हाईकोर्ट में ममता बनर्जी को घेरकर लगे ‘चोर-चोर’ के नारे, कोर्ट परिसर में मचा हंगामा
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संवाद 24 पश्चिम बंगाल। पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट परिसर में उस समय विरोध का सामना करना पड़ा, जब सुनवाई के बाद बाहर निकलते समय कुछ लोगों ने उनके खिलाफ “चोर-चोर” के नारे लगाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते कोर्ट परिसर का माहौल गर्म हो गया और सुरक्षा कर्मियों को स्थिति संभालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पोस्ट-पोल हिंसा मामले में हाईकोर्ट पहुंचीं थीं ममता
जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा और तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हमलों से जुड़े मामले की सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट में चल रही थी। इसी मामले में ममता बनर्जी खुद वकील की पोशाक पहनकर अदालत पहुंचीं। उनके साथ वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य और कई अन्य टीएमसी नेता भी मौजूद थे। ममता बनर्जी ने अदालत में बंगाल की स्थिति को लेकर अपनी बात रखी और कहा कि राज्य को “बुलडोजर मॉडल” से नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद कई तृणमूल समर्थकों को निशाना बनाया गया और उन्हें घर छोड़ने तक पर मजबूर होना पड़ा।
अदालत से बाहर निकलते ही शुरू हुआ विरोध
सुनवाई खत्म होने के बाद जैसे ही ममता बनर्जी कोर्ट रूम से बाहर निकलीं, वहां मौजूद कुछ लोगों और वकीलों के समूह ने अचानक “चोर-चोर” के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। सुरक्षा कर्मियों और टीएमसी की लीगल सेल के सदस्यों ने किसी तरह ममता को भीड़ के बीच से निकालकर उनकी गाड़ी तक पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को ममता के चारों तरफ सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा। सोशल मीडिया पर भी इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें कोर्ट परिसर के बाहर नारेबाजी और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ता टकराव
पश्चिम बंगाल में हाल के विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। चुनाव परिणामों और उसके बाद हुई हिंसा को लेकर दोनों दल लगातार एक-दूसरे पर हमला बोल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाईकोर्ट परिसर में हुई यह घटना बंगाल की मौजूदा राजनीतिक कटुता को दर्शाती है। विपक्ष लगातार टीएमसी पर भ्रष्टाचार और हिंसा के आरोप लगा रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस भाजपा पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगा रही है।
शुभेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया भी आई सामने
इस पूरे घटनाक्रम पर पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया भी सामने आई। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे सवालों का जवाब देने के लिए समय नहीं है और वे इस तरह की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। हालांकि, टीएमसी नेताओं ने इस घटना को सुनियोजित साजिश बताते हुए भाजपा समर्थकों पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पर छाया मामला
घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर “चोर-चोर” नारेबाजी का वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। कई यूजर्स इसे बंगाल की बदलती राजनीति का संकेत बता रहे हैं, जबकि टीएमसी समर्थकों ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना की चर्चा तेज हो गई है।






