
संवाद 24 हरियाणा। कहते हैं कि जिंदगी और मौत के बीच का फासला महज कुछ पलों का होता है, और जब खुशियों से भरा सफर अचानक चीख-पुकार और मातम में तब्दील हो जाए, तो दिल दहल उठता है। हरियाणा के नूंह जिले में देर रात एक ऐसा ही रूह कंपा देने वाला मंजर सामने आया, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। रिश्तेदारी में सगाई की खुशियां मनाकर घर की ओर हंसी-खुशी लौट रहे तीन युवकों की ईको कार को एक अनियंत्रित तेज रफ्तार भारी ट्रॉले ने ऐसी भीषण टक्कर मारी कि कुछ ही पलों में सब कुछ राख हो गया। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास का इलाका दहल उठा और कार लोहे के मलबे में तब्दील हो गई।
जश्न के माहौल से विदाई, रास्ते में इंतजार कर रही थी अनहोनी
घटना की विस्तृत जानकारी के अनुसार, तीनों युवक फिरोजपुर झिरका में आयोजित एक मांगलिक सगाई समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। दिनभर रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ हंसी-मजाक, मंगल गीतों और जश्न के माहौल में समय बिताने के बाद देर रात उन्होंने अपने घरों की ओर वापसी का सफर शुरू किया था। कार में सवार सभी लोग शादी की आगामी तैयारियों और समारोह की बातों में मशगूल थे। लेकिन उन्हें जरा भी इल्म नहीं था कि सड़क पर आगे उनके लिए मौत काल बनकर मंडरा रही है। जैसे ही उनकी ईको कार फिरोजपुर झिरका मार्ग से मुख्य रास्ते की ओर बढ़ी, सामने से बेहद अंधाधुंध रफ्तार से आ रहे एक अनियंत्रित भारी ट्रॉले ने कार को आमने-सामने से जबरदस्त टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत का असर इतना भयानक था कि ईको कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और वह पिचककर कबाड़ बन गई।
लोहे का मलबा बनी कार, बुलडोजर से निकाले गए शव
हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि कार के भीतर बैठे तीनों युवकों को संभलने का एक सेकंड का भी वक्त नहीं मिला। जोरदार टक्कर के चलते तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वाहन के बुरी तरह दब जाने और मेटल शीट के आपस में मुड़ जाने के कारण तीनों युवकों के शव अंदर ही बुरी तरह फंस गए थे। हादसे की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के राहगीर और स्थानीय ग्रामीण फौरन घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर पर शवों को बाहर निकालने की भरसक कोशिश की, लेकिन मुड़ी हुई धातु और संकरे हो चुके कैबिन की वजह से यह नामुमकिन साबित हुआ। आखिरकार स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन मौके पर बुलडोजर (जेसीबी मशीन) को बुलाया गया। भारी मशीनरी की मदद से लोहे की चादरों और मलबे को चीरकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों शवों को बाहर निकाला जा सका।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, पसरा सन्नाटा
मृतकों की पहचान अनिल (निवासी: सोहना), विवेक (निवासी: सोहना) और रवि (निवासी: गुरुग्राम) के रूप में हुई है। जैसे ही यह मनहूस खबर मृतकों के पैतृक घरों तक पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। जिस परिवार में कुछ घंटे पहले तक सगाई समारोह की खुशियों की चर्चा हो रही थी, वहां अब केवल परिजनों की चीखें और सिसकियां गूंज रही हैं। पूरे गांव और मोहल्ले में मातम पसर गया है और सन्नाटा छाया हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और कोई भी इस सच्चाई को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।
चालक वाहन छोड़कर फरार, पुलिस जांच में जुटी
हादसे को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी ट्रॉला चालक अंधेरे का फायदा उठाते हुए अपने वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया गया है। फरार अज्ञात ट्रॉला चालक के खिलाफ तेज गति, लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस की विशेष टीमें आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और हाइवे टोल प्लाजा के फुटेज खंगाल रही हैं ताकि आरोपी चालक को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि रात के वक्त हाइवे पर गति सीमा का विशेष ध्यान रखें ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।






