
संवाद 24 प्रतापगढ़। मंगलवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में कोहड़ौर थाना क्षेत्र के मदाफरपुर बाजार में एक रिटायर्ड फौजी पर अपने साले देवेंद्र यादव की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी को मौके पर मौजूद लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस ने उसे भीड़ से बचाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है। मृतक के पिता गया प्रसाद का आरोप है कि आरोपी ने घटना से पहले परिवार को धमकियां दी थीं। उनका दावा है कि दामाद ने यहां तक कहा था कि वह पूरे परिवार को कफन में लिटा देगा। पिता के मुताबिक, घटना वाले दिन भी आरोपी की ओर से फोन पर धमकी दी गई थी और पुलिस को सूचना देने का प्रयास किया गया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच में धमकी वाले कॉल, संदेश, पूर्व शिकायतों और घटना से पहले की परिस्थितियों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
मेडिकल स्टोर पर बैठे थे देवेंद्र, तभी पहुंचा जीजा
मदाफरपुर बाजार में देवेंद्र यादव का मकान और दुकानें हैं। परिवार के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे देवेंद्र अपने मेडिकल स्टोर पर बैठे थे। इसी दौरान उनका बहनोई कपिल यादव बुलेट मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा। परिवार का कहना है कि कपिल ने फौजी वर्दी पहन रखी थी और उसके ऊपर बुलेटप्रूफ जैकेट भी थी। दोनों पक्षों के बीच बातचीत और कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से सामने आए विवरण के अनुसार, इसके बाद आरोपी ने पिस्टल से कई राउंड फायर किए। देवेंद्र को तीन गोलियां लगने की बात कही गई है। उन्हें सिर, कमर और पैर में गोली लगने के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मदाफरपुर बाजार पहले भी गोलीबारी और गंभीर आपराधिक घटनाओं को लेकर खबरों में रहा है। स्थानीय समाचार रिपोर्टों में यहां पूर्व में हत्या, फायरिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं का उल्लेख मिलता है।
गोली चलाने के बाद भागने लगा आरोपी, भीड़ ने पकड़ा
घटना के बाद आरोपी कपिल मौके से निकलने की कोशिश कर रहा था। बताया गया है कि स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया। भीड़ ने उसके साथ मारपीट भी की और रस्सी से बांध दिया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस अभिरक्षा में उसका इलाज चल रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस के सामने अब दो महत्वपूर्ण पहलू हैं – पहला, गोलीबारी की वास्तविक परिस्थितियां और दूसरा, आरोपी द्वारा अपने बचाव में कही गई बात की सत्यता।
आरोपी का दावा, पहले मुझ पर रॉड से हमला हुआ
अस्पताल में आरोपी कपिल ने अपने बचाव में अलग कहानी बताई। उसके मुताबिक, जब वह वहां पहुंचा तो उस पर रॉड से हमला किया गया। उसका दावा है कि हमले में वह गिर गया और इसके बाद उसने अपनी पिस्टल निकाली। कपिल के अनुसार, उसने गोली आत्मरक्षा में चलाई। उसका यह भी कहना है कि वह अपने बच्चों को लेने के लिए गया था और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। उसने दावा किया कि इसी विवाद को लेकर वह वहां पहुंचा था। आरोपी के इस बयान की पुष्टि या खंडन जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
विवाद की जड़ में पत्नी को लेकर पारिवारिक कलह?
परिवार के अनुसार, कपिल यादव की शादी गया प्रसाद की इकलौती बेटी प्रियंका से करीब 18 वर्ष पहले हुई थी। कपिल उस समय सेना में कार्यरत था। दंपती के दो बच्चे हैं – एक बेटा और एक बेटी। परिवार का आरोप है कि पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि कपिल अपनी पत्नी से मायके से रुपये लाने के लिए कहता था और इसी बात को लेकर उसे परेशान करता था। परिवार का दावा है कि करीब तीन महीने पहले भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। उस समय मामला पुलिस चौकी तक पहुंचा था। परिजनों के अनुसार, पुलिस की मौजूदगी में समझौता हुआ और प्रियंका को वापस ससुराल भेज दिया गया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस शिकायत या पूर्व मुकदमे का विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों से अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका है।
भाई के घर पहुंची थी प्रियंका, फिर बढ़ गया विवाद
परिजनों के अनुसार, 17 अगस्त को प्रियंका ने अपने बड़े भाई देवेंद्र को फोन कर पारिवारिक विवाद की जानकारी दी थी। इसके बाद देवेंद्र अमेठी पहुंचे और अपनी बहन तथा उसके बच्चों को लेकर प्रतापगढ़ स्थित अपने घर आ गए। परिवार का आरोप है कि प्रियंका को मायके लाने के दौरान कपिल और देवेंद्र के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद कथित तौर पर कपिल ने देवेंद्र को धमकियां दीं। परिजनों का दावा है कि धमकी भरे फोन और संदेश भी मिले थे। यही दावा इस हत्याकांड की जांच में बेहद अहम हो सकता है। यदि पुलिस को ऐसे कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, ऑडियो या अन्य डिजिटल साक्ष्य मिलते हैं, तो उनसे घटना की पूर्व योजना और आरोपी की मंशा की जांच में मदद मिल सकती है।
पिता का दावा – पुलिस को पहले ही दी थी सूचना
मृतक के पिता गया प्रसाद ने गंभीर आरोप लगाया है कि घटना से पहले उन्होंने पुलिस को जानकारी दी थी। उनके मुताबिक, आरोपी ने घटना वाले दिन सुबह भी फोन किया था और देवेंद्र तथा परिवार के अन्य सदस्यों को कथित तौर पर धमकाया था। पिता का कहना है कि उनका घर पुलिस चौकी से करीब 50 मीटर की दूरी पर है और वह दो बार चौकी गए, लेकिन वहां पुलिसकर्मी नहीं मिले। उन्होंने बताया कि इसके बाद दरोगा को फोन करने का प्रयास किया गया और फिर डायल 112 पर सूचना दी गई। परिवार का दावा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां पहुंच गया और गोलीबारी शुरू कर दी। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच का विषय है। यदि परिवार की ओर से पहले की गई शिकायत या 112 कॉल का रिकॉर्ड उपलब्ध होता है, तो जांच में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
‘मेरी आंखों के सामने बेटे को गोली मार दी’
बेटे की हत्या का प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा कर रहे गया प्रसाद की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। परिवार के अनुसार, घटना का विवरण बताते समय वह कई बार भावुक होकर बेहोश हो गए। उन्होंने बताया कि देवेंद्र उनके तीन बेटों में सबसे बड़ा था और पूरा परिवार एक ही मकान में रहता था। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर तीन दुकानें हैं। परिवार के अनुसार, देवेंद्र और उनके भाई भूपेंद्र मेडिकल स्टोर चलाते थे, जबकि तीसरे भाई उपेंद्र की कपड़ों की दुकान है। देवेंद्र के दो बेटे भी हैं। परिवार के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती एक सदस्य की हत्या के बाद उसके पीछे छूट गए परिवार को संभालना है।
रिटायर्ड फौजी होने के कारण हथियार की जांच भी अहम
आरोपी के रिटायर्ड सैन्यकर्मी होने की बात सामने आई है। परिवार के मुताबिक वह सेना की इंजीनियर यूनिट में कार्यरत था और करीब एक वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुआ था। अब पुलिस के सामने यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि घटना में इस्तेमाल पिस्टल कहां से आई, वह लाइसेंसी थी या अवैध, उसके पास कितने कारतूस थे और गोलीबारी के दौरान कितने राउंड फायर हुए। परिवार ने करीब 10 राउंड फायर किए जाने का दावा किया है। यदि मौके से कारतूस के खोखे बरामद होते हैं तो फोरेंसिक जांच से इस दावे की पुष्टि की जा सकती है।
‘नशे में पत्नी को परेशान करता था’ परिवार का आरोप
गया प्रसाद ने अपने दामाद पर नशे का सेवन करने और नशे की हालत में बेटी को परेशान करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कपिल पर कर्ज था और मकान बनाने के बाद वह पत्नी से मायके से पैसे लाने के लिए कहता था। इन आरोपों को भी पुलिस जांच में सत्यापित किया जाना बाकी है। किसी व्यक्ति पर नशे की लत या आर्थिक अपराध से संबंधित आरोपों को तब तक तथ्य नहीं माना जा सकता, जब तक उनके समर्थन में विश्वसनीय साक्ष्य सामने न आएं।
पुलिस के सामने कई सवाल
इस हत्याकांड की जांच में कई सवालों के जवाब तलाशना जरूरी होगा – क्या आरोपी ने घटना से पहले परिवार को धमकी दी थी? क्या पुलिस चौकी या डायल 112 पर पहले शिकायत की गई थी? आरोपी के पास मौजूद पिस्टल लाइसेंसी थी या अवैध?बुलेटप्रूफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरण वह अपने साथ क्यों लेकर आया था? क्या घटना अचानक हुई या आरोपी पहले से तैयारी करके पहुंचा था? गोलीबारी में कुल कितने राउंड फायर हुए? क्या घटनास्थल से सभी खोखे और अन्य फोरेंसिक साक्ष्य बरामद हुए? क्या घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच कोई लिखित शिकायत या मुकदमा दर्ज था? आरोपी के आत्मरक्षा के दावे की पुष्टि करने वाला कोई स्वतंत्र साक्ष्य है या नहीं?
इन सवालों के जवाब पुलिस की विवेचना, फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से सामने आ सकते हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी अस्पताल में
सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा के अनुसार, जीजा द्वारा साले को गोली मारे जाने की घटना सामने आई है। घायल देवेंद्र की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोपी कपिल का पुलिस कस्टडी में अस्पताल में इलाज चल रहा है और भाई की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस की जांच यह तय करेगी कि वारदात के पीछे वास्तविक विवाद क्या था, घटना की पूर्व योजना थी या नहीं और आरोपी का आत्मरक्षा का दावा कानून और उपलब्ध साक्ष्यों की कसौटी पर कितना सही साबित होता है।






