
संवाद 24 हरदोई/साण्डी। उत्तर प्रदेश के जनपद हरदोई स्थित साण्डी कस्बे में शुक्रवार को गल्ला मंडी के मुख्य द्वार के निकट एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। मंडी परिसर से धान की बोरियां लादकर निकला एक भारी-भरकम कंटेनर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। वाहन के पलटते ही उसका ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट (11 KV) की हाईटेंशन लाइन से सीधे टकरा गया। इस भीषण टक्कर के कारण चबूतरे पर रखा ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गया और इलाके में जोरदार धमाके के साथ चिंगारियां उठने लगीं। हादसे के वक्त चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए केबिन से बाहर छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई। जिस वक्त यह दुर्घटना घटी, उस समय सड़क पर कोई राहगीर या अन्य वाहन मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
अनियंत्रित होकर ढलान में धंसा पहिया, सड़क पर फैला अनाज
प्रत्यक्षदर्शियों और चालक इकबाल के अनुसार, मंडी से माल लोड करने के बाद वाहन को कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए मुख्य गेट के पास सड़क किनारे खड़ा किया जा रहा था। इसी दौरान पटरी की कच्ची मिट्टी और ढलान के कारण भारी कंटेनर का संतुलन अचानक बिगड़ गया और पहिया नीचे धंस गया। कंटेनर के पलटते ही उसका पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और धान की सैकड़ों बोरियां सड़क पर बिखर गईं। हजारों किलो अनाज मार्ग पर फैल जाने से गल्ला मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। घटना के बाद मंडी में आने-जाने वाले वाहनों की कतारें लग गईं। स्थानीय श्रमिकों और किसानों ने मिलकर सड़क पर फैले धान को समेटने का काम शुरू किया।
बिजली आपूर्ति तत्काल बंद, नए ट्रांसफार्मर की प्रक्रिया शुरू
दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के उपकेंद्र को सूचना दी। सब-स्टेशन से 11 KV फीडर की विद्युत आपूर्ति तत्काल बंद कराई गई, जिससे करंट फैलने या आग लगने का बड़ा खतरा टल गया। विद्युत विभाग की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर टूटे तारों को सुरक्षित किया। ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने से मंडी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नए ट्रांसफार्मर की स्थापना के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है, जिसके बाद ही आपूर्ति बहाल हो सकेगी।
लचर बुनियादी ढांचे और सुरक्षा मानकों पर सवाल
इस दुर्घटना ने गल्ला मंडी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही वाले इस व्यापारिक क्षेत्र में 11 KV के नंगे तार काफी नीचे लटक रहे हैं, जिन्हें केबल युक्त या ऊंचा करने की मांग लंबे समय से लंबित है। इसके अलावा मंडी गेट के पास पक्के शोल्डर न होने के कारण भारी वाहनों के पहिए धंसने का जोखिम बना रहता है। खरीद सीजन के दौरान ट्रकों की कतारों और अव्यवस्थित पार्किंग के चलते भी मुड़ने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने क्रेन मंगवाकर पलटे कंटेनर को हटवाने और यातायात को सुचारू कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।






