आसार
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संवाद 24 न्यूज डेस्क। चुनाव आयोग आज विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची पुनरीक्षण की गति अपेक्षा से धीमी है, जिसके चलते आयोग इन राज्यों में समयसीमा बढ़ाने पर विचार कर सकता है। आयोग का मानना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन करना प्राथमिक प्राथमिकता है, इसलिए देरी को देखते हुए अतिरिक्त समय देना आवश्यक हो सकता है।
किन राज्यों में प्रगति धीमी?
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की रफ्तार धीमी बताई जा रही है, उनमें शामिल हैं, अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।
क्या है SIR?
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची की सफाई और अद्यतन करना है। इस प्रक्रिया के तहत
डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाना
मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम निकालना
नए पात्र मतदाताओं (18 वर्ष से ऊपर) के नाम जोड़ना
इस अभ्यास का दूसरा चरण वर्तमान में जारी है। पहले चरण की शुरुआत बिहार से की गई थी। दूसरे चरण में बूथ स्तर अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। कई BLO शिक्षण या अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़े होने के कारण सीमित समय में पूरा क्षेत्र कवर करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
यूपी ने मांगा दो सप्ताह का अतिरिक्त समय
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि राज्य सरकार ने SIR प्रक्रिया को पूरा करने के लिए चुनाव आयोग से दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। उनका कहना है कि मृत, स्थानांतरित और लापता मतदाताओं की प्रविष्टियों के पुन: सत्यापन के लिए यह समय ज़रूरी है। रिणवा के अनुसार, राज्य में अब तक 99.24% जनगणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। प्रदेश में यह अभ्यास 4 नवंबर से चल रहा है।
बंगाल में अंतिम प्रकाशन तिथि बढ़ाई
पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन संशोधन कार्यक्रम की समयसीमा में भी बदलाव किया गया है। चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख बढ़ाकर 14 फरवरी 2026 कर दी है। आयोग ने यह निर्णय बड़े पैमाने पर चल रहे जनगणना कार्यों और मतदान केंद्रों के उचित सत्यापन की आवश्यकता को देखते हुए लिया है।
जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार
- बूथ स्तर अधिकारियों द्वारा घर-घर सर्वेक्षण 11 दिसंबर 2025 को समाप्त होगा।
- मतदाता सूची का मसौदा 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित किया जाएगा।
- दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक होगी।
- दावों और आपत्तियों का निपटारा तथा विशेष सत्यापन 7 फरवरी 2026 तक जारी रहेगा।
- मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी इसी तिथि तक पूरा किया जाएगा।
- अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी।
आज होने वाली बैठक में आयोग इन राज्यों को अतिरिक्त समय देने पर अंतिम निर्णय ले सकता है।






