
संवाद 24 इटावा। सैफई में 14 वर्षीय किशोरी के लापता होने का मामला 76 दिन बाद भी अनसुलझा है। परिवार के मुताबिक, 13 जुलाई की रात घर से लापता हुई किशोरी का अब तक कोई पता नहीं चला है। मामले में तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद बरामदगी न होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार दोपहर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। परिवार ने अधिकारियों से किशोरी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित करने की मांग की है।
रात में अचानक गायब हुई किशोरी
सैफई थाना क्षेत्र के नगला लाले निवासी संतोष कुमार अपने परिवार के साथ जसवंतनगर रोड पर किराये के मकान में रहते हैं। परिजनों के अनुसार 13 जुलाई की रात करीब 10 बजे उनकी 14 वर्षीय बेटी घर से अचानक लापता हो गई। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो अगले दिन पिता की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। परिवार ने पड़ोस में रहने वाले तीन युवकों पर किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है।
तीन युवकों के खिलाफ एफआईआर
पिता की शिकायत पर 14 जुलाई को सैफई थाने में राहुल उर्फ छोटू, बॉस यादव और गोलू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। परिजनों ने इन तीनों पर किशोरी को अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है। हालांकि, किशोरी के लापता होने की परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
76 दिन बीते, परिवार को नहीं मिला जवाब
किशोरी के लापता होने के बाद परिवार लगातार उसकी तलाश में जुटा है। लेकिन 76 दिन गुजर जाने के बाद भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।परिवार का कहना है कि बेटी के बारे में कोई जानकारी न मिलने के कारण वे मानसिक तनाव में हैं और पुलिस से लगातार कार्रवाई तेज करने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर सोमवार को परिवार के साथ ग्रामीण भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
विवेचक पर जानकारी नहीं देने का आरोप
किशोरी के पिता का आरोप है कि मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक स्वदेश कुमार से उन्होंने मुकदमे की प्रगति के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें जांच से संबंधित स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि इतने लंबे समय बाद भी बरामदगी नहीं होने के कारण अब मामले की जांच उच्च स्तर पर कराई जानी चाहिए।
अब विशेष टीम की मांग
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों से किशोरी को जल्द सकुशल बरामद कराने की मांग की। परिवार ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीम बनाई जाए और किशोरी की तलाश के लिए उपलब्ध सभी आवश्यक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए। परिजनों ने यह भी मांग की है कि जांच में यदि आरोपित युवकों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल किशोरी की बरामदगी इस मामले का सबसे अहम पहलू बनी हुई है। 76 दिन बाद भी उसका पता नहीं चलने से परिवार और ग्रामीण पुलिस से अब तेज और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।






