चक्रवात ‘अर्णब’ ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड, दिल्ली-एनसीआर में अचानक बदला मौसम का मिजाज

संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में मौसम ने एक ऐसी अप्रत्याशित करवट ली है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। अमूमन अक्टूबर के आखिर में हल्की गुलाबी ठंड की शुरुआत होती है, लेकिन इस बार हालात बिल्कुल अलग हैं। चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव के चलते दिल्ली-एनसीआर में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड हुआ। बादलों के डेरे और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण दिन के समय ही लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर होना पड़ा है।

​तापमान में 6.4 डिग्री की बड़ी गिरावट
​मौसम विभाग (IMD) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी के सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान लुढ़ककर 25.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह सामान्य औसत से 5.6 डिग्री सेल्सियस कम है और पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 6.4 डिग्री सेल्सियस की तेज गिरावट देखी गई है। पिछले चार वर्षों के दौरान अक्टूबर महीने में दर्ज किया गया यह दिन का सबसे कम तापमान है। ​दिनभर आसमान में घने काले बादल छाए रहे और सूरज के दर्शन दुर्लभ हो गए। दोपहर और शाम के वक्त दिल्ली के कई इलाकों – जैसे कि झारोड़ा कलां और पीतमपुरा – में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे ठिठुरन भरी हवाओं ने जोर पकड़ लिया।

​चक्रवात ‘अर्णब’ और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की दोहरी मार
​मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अप्रत्याशित मौसमी बदलाव के पीछे दो बड़े मौसमी कारक एक साथ सक्रिय हैं। स्काईमेट वेदर के विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के अवशिष्ट प्रभाव और उत्तर-पश्चिम भारत में पहुंचे पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के आपस में टकराने से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में यह स्थिति बनी है। ​इस मौसम तंत्र की वजह से सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में भी दिन के पारे में भारी गिरावट आई है। हरियाणा के करनाल और अंबाला में अधिकतम तापमान क्रमशः 20.6 और 23.8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। वहीं पंजाब के पटियाला में भी दिन का तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

​उत्तर प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
​चक्रवात अर्णब के प्रभाव का अगला बड़ा असर उत्तर प्रदेश में देखा जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए थंडरस्टॉर्म और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सुल्तानपुर और अमेठी समेत मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। ​पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट ओलावृष्टि की भी आशंका व्यक्त की गई है। किसानों के लिए यह मौसम दोहरी चिंता लेकर आया है, क्योंकि धान की कटाई और रबी फसलों की बुवाई के इस अहम दौर में असमय बारिश और तेज हवाएं खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

​अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
​मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, शनिवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार आने और आसमान साफ होने की उम्मीद है। ​वैज्ञानिकों का कहना है कि जब बादल छंटेंगे, तो दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, लेकिन रात के तापमान में गिरावट का नया दौर शुरू होगा। यानी भले ही दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिले, लेकिन रात और सुबह की ठंडक में इजाफा होगा। दिल्ली-एनसीआर के नागरिकों के लिए यह संकेत साफ है कि पंखे-कूलर बंद करने और सर्दियों की तैयारी पूरी करने का समय अब आ चुका है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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