
संवाद 24 शाहजहांपुर। शहर के वार्ड नंबर 38 स्थित बिजलीपुरा मोहल्ले में नगर निगम की ओर से कराए जा रहे नाली निर्माण को लेकर सोमवार को विवाद हो गया। स्थानीय लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए काम का विरोध किया। लोगों का आरोप है कि मौरंग की जगह मिट्टी जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। विरोध के दौरान स्थानीय लोगों और पार्षद पति के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई है। घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं।
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल
सोमवार सुबह बिजलीपुरा मोहल्ले में नाली निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री को देखा और उसकी गुणवत्ता पर आपत्ति जताई।स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली निर्माण में मौरंग के नाम पर ऐसी सामग्री इस्तेमाल की जा रही है, जिसमें मिट्टी की मात्रा अधिक है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं हुआ तो नाली की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है। लोगों ने मौके पर निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार से सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल किए और काम रोककर जांच कराने की मांग की।
विरोध के दौरान विवाद बढ़ा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मामले की जानकारी मिलने के बाद पार्षद पति मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने निर्माण सामग्री को लेकर ठेकेदार से जानकारी लेने के बजाय विरोध कर रहे लोगों से अभद्रता की। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग रखी थी, लेकिन विवाद बढ़ गया। इसके बावजूद पार्षद पति की ओर से ठेकेदार को काम जारी रखने के लिए कहा गया।
ठेकेदार ने जेई की मंजूरी का दिया हवाला
निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार का कहना है कि उसे नगर निगम की ओर से जो काम सौंपा गया है, वह उसी के अनुसार निर्माण करा रहा है। ठेकेदार के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री को संबंधित जेई ने पास किया है। ठेकेदार ने सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों से अलग अपना पक्ष रखते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराया जा रहा है।
जांच की मांग कर रहे स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक धन से होने वाले निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि यदि सामग्री मानकों के अनुरूप है तो उसकी तकनीकी जांच कराकर स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों से मौके पर इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच कराने और निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी करने की मांग की है। उनका कहना है कि नाली का निर्माण लंबे समय के लिए होना है, इसलिए शुरुआत से ही मानकों का पालन जरूरी है।
फिलहाल मामले में स्थानीय लोगों के आरोप और ठेकेदार का पक्ष सामने आया है। सामग्री की वास्तविक गुणवत्ता की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी। नगर निगम की ओर से मामले में कोई आधिकारिक जांच या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।






